मैनपुरी। त्योहारों और शादी-ब्याह के सीजन में मिठाइयों की मांग बढ़ने के साथ ही मिलावटखोरी और घटतौली की शिकायतें भी सामने आने लगी हैं। दुकानदारों की ओर से ग्राहकों को मिठाई के साथ डिब्बे का वजन भी तौलकर दिए जाने का मामला सामने आया है। शनिवार को जिला विधिक माप विज्ञान विभाग की टीम ने शहर के विभिन्न बाजारों में मिठाई की दुकानों पर जांच अभियान चलाया। इस दौरान कई दुकानदार मिठाई के साथ डिब्बे का वजन भी करते मिले। जांच में जब डिब्बे हटाकर मिठाई का दोबारा वजन कराया गया तो 120 से 150 ग्राम तक मिठाई कम पाई गई। विभागीय टीम ने संबंधित दुकानदारों को अंतिम चेतावनी देते हुए नियमानुसार बिक्री करने के निर्देश दिए।

जानकारी के अनुसार, जिला विधिक माप विज्ञान अधिकारी हर्ष मिश्रा ने शनिवार दोपहर अपनी टीम के साथ शहर के प्रमुख बाजारों में औचक निरीक्षण किया। टीम ने लेनगंज, घंटाघर, करहल चौराहा, कचहरी रोड और देवी रोड स्थित मिठाई की दुकानों पर पहुंचकर बिक्री व्यवस्था और तौलने के तरीके की जांच की। इस दौरान अधिकारियों ने दुकानदारों को ग्राहकों को सही वजन में मिठाई देने और डिब्बे का वजन मिठाई के वजन में शामिल नहीं करने के निर्देश दिए।

डिब्बे समेत तौल रहे थे मिठाई

जांच के दौरान टीम को कई दुकानों पर घटतौली का तरीका देखने को मिला। दुकानदार ग्राहकों को मिठाई देने के लिए डिब्बे सहित तराजू पर वजन कर रहे थे। ऐसे में ग्राहक जिस मात्रा में मिठाई खरीदने के पैसे दे रहे थे, उन्हें वास्तविकता में उससे कम मिठाई मिल रही थी।

टीम ने जब इस स्थिति को देखा तो जिला विधिक माप विज्ञान अधिकारी हर्ष मिश्रा ने खुद दुकानों पर पहुंचकर मिठाई का दोबारा वजन कराने का निर्णय लिया। उन्होंने दुकानदारों से पहले से तौली गई मिठाई के डिब्बे हटवाए और केवल मिठाई का वजन कराया। इस दौरान चौंकाने वाला अंतर सामने आया।

120 से 150 ग्राम तक कम मिली मिठाई

दोबारा वजन करने पर मिठाई की वास्तविक मात्रा में 120 से 150 ग्राम तक की कमी मिली। यानी ग्राहक को जितनी मिठाई देने के नाम पर वजन किया जा रहा था, डिब्बे का वजन हटाने के बाद उसमें काफी अंतर सामने आया।

इस तरह की घटतौली से ग्राहकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। उदाहरण के तौर पर यदि कोई व्यक्ति एक किलो मिठाई खरीदता है और दुकानदार डिब्बे का वजन भी मिठाई के वजन में जोड़ देता है, तो ग्राहक को निर्धारित मात्रा से कम मिठाई मिलती है, जबकि उससे पूरी कीमत वसूली जाती है।

जांच में सामने आई इस स्थिति के बाद अधिकारियों ने दुकानदारों को स्पष्ट किया कि मिठाई और डिब्बे का वजन अलग-अलग होना चाहिए। ग्राहकों को निर्धारित मात्रा में ही सामग्री उपलब्ध कराना व्यापारियों की जिम्मेदारी है।

हर्ष मिश्रा ने दुकानदारों को दी अंतिम चेतावनी

जिला विधिक माप विज्ञान अधिकारी हर्ष मिश्रा ने निरीक्षण के दौरान दुकानदारों को नियमों का पालन करने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि ग्राहकों को सही वजन में सामग्री उपलब्ध कराई जानी चाहिए। डिब्बे का वजन मिठाई के वजन में शामिल करके बिक्री करना उचित नहीं है।

टीम ने दुकानदारों को अंतिम चेतावनी देते हुए कहा कि आगे से इस तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। सभी दुकानदार नियमानुसार मिठाई की बिक्री करें और तौल में पारदर्शिता बनाए रखें।

अधिकारियों ने दुकानदारों को यह भी समझाया कि ग्राहकों के साथ वजन के मामले में किसी प्रकार की चालाकी करना अनुचित है। व्यापार में विश्वास बनाए रखने के लिए सही माप और तौल का इस्तेमाल करना आवश्यक है।

त्योहारी सीजन में बढ़ जाती हैं घटतौली की शिकायतें

त्योहारों के दौरान मिठाई, नमकीन और अन्य खाद्य सामग्री की बिक्री में तेजी आती है। इसी दौरान घटतौली और मिलावटखोरी की शिकायतें भी बढ़ने लगती हैं। कई ग्राहक मिठाई खरीदते समय केवल डिब्बे पर लिखे वजन या दुकानदार द्वारा बताए गए वजन पर भरोसा कर लेते हैं। ऐसे में उन्हें वास्तविक मात्रा की जानकारी नहीं मिल पाती।

डिब्बे का वजन भी मिठाई के साथ जोड़कर कीमत वसूलना ग्राहकों के लिए नुकसानदायक हो सकता है। खासकर बड़ी मात्रा में मिठाई खरीदने वाले लोगों को इसका अधिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

विधिक माप विज्ञान विभाग का काम बाजार में इस्तेमाल होने वाले तौल उपकरणों और माप की शुद्धता सुनिश्चित करना है। विभाग समय-समय पर दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर यह जांच करता है कि ग्राहकों को निर्धारित माप के अनुसार सामान दिया जा रहा है या नहीं।

ग्राहक भी रखें इन बातों का ध्यान

विशेषज्ञों के अनुसार, मिठाई या अन्य सामग्री खरीदते समय ग्राहकों को कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए। दुकानदार से मिठाई का वास्तविक वजन पूछना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि डिब्बे का वजन अलग रखा गया है। जरूरत पड़ने पर खाली डिब्बे का वजन भी जांचा जा सकता है।

इसके अलावा दुकानदार से सही वजन की रसीद लेने और तौल में गड़बड़ी होने पर संबंधित विभाग में शिकायत करने का विकल्प भी मौजूद है।

जिला विधिक माप विज्ञान विभाग की इस कार्रवाई के बाद बाजार के दुकानदारों में हलचल देखने को मिली। अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि ग्राहकों को सही वजन में मिठाई देना अनिवार्य है और नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मिठाई खरीदने से पहले जरूर करें वजन की जांच

शनिवार को हुई जांच में 120 से 150 ग्राम तक मिठाई कम मिलने का मामला सामने आने के बाद ग्राहकों को भी सतर्क रहने की जरूरत है। मिठाई खरीदते समय केवल दुकानदार के बताए वजन पर भरोसा करने के बजाय वास्तविक वजन की जांच करनी चाहिए।

फिलहाल विभाग ने संबंधित दुकानदारों को अंतिम चेतावनी देकर नियमानुसार बिक्री करने के निर्देश दिए हैं। आने वाले दिनों में बाजारों में जांच अभियान जारी रहने की संभावना है। यदि दोबारा घटतौली पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

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