इमरजेंसी ड्यूटी पर डॉक्टर को बदमाशों ने बनाया निशाना 25 हजार लूटे

बदायूं अस्पताल में बेखौफ बदमाश डॉक्टर से लूटकर फरार

Update: 2026-08-09 04:11 GMT

बदायूं : उत्तर प्रदेश के बदायूं जिला अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाली घटना सामने आई है। यहां इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात एक डॉक्टर से दिनदहाड़े चाकू की नोक पर 25 हजार रुपये लूट लिए गए। अस्पताल परिसर में हुई इस वारदात से डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के बीच दहशत का माहौल बन गया। घटना के बाद अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। जिस जगह मरीजों और उनके परिजनों की आवाजाही लगातार बनी रहती है, वहां बदमाशों के इस तरह बेखौफ होकर वारदात को अंजाम देने से अस्पताल प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर चर्चा शुरू हो गई है।

इमरजेंसी ड्यूटी के दौरान वारदात
बताया जा रहा है कि डॉक्टर इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात थे। इसी दौरान बदमाश उनके पास पहुंचे और चाकू दिखाकर धमकाने लगे। आरोप है कि बदमाशों ने डॉक्टर से 25 हजार रुपये नकद लूट लिए। अचानक हुई इस वारदात से डॉक्टर घबरा गए। बदमाश वारदात के बाद मौके से फरार हो गए।
दिनदहाड़े अस्पताल में लूट से मचा हड़कंप
अस्पताल जैसी जगह पर दिन के समय लूट की घटना सामने आने से वहां मौजूद लोगों में भी चिंता बढ़ गई। जिला अस्पताल में रोजाना बड़ी संख्या में मरीज और उनके परिजन आते हैं। ऐसे में अस्पताल परिसर में हथियार दिखाकर लूट की घटना सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर स्थिति को सामने लाती है। स्वास्थ्यकर्मियों का कहना है कि अस्पताल में काम करने वाले कर्मचारियों और डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
अस्पताल में डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ मरीजों के इलाज में व्यस्त रहते हैं। अगर परिसर में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं हो, तो अपराधियों के लिए ऐसी घटनाओं को अंजाम देना आसान हो सकता है। इस घटना के बाद अस्पताल परिसर में सुरक्षा कर्मियों की मौजूदगी, निगरानी और प्रवेश व्यवस्था को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।
पुलिस जांच में जुटी
घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। बदमाशों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए आसपास के इलाकों में जानकारी जुटाई जा सकती है। अस्पताल परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी जांच का अहम हिस्सा हो सकती है। फुटेज के जरिए पुलिस संदिग्धों की पहचान करने और उनके आने-जाने के रास्ते का पता लगाने की कोशिश कर सकती है।
डॉक्टरों में बढ़ी चिंता
अस्पताल में ड्यूटी करने वाले डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के लिए यह घटना चिंता का विषय बन गई है। इमरजेंसी विभाग में अक्सर चौबीसों घंटे काम होता है और डॉक्टरों को कई बार रात या कम भीड़ वाले समय में भी ड्यूटी करनी पड़ती है। ऐसे में अस्पताल में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था होना जरूरी है, ताकि स्वास्थ्यकर्मी बिना डर के मरीजों का इलाज कर सकें।
अस्पताल परिसर में सुरक्षा क्यों जरूरी?
अस्पतालों में मरीजों के साथ बड़ी संख्या में तीमारदार भी पहुंचते हैं। भीड़भाड़ के कारण सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। इसके बावजूद इमरजेंसी और संवेदनशील स्थानों पर निगरानी मजबूत रखना जरूरी है। सीसीटीवी कैमरे, पर्याप्त सुरक्षा कर्मी, नियंत्रित प्रवेश और संदिग्ध गतिविधियों पर तत्काल कार्रवाई जैसे उपाय अस्पतालों में सुरक्षा मजबूत करने में मदद कर सकते हैं।
बदमाशों की तलाश
लूट की घटना के बाद पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती आरोपियों को जल्द पकड़ना है। अगर सीसीटीवी फुटेज या प्रत्यक्षदर्शियों से महत्वपूर्ण जानकारी मिलती है तो जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर सकती है कि आरोपी अस्पताल में पहले से मौजूद थे या डॉक्टर को किसी तरह निशाना बनाया गया।

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