लखनऊ : 28 अक्टूबर 2026। उत्तर प्रदेश में विधान परिषद (MLC) चुनाव के नतीजों को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए दावा किया कि गोरखपुर में भाजपा को नैतिक हार का सामना करना पड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान भाजपा ने प्रशासनिक मशीनरी का दुरुपयोग किया और विपक्षी उम्मीदवारों को हराने के लिए कथित अनियमितताओं का सहारा लिया। अखिलेश यादव ने वाराणसी और आगरा में समाजवादी पार्टी के प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए कहा कि इन चुनावों ने भाजपा के खिलाफ जनता की नाराजगी को उजागर किया है। हालांकि, गोरखपुर में घोषित परिणाम के अनुसार भाजपा उम्मीदवार ने जीत दर्ज की है।
'गोरखपुर में भी भाजपा की नैतिक हार हुई'
अखिलेश यादव ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा करते हुए गोरखपुर के चुनाव परिणाम पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने चुनावी प्रक्रिया में राजनीतिक दांवपेच अपनाए, जिससे समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार को नुकसान पहुंचा।सपा प्रमुख ने कहा कि यदि गोरखपुर में कथित चुनावी हेराफेरी नहीं हुई होती, तो वहां भी वाराणसी जैसा परिणाम देखने को मिल सकता था।उन्होंने दावा किया कि गोरखपुर में जीत दर्ज करने के बावजूद भाजपा को नैतिक रूप से हार का सामना करना पड़ा है।अखिलेश के इस बयान के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में नया विवाद शुरू हो गया है। भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच चुनावी प्रक्रिया तथा मतगणना की निष्पक्षता को लेकर आरोप-प्रत्यारोप सामने आ रहे हैं।
एमएलसी चुनाव में भाजपा को बताया 'ऑल आउट'
समाजवादी पार्टी प्रमुख ने विधान परिषद चुनाव के परिणामों को लेकर भाजपा पर कटाक्ष किया। उन्होंने दावा किया कि एमएलसी चुनाव में भाजपा की राजनीतिक स्थिति कमजोर हुई है।अखिलेश यादव ने एक्स पर लिखा कि भाजपा उत्तर प्रदेश के विधान परिषद चुनाव में पूरी तरह 'ऑल आउट' हो गई है।उन्होंने वाराणसी में भाजपा के प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए लखनऊ और दिल्ली के भाजपा नेताओं के बीच कथित असहजता पर भी तंज कसा।अखिलेश यादव के अनुसार, चुनाव परिणाम इस बात का संकेत हैं कि शिक्षक और स्नातक मतदाताओं के बीच भाजपा के खिलाफ असंतोष मौजूद है।हालांकि, उनका यह बयान राजनीतिक टिप्पणी है। वास्तविक चुनावी स्थिति का आकलन संबंधित सीटों के आधिकारिक परिणामों के आधार पर ही किया जाना चाहिए।
सपा उम्मीदवार संजयन त्रिपाठी की हार पर उठाए सवाल
गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार डॉ. संजयन त्रिपाठी की हार के बाद अखिलेश यादव ने चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर आरोप लगाए।उन्होंने दावा किया कि भाजपा नेताओं और कुछ प्रशासनिक अधिकारियों ने मिलकर सपा उम्मीदवार को हराने की कोशिश की।अखिलेश ने कहा कि डॉ. संजयन त्रिपाठी के साथ हुए कथित व्यवहार को शिक्षक समाज नहीं भूलेगा।उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने चुनाव जीतने के लिए अनुचित तरीकों का इस्तेमाल किया और मतगणना के दौरान भी गड़बड़ी की गई।दूसरी ओर, घोषित चुनावी परिणाम में गोरखपुर सीट पर भाजपा उम्मीदवार ने जीत हासिल की, जबकि समाजवादी पार्टी का उम्मीदवार तीसरे स्थान पर रहा।सपा की ओर से लगाए गए धांधली के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध समाचार रिपोर्टों में नहीं हुई है।
वाराणसी और आगरा के परिणामों से उत्साहित सपा
