गाजियाबाद/देहरादून। प्रदेश में नकली और अवैध औषधियों के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) और गाजियाबाद क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। संयुक्त टीम ने उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में छापेमारी कर अंतरराज्यीय स्तर पर संचालित नकली दवा बनाने वाली फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। कार्रवाई के दौरान मौके से बड़ी मात्रा में नकली दवाएं, पैकिंग सामग्री और दवा निर्माण से जुड़े उपकरण बरामद किए गए हैं।
अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई। संयुक्त टीम ने देहरादून के देवीपुर न्यू हाईवे रोड, परवाल क्षेत्र में स्थित एक संदिग्ध परिसर में दबिश दी। जांच के दौरान सामने आया कि इस परिसर में लंबे समय से नकली दवाओं का निर्माण किया जा रहा था। आरोपी देश की प्रतिष्ठित दवा कंपनियों के नाम और ट्रेडमार्क का गलत इस्तेमाल कर नकली दवाएं तैयार कर रहे थे।
प्रारंभिक जांच में पता चला कि अवैध फैक्ट्री में कई बड़ी दवा कंपनियों के नाम से नकली दवाएं बनाई जा रही थीं। इनमें सिप्ला, ल्यूपिन, डॉ. रेड्डीज, एल्डर, माइक्रो, मैनकाइंड, इंटास, एबॉट, सन फार्मा, एरिस्टो, मैक्लियोड्स और जाइडस जैसी कंपनियों के नाम शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि इन कंपनियों के ब्रांड नाम और पैकिंग का इस्तेमाल कर लोगों को धोखा दिया जा रहा था।
टीम ने मौके से दवाओं की पैकिंग के लिए इस्तेमाल होने वाले रैपर, लेबल, मशीनें और अन्य सामग्री बरामद की है। इसके अलावा कई तैयार दवाएं भी जब्त की गई हैं। बरामद सामग्री की जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कितनी मात्रा में नकली दवाएं तैयार की गईं और इन्हें कहां-कहां सप्लाई किया गया।
अधिकारियों के मुताबिक नकली दवाओं का कारोबार आम लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है। ऐसी दवाओं में गुणवत्ता और मानकों का पालन नहीं किया जाता, जिससे मरीजों की जान तक जोखिम में पड़ सकती है। इसी को देखते हुए सरकार और औषधि विभाग लगातार ऐसे अवैध कारोबारियों के खिलाफ अभियान चला रहे हैं।
संयुक्त टीम अब इस पूरे नेटवर्क की जांच में जुट गई है। अधिकारियों को आशंका है कि इस फैक्ट्री से दवाओं की सप्लाई केवल एक जिले तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसका नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हो सकता है। जांच एजेंसियां फैक्ट्री संचालकों, सप्लाई चैन से जुड़े लोगों और खरीदारों की जानकारी जुटा रही हैं।
FSDA और क्राइम ब्रांच की इस कार्रवाई को नकली दवा माफिया के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, नकली दवाओं के कारोबार में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे दवाएं खरीदते समय सावधानी बरतें और केवल अधिकृत मेडिकल स्टोर से ही दवाएं खरीदें। किसी भी संदिग्ध दवा या बिना बिल की बिक्री की जानकारी संबंधित विभाग को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।