आटा मिलों में छापेमारी, नमूने जांच को भेजे

Update: 2026-08-04 11:27 GMT

औरैया: खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने मंगलवार को जिले की विभिन्न आटा मिलों पर सघन जांच अभियान चलाया। अभियान के दौरान अधिकारियों ने आटे की गुणवत्ता की जांच करते हुए नमूने एकत्र किए और नियमों के उल्लंघन की आशंका में एक हजार किलोग्राम से अधिक गेहूं का आटा सीज कर दिया। विभाग की कार्रवाई से आटा मिल संचालकों में हड़कंप मचा रहा।

खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह विशेष अभियान चलाया। अधिकारियों ने विभिन्न आटा मिलों पर पहुंचकर वहां तैयार किए जा रहे गेहूं के आटे की गुणवत्ता, भंडारण व्यवस्था और खाद्य सुरक्षा मानकों का निरीक्षण किया। इस दौरान संदिग्ध पाए गए आटे के नमूने लेकर उन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई।

खाद्य सुरक्षा अधिकारी विजय कुमार श्रीवास और अनिल कुमार संखवार के नेतृत्व में टीम ने सबसे पहले मिनी इंडस्ट्रियल एरिया, औरैया स्थित एक आटा मिल पर पहुंचकर जांच की। टीम ने मिल में तैयार किए जा रहे गेहूं के आटे का नमूना संग्रहित किया। जांच प्रक्रिया के दौरान अधिकारियों ने 698 किलोग्राम गेहूं का आटा नियमानुसार सीज कर दिया। सीज किए गए आटे की अनुमानित कीमत करीब 20,242 रुपये बताई गई है।

इसके बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम मधुपुर स्थित एक अन्य आटा मिल पहुंची। यहां भी अधिकारियों ने आटे की गुणवत्ता की जांच की और गेहूं के आटे का नमूना लिया। निरीक्षण के दौरान टीम ने 323 किलोग्राम गेहूं का आटा सीज किया। इसकी अनुमानित कीमत लगभग 9,690 रुपये बताई गई है।

विभाग के अधिकारियों के अनुसार, पूरे अभियान के दौरान कुल दो नमूने एकत्र किए गए हैं। इन नमूनों को जांच के लिए खाद्य विश्लेषक प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आटा निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप है या नहीं। यदि जांच में किसी प्रकार की कमी या नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित मिल संचालकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

खाद्य सुरक्षा विभाग समय-समय पर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए ऐसे अभियान चलाता रहता है। अधिकारियों का कहना है कि आम लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य से बाजारों, दुकानों, प्रतिष्ठानों और खाद्य निर्माण इकाइयों की नियमित जांच की जाती है।

अधिकारियों ने बताया कि आटा रोजमर्रा के भोजन का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसकी गुणवत्ता से सीधे तौर पर लोगों के स्वास्थ्य का संबंध जुड़ा होता है। ऐसे में आटा मिलों में साफ-सफाई, कच्चे माल की गुणवत्ता, तैयार उत्पाद के रखरखाव और खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित करना जरूरी है। विभाग की टीम इसी उद्देश्य से लगातार निरीक्षण अभियान चला रही है।

छापेमारी अभियान के दौरान अधिकारियों ने मिल संचालकों को खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी खाद्य उत्पाद में मिलावट या गुणवत्ता से संबंधित लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में विभाग सख्त कार्रवाई करेगा।

खाद्य सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि जांच अभियान आगे भी जारी रहेगा। जिले में संचालित खाद्य निर्माण इकाइयों और बिक्री केंद्रों की नियमित निगरानी की जाएगी, ताकि बाजार में गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।

मंगलवार की कार्रवाई में कुल 1,021 किलोग्राम से अधिक गेहूं का आटा सीज किया गया। विभाग की इस कार्रवाई को खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर नियंत्रण रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

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