लखनऊ : उत्तर प्रदेश में एक बार फिर मानसून सक्रिय होने जा रहा है। मौसम विभाग ने 13 से 18 अगस्त के बीच प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में व्यापक बारिश के साथ कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 13 अगस्त से पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश का नया दौर शुरू होगा, जो अगले दिन यानी 14 अगस्त तक मध्य और पश्चिमी हिस्सों तक पहुंच सकता है। इस दौरान कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग के मुताबिक 13 अगस्त को पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश हो सकती है। सोनभद्र, चंदौली, गाजीपुर, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर और बलरामपुर में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, संत रविदास नगर, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संतकबीरनगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, फर्रुखाबाद, कन्नौज, सुल्तानपुर, अयोध्या, अंबेडकरनगर, शाहजहांपुर समेत आसपास के इलाकों में बादलों की गरज और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है।
14 अगस्त को बारिश का दायरा और बढ़ने का अनुमान है। इस दिन कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, सोनभद्र, मिर्जापुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, सहारनपुर, कासगंज, औरैया, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल और बदायूं में भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा प्रदेश के कई अन्य हिस्सों में भी बारिश और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है।
मौसम विभाग ने 14 अगस्त को प्रदेश के बड़े हिस्से में आकाशीय बिजली गिरने की आशंका भी जताई है। बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, संत रविदास नगर, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या और अंबेडकरनगर समेत कई जिलों में मौसम खराब रह सकता है।
15 अगस्त को भी प्रदेश के कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना है। प्रयागराज, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, संत रविदास नगर, लखीमपुर खीरी, सहारनपुर, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल और बदायूं में भारी बारिश हो सकती है। ऐसे में स्वतंत्रता दिवस के आयोजनों पर भी मौसम का असर देखने को मिल सकता है। खुले स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित करने वालों को स्थानीय मौसम की स्थिति पर नजर रखने की जरूरत होगी।
16 अगस्त को भी बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है। प्रयागराज, प्रतापगढ़, सोनभद्र, चंदौली, वाराणसी, संत रविदास नगर, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, गोरखपुर, संतकबीरनगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, बाराबंकी, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अंबेडकरनगर, सहारनपुर, बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत और शाहजहांपुर में भारी बारिश के आसार हैं।
17 अगस्त को पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बारिश का प्रभाव अधिक रह सकता है। जौनपुर, आजमगढ़, गोरखपुर, संतकबीरनगर, बस्ती, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, बाराबंकी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अंबेडकरनगर और पीलीभीत में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
18 अगस्त को भी बारिश का दौर पूरी तरह खत्म होने के संकेत नहीं हैं। आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संतकबीरनगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती और अंबेडकरनगर समेत आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश हो सकती है।
लगातार बारिश के दौरान निचले इलाकों में जलभराव, सड़कों पर फिसलन और यातायात प्रभावित होने जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं। वहीं बिजली गिरने की आशंका वाले क्षेत्रों में लोगों को खुले मैदान, पेड़ या बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचने की जरूरत है। किसानों को भी मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार खेतों में जरूरी कार्य करने की सलाह दी गई है।
कुल मिलाकर 13 से 18 अगस्त के बीच उत्तर प्रदेश में मानसून का प्रभाव व्यापक रहने वाला है। पूर्वी हिस्से से शुरू होने वाली बारिश धीरे-धीरे मध्य और पश्चिमी जिलों तक पहुंच सकती है। ऐसे में अगले छह दिनों तक प्रदेश के लोगों को मौसम के बदलते मिजाज पर नजर रखनी होगी। भारी बारिश और आकाशीय बिजली की चेतावनी वाले जिलों में प्रशासन को भी सतर्क रहने की जरूरत है।
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