उन्नाव। उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 को एक दर्दनाक हादसा हो गया। गंगाघाट कोतवाली क्षेत्र के घोंघी रौतापुर गांव में निर्माणाधीन मकान की शटरिंग खोलते समय अचानक स्लैब और सीढ़ियों का हिस्सा भरभराकर गिर पड़ा। हादसे के दौरान वहां काम कर रहे तीन मजदूर भारी मलबे में दब गए। इनमें दो लोगों की मौत हो गई, जबकि एक मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। राहत-बचाव अभियान चलाकर मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला गया। घायल मजदूर को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका उपचार जारी है।
मृतकों की पहचान कानपुर निवासी 35 वर्षीय जयप्रकाश कोरी और फतेहपुर निवासी 32 वर्षीय सोहन के रूप में हुई है। वहीं, सोहन के पिता रामकृपाल हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए हैं। पुलिस ने दोनों मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रशासन ने हादसे की परिस्थितियों की जांच शुरू कर दी है।
शटरिंग खोलते समय अचानक गिर गया स्लैब
जानकारी के अनुसार, घटना बुधवार दोपहर करीब 1:45 बजे की है। गंगाघाट कोतवाली क्षेत्र के घोंघी रौतापुर ग्राम पंचायत में रॉयल सिटी नाम से विकसित की जा रही प्लॉटिंग में एक मकान का निर्माण कार्य चल रहा था।बताया गया कि मकान के बेसमेंट और सीढ़ियों की शटरिंग खोलने का काम किया जा रहा था। इसी दौरान अचानक कंक्रीट का स्लैब और सीढ़ियों का हिस्सा नीचे गिर गया।हादसा इतनी तेजी से हुआ कि नीचे काम कर रहे मजदूरों को सुरक्षित निकलने का मौका नहीं मिला। भारी मलबा गिरने से तीनों उसके नीचे दब गए।घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों में अफरातफरी मच गई। हादसे की जानकारी तत्काल पुलिस और प्रशासन को दी गई।
कानपुर निवासी व्यक्ति के मकान में हुआ हादसा
जिस निर्माणाधीन मकान में हादसा हुआ, वह कानपुर के मंगला विहार निवासी किशन गुप्ता का बताया गया है।मकान के बेसमेंट में निर्माण कार्य से संबंधित शटरिंग हटाई जा रही थी। इसी दौरान यह दुर्घटना हुई।आमतौर पर निर्माणाधीन भवनों में छत या स्लैब को सहारा देने के लिए शटरिंग का इस्तेमाल किया जाता है। कंक्रीट के पर्याप्त मजबूत होने के बाद ही शटरिंग को निर्धारित तकनीकी प्रक्रिया के अनुसार हटाया जाना चाहिए।हालांकि, इस हादसे में स्लैब किस कारण गिरा, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।यह जांच का विषय है कि शटरिंग हटाने की प्रक्रिया में किसी तरह की तकनीकी कमी थी या निर्माण से जुड़ी अन्य परिस्थितियों के कारण दुर्घटना हुई।
मलबे में दबकर जयप्रकाश और सोहन की मौत
हादसे में जान गंवाने वाले पहले व्यक्ति की पहचान 35 वर्षीय जयप्रकाश कोरी के रूप में हुई है।जयप्रकाश कानपुर के रामादेवी क्षेत्र स्थित पटेल नगर के रहने वाले थे।दूसरे मृतक की पहचान 32 वर्षीय सोहन के रूप में हुई है। वह फतेहपुर जिले के हुसैनगंज क्षेत्र के सहानीपुर गांव के निवासी थे।दोनों निर्माण कार्य से जुड़े हुए थे और घटना के समय मकान में काम कर रहे थे।स्लैब गिरने से उन्हें गंभीर चोटें आईं और उनकी मौत हो गई।पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
बेटे की मौत, पिता रामकृपाल गंभीर रूप से घायल
इस दुर्घटना का सबसे दुखद पहलू यह है कि मृतक सोहन के पिता रामकृपाल भी उसके साथ काम कर रहे थे।हादसे में सोहन की मौत हो गई, जबकि उसके पिता रामकृपाल गंभीर रूप से घायल हो गए।रामकृपाल को मलबे से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज जारी है।पिता-पुत्र के एक ही निर्माण स्थल पर दुर्घटना का शिकार होने की घटना बेहद दुखद है।परिवार के एक सदस्य की मौत और दूसरे के गंभीर रूप से घायल होने से परिजनों के सामने कठिन परिस्थितियां पैदा हो गई हैं।
