प्रयागराज SRN में बढ़ेंगी सुपर स्पेशलिटी सुविधाएं

Update: 2026-07-31 11:21 GMT

प्रयागराज: स्वरूपरानी नेहरू (SRN) अस्पताल का जल्द ही बड़े स्तर पर कायाकल्प होने जा रहा है। मंडल के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में शामिल SRN को अब लखनऊ के प्रतिष्ठित संजय गांधी पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (SGPGI) की तर्ज पर विकसित करने की योजना बनाई गई है। इस विस्तार के बाद अस्पताल में जटिल बीमारियों का इलाज, बड़े ऑपरेशन और आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

शासन स्तर पर अस्पताल के उच्चीकरण और विस्तार की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। योजना के तहत SRN अस्पताल में बेड की संख्या दोगुनी से भी ज्यादा बढ़ाई जाएगी। वर्तमान में अस्पताल में करीब 1294 बेड की सुविधा है, जिसे बढ़ाकर लगभग 3000 बेड तक करने की तैयारी है। इससे मरीजों को भर्ती होने में होने वाली परेशानियों से राहत मिलेगी और स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होगा।

अस्पताल के विस्तार के लिए करीब 50 हजार वर्ग मीटर अतिरिक्त जमीन उपलब्ध कराई गई है। इसी जमीन पर नए भवनों और चिकित्सा सुविधाओं का विकास किया जाएगा। योजना के तहत अस्पताल परिसर में अलग-अलग विभागों के लिए विशेष ब्लॉक बनाए जाएंगे। इसमें मेडिकल, सर्जरी, मैटरनिटी और कैंसर उपचार के लिए अलग व्यवस्थाएं होंगी।

इसके अलावा अस्पताल के ट्रामा सेंटर को भी आधुनिक रूप दिया जाएगा। नया ट्रामा सेंटर महात्मा गांधी मार्ग पर स्थापित करने की योजना है। इससे गंभीर मरीजों को तत्काल उपचार मिल सकेगा और दुर्घटनाओं के मामलों में बेहतर आपातकालीन सुविधा उपलब्ध होगी।

SRN अस्पताल में वर्तमान में प्रयागराज के अलावा कौशांबी, प्रतापगढ़, जौनपुर, भदोही, मिर्जापुर, सोनभद्र, चित्रकूट, बांदा समेत मध्य प्रदेश के रीवा, सीधी, सतना, पन्ना और सागर जैसे क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। मरीजों की बढ़ती संख्या के कारण अस्पताल की मौजूदा सुविधाएं पर्याप्त नहीं हो पा रही थीं। इसी को देखते हुए सरकार ने अस्पताल के विस्तार का फैसला लिया है।

अस्पताल को SGPGI जैसी सुविधाओं से लैस करने के लिए शासन ने एक उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया है। इस कमेटी की अध्यक्षता महानिदेशक स्वास्थ्य नेहा शर्मा करेंगी। इसमें मेडिकल कॉलेज कानपुर, आगरा, SGPGI लखनऊ और अन्य प्रमुख चिकित्सा संस्थानों के विशेषज्ञों को शामिल किया गया है। SRN अस्पताल के प्रिंसिपल डॉ. एके वर्मा को नोडल अधिकारी बनाया गया है।

कमेटी का काम अस्पताल की वर्तमान स्वास्थ्य सेवाओं का मूल्यांकन करना और भविष्य की जरूरतों के अनुसार विस्तृत योजना तैयार करना है। इसके लिए मेडिकल विशेषज्ञों और इंजीनियरिंग विभागों को भवन निर्माण, विभागों के विस्तार और अस्पताल की विभिन्न इकाइयों को आपस में जोड़ने की योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

SRN अस्पताल के इस बड़े प्रोजेक्ट का निर्माण दो चरणों में किया जाएगा। इसके लिए इंटीग्रेटेड प्लानिंग तैयार की जा रही है, ताकि अस्पताल में मरीजों, डॉक्टरों और कर्मचारियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। नए भवनों के साथ आधुनिक चिकित्सा उपकरण, बेहतर आपातकालीन सेवाएं और सुपर स्पेशलिटी उपचार की व्यवस्था विकसित की जाएगी।

अधिकारियों के अनुसार, परियोजना के लिए डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसके लिए एजेंसी का चयन किया जा रहा है। डीपीआर तैयार होने के बाद निर्माण कार्य की दिशा में तेजी लाई जाएगी।

सरकार का उद्देश्य SRN अस्पताल को पूर्वांचल और आसपास के क्षेत्रों के लिए एक बड़े चिकित्सा केंद्र के रूप में विकसित करना है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद मरीजों को गंभीर बीमारियों और बड़े ऑपरेशन के लिए दूसरे शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। प्रयागराज को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में बड़ी सौगात मिलने की उम्मीद है।

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