मुरादाबाद: मंडल के रेल कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करते हुए बालामऊ हेल्थ यूनिट को अब लखनऊ के प्रतिष्ठित चरक हॉस्पिटल से संबद्ध कर दिया गया है। इस फैसले के बाद रेल कर्मचारियों और उनके आश्रितों को बेहतर और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा।
हरदोई क्षेत्र के बालामऊ में स्थित हेल्थ यूनिट से जुड़े रेल कर्मचारियों को अब गंभीर बीमारियों और विशेष उपचार के लिए बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी। पहले कर्मचारियों को कई बार इलाज के लिए अन्य स्थानों पर जाना पड़ता था, जिससे समय और परेशानी दोनों बढ़ती थी। अब चरक हॉस्पिटल लखनऊ से जुड़ने के बाद उन्हें विशेषज्ञ डॉक्टरों और बेहतर चिकित्सा सुविधाओं तक आसान पहुंच मिल सकेगी।
बालामऊ हेल्थ यूनिट को निजी अस्पताल से जोड़ने की मांग काफी समय से की जा रही थी। उत्तर रेलवे मजदूर यूनियन ने इस मुद्दे को लगातार रेलवे प्रशासन के सामने उठाया था। यूनियन के शाखा मंत्री राजीव गुप्ता ने 14 फरवरी 2026 को उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक को सौंपे गए एजेंडे में इस मांग को प्रमुखता से शामिल किया था।
इसके बाद 17 मार्च 2026 को आयोजित मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) पीएनएम बैठक में भी इस विषय को मजबूती से रखा गया। बैठक में यूनियन की ओर से बताया गया था कि निजी अस्पताल के संबद्धीकरण से जुड़ी फाइल लंबे समय से लंबित है, जिसके कारण रेल कर्मचारियों को जरूरी चिकित्सा सुविधाओं का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है।
बैठक के दौरान डीआरएम ने इस मामले में जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया था। इसके बाद रेलवे प्रशासन ने पहल करते हुए चरक हॉस्पिटल लखनऊ को बालामऊ हेल्थ यूनिट से संबद्ध करने की प्रक्रिया पूरी कर दी। इस फैसले के बाद रेल कर्मचारियों में खुशी का माहौल है।
रेल कर्मचारियों का कहना है कि यह कदम स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा। खासकर उन कर्मचारियों और उनके परिवारों को इसका ज्यादा लाभ मिलेगा, जिन्हें गंभीर बीमारियों के इलाज, जांच और विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं की आवश्यकता होती है।
चरक हॉस्पिटल लखनऊ से जुड़ने के बाद कर्मचारियों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलने की उम्मीद है। इससे उन्हें इलाज के लिए निजी अस्पतालों में अलग से व्यवस्था करने की परेशानी कम होगी। साथ ही समय पर इलाज मिलने से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का बेहतर समाधान हो सकेगा।
उत्तर रेलवे मजदूर यूनियन ने इस फैसले को कर्मचारियों की लंबे संघर्ष के बाद मिली सफलता बताया है। यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं को लगातार रेलवे प्रशासन के सामने उठाया जाता रहा है और बालामऊ हेल्थ यूनिट को बेहतर चिकित्सा सुविधा से जोड़ना उन्हीं प्रयासों का परिणाम है।
रेलवे कर्मचारियों के लिए स्वास्थ्य सुविधाएं हमेशा एक महत्वपूर्ण मुद्दा रही हैं। ड्यूटी के दौरान कर्मचारियों को कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, ऐसे में बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था उनके और उनके परिवारों के लिए बेहद जरूरी होती है। चरक हॉस्पिटल जैसे बड़े संस्थान से संबद्धता मिलने से चिकित्सा व्यवस्था में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
रेलवे प्रशासन के इस निर्णय से मुरादाबाद मंडल के अंतर्गत आने वाले कर्मचारियों को सीधा फायदा मिलेगा। आने वाले समय में बालामऊ हेल्थ यूनिट के माध्यम से मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने की दिशा में भी काम किया जा सकता है। फिलहाल इस फैसले से रेल कर्मचारियों और उनके संगठनों में संतोष का माहौल है।