सरिया काटकर और स्लैब तोड़कर निकाले गए शव
दुर्घटना की सूचना मिलने के बाद घटनास्थल पर राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया।स्लैब और लोहे के सरियों के बीच मजदूरों के फंसे होने के कारण बचाव कार्य चुनौतीपूर्ण रहा।अधिकारियों के अनुसार, मलबे में दबे दोनों मृतकों को बाहर निकालने के लिए लोहे के सरिए काटने पड़े और कंक्रीट के स्लैब को तोड़ना पड़ा।
इसके बाद शवों को बाहर निकाला जा सका।
घायल रामकृपाल को भी सुरक्षित निकालकर उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।बचाव कार्य के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर मौजूद रहकर स्थिति की निगरानी की।
एसडीएम और एसपी सिटी पहुंचे घटनास्थल
हादसे की जानकारी मिलते ही सदर उपजिलाधिकारी राजेश विश्वकर्मा और अपर पुलिस अधीक्षक नगर आयुष श्रीवास्तव मौके पर पहुंचे।दोनों अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और राहत-बचाव कार्य की निगरानी की।अधिकारियों ने निर्माणाधीन मकान की स्थिति और दुर्घटना से जुड़ी परिस्थितियों की जानकारी ली।इसके साथ ही पुलिस ने मृतकों की पहचान कर उनके परिजनों को सूचना देने और आगे की कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की।
प्रशासन के अनुसार, मामले की जांच की जा रही है।
निर्माण कार्य में लापरवाही हुई या तकनीकी खराबी?इस हादसे के बाद निर्माण स्थल पर सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं।सबसे बड़ा सवाल यह है कि शटरिंग हटाते समय स्लैब और सीढ़ियों का हिस्सा अचानक क्यों गिर गया।निर्माण कार्यों में शटरिंग हटाने का समय और तरीका बेहद महत्वपूर्ण होता है। यदि कंक्रीट पर्याप्त मजबूत न हुआ हो या उसे मिलने वाला सहारा समय से पहले हटा दिया जाए, तो दुर्घटना का जोखिम बढ़ सकता है।इसके अलावा निर्माण सामग्री की गुणवत्ता, डिजाइन और कार्यस्थल की निगरानी भी महत्वपूर्ण होती है।हालांकि, उन्नाव की इस घटना में इनमें से किसी एक कारण को जिम्मेदार ठहराने की पुष्टि नहीं हुई है।जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि हादसा किसी तकनीकी कमी, निर्माण संबंधी लापरवाही या अन्य कारण से हुआ।
निर्माण स्थलों पर मजदूरों की सुरक्षा जरूरी
निर्माणाधीन इमारतों में काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा एक महत्वपूर्ण विषय है।स्लैब, दीवार और सीढ़ियों के निर्माण या मरम्मत के दौरान भारी सामग्री के गिरने का खतरा बना रहता है।विशेषज्ञों के अनुसार, शटरिंग खोलने से पहले संबंधित संरचना की मजबूती का तकनीकी आकलन करना चाहिए।इसके साथ ही मजदूरों को हेलमेट, सुरक्षा जूते और अन्य आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराना जरूरी है।जहां भारी निर्माण सामग्री गिरने का जोखिम हो, वहां अनावश्यक रूप से मजदूरों की मौजूदगी नहीं होनी चाहिए।निर्माण कार्य की उचित निगरानी और प्रशिक्षित कर्मचारियों की मौजूदगी से कई दुर्घटनाओं के जोखिम को कम किया जा सकता है।
दो मजदूरों की मौत से परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़
उन्नाव में हुई इस घटना ने दो परिवारों को गहरा आघात पहुंचाया है।जयप्रकाश और सोहन रोजी-रोटी के लिए निर्माण कार्य करने पहुंचे थे, लेकिन अचानक हुए हादसे ने उनकी जान ले ली।वहीं, सोहन के पिता रामकृपाल का अस्पताल में उपचार जारी है।हादसे के बाद निर्माण स्थलों पर सुरक्षा नियमों के पालन और मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता एक बार फिर सामने आई है।अब प्रशासनिक जांच में यह स्पष्ट होना जरूरी है कि स्लैब गिरने की वास्तविक वजह क्या थी और क्या निर्माण कार्य के दौरान निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था।
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