मुजफ्फरनगर। शहर के महावीर चौक पर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के संयुक्त धरना-प्रदर्शन के दौरान हुए विवाद ने अब कानूनी रूप ले लिया है। प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, स्थानीय मंत्री और पूर्व मंत्री के समर्थन में आवाज उठाने पहुंचे एक कोयला कारोबारी के साथ कथित मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई की है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के आदेश पर थाना सिविल लाइन पुलिस ने सपा नेता युधिष्ठिर पहलवान, उनकी पत्नी डॉ. मोनिका और 6-7 अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच तेज कर दी है।
एफआईआर के अनुसार, सुमन विहार निवासी कोयला कारोबारी कुलदीप सिंह 21 जुलाई की रात करीब 11 बजे अपने घर लौट रहे थे। रास्ते में वह महावीर चौक पर पानी की बोतल खरीदने के लिए रुके। इसी दौरान वहां समाजवादी पार्टी और कांग्रेस का संयुक्त धरना-प्रदर्शन चल रहा था। मौके पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे और मंच से नेताओं के भाषण चल रहे थे।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि उन्होंने धरना स्थल पर पहुंचकर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और अन्य नेताओं के समर्थन में अपनी बात रखनी शुरू की। इसके बाद वहां मौजूद कुछ लोगों ने विरोध करना शुरू कर दिया। आरोप है कि इसी दौरान उनके साथ कहासुनी हुई और मामला बढ़ गया।
कुलदीप सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि उनके साथ मारपीट की गई, अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया और उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान कई लोग मौके पर मौजूद थे और कुछ लोगों ने उनके साथ धक्का-मुक्की भी की।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया। वीडियो के आधार पर पुलिस ने घटनाक्रम की जांच शुरू की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वायरल वीडियो की सत्यता की भी जांच की जा रही है और उसमें दिखाई देने वाले लोगों की पहचान की जा रही है।
थाना सिविल लाइन पुलिस ने शिकायत के आधार पर सपा नेता युधिष्ठिर पहलवान, उनकी पत्नी डॉ. मोनिका समेत अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, इस मामले को लेकर राजनीतिक माहौल भी गरमा गया है। एक ओर शिकायतकर्ता पक्ष ने इसे दबाव बनाने और हमला करने की घटना बताया है, जबकि दूसरी ओर आरोपी पक्ष की प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए मामले पर नजर रखी जा रही है। जांच में सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जाएंगे और साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।