विधान परिषद चुनाव में वाराणसी और आगरा की सीटों पर समाजवादी पार्टी के प्रदर्शन ने पार्टी कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाया है।वाराणसी में समाजवादी पार्टी के लाल बिहारी यादव ने जीत दर्ज की। वहीं, आगरा खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में सपा उम्मीदवार डॉ. आकाश अग्रवाल ने द्वितीय वरीयता के मतों की गणना के बाद जीत हासिल की।इन परिणामों को लेकर अखिलेश यादव ने भाजपा की चुनावी रणनीति पर सवाल उठाए।उन्होंने दावा किया कि शिक्षकों और स्नातक मतदाताओं के बीच समाजवादी पार्टी को समर्थन मिल रहा है।हालांकि, विधान परिषद चुनाव में विभिन्न सीटों पर अलग-अलग परिणाम सामने आए हैं और भाजपा ने भी कई सीटों पर जीत दर्ज की है।
केशव प्रसाद मौर्य पर भी कसा तंज
अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की टिप्पणी पर भी प्रतिक्रिया दी।दरअसल, केशव मौर्य ने समाजवादी पार्टी की चुनावी जीत को लेकर टिप्पणी की थी। इसके जवाब में अखिलेश यादव ने दावा किया कि पीडीए की जीत से कुछ लोग अंदर ही अंदर खुश हैं।उन्होंने कहा कि किसी राजनीतिक दल से अलग होने के बावजूद पुराने संबंध पूरी तरह समाप्त नहीं होते।अखिलेश की यह प्रतिक्रिया प्रदेश में भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच जारी राजनीतिक बयानबाजी का हिस्सा मानी जा रही है।सपा प्रमुख ने अपने बयान में पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक यानी पीडीए समीकरण का भी उल्लेख किया।
मतगणना को लेकर कार्यकर्ताओं को दिया संदेश
अखिलेश यादव ने समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं से चुनाव परिणामों की आधिकारिक घोषणा होने तक सतर्क रहने की अपील की।उन्होंने कहा कि जब तक उम्मीदवारों को जीत का प्रमाणपत्र नहीं मिल जाता, तब तक कार्यकर्ताओं को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।इसके साथ ही उन्होंने कार्यकर्ताओं से शांति बनाए रखने और किसी भी प्रकार के अनावश्यक प्रदर्शन या विवाद से बचने की सलाह दी।सपा अध्यक्ष ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया पूरी होने तक सभी कार्यकर्ताओं को संयम और अनुशासन बनाए रखना चाहिए।उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया में कुछ अधिकारियों ने कथित रूप से भाजपा का पक्ष लिया। अखिलेश ने कहा कि ऐसे मामलों में जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए।
2027 विधानसभा चुनाव को लेकर बढ़ी राजनीतिक बयानबाजी
उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में विधान परिषद के चुनावी परिणामों को लेकर भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच बयानबाजी तेज हो गई है।अखिलेश यादव ने दावा किया कि शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के परिणाम भाजपा सरकार के कामकाज के प्रति असंतोष को दर्शाते हैं।उन्होंने कहा कि शिक्षकों की समस्याओं, रोजगार और अन्य जनहित के मुद्दों को लेकर समाजवादी पार्टी आवाज उठाती रहेगी।वहीं, भाजपा की ओर से भी चुनाव परिणामों को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट की जा रही है। पार्टी ने गोरखपुर सहित कई सीटों पर जीत दर्ज की है।विधान परिषद के इन चुनावों में मतदाता समूह विधानसभा चुनावों से अलग हैं। इसलिए इनके परिणामों को पूरे प्रदेश के मतदाताओं की राय का सीधा प्रतिनिधित्व नहीं माना जा सकता।
यूपी की राजनीति में तेज हुआ आरोप-प्रत्यारोप
एमएलसी चुनाव के नतीजों ने उत्तर प्रदेश में राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है। अखिलेश यादव जहां वाराणसी और आगरा में समाजवादी पार्टी के प्रदर्शन का हवाला देकर भाजपा पर निशाना साध रहे हैं, वहीं गोरखपुर के परिणाम को लेकर उन्होंने चुनावी अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं।गोरखपुर में भाजपा की घोषित जीत और अखिलेश यादव के 'नैतिक हार' वाले दावे के बीच राजनीतिक मतभेद स्पष्ट दिखाई दे रहा है।फिलहाल चुनाव परिणामों के बाद दोनों दल अपनी-अपनी व्याख्या सामने रख रहे हैं। आने वाले दिनों में इन आरोपों पर चुनाव अधिकारियों की प्रतिक्रिया और संबंधित पक्षों की ओर से प्रस्तुत साक्ष्य महत्वपूर्ण होंगे।