यूपी में खाद संकट पर योगी का एक्शन, व्यवस्था सुधारने के आदेश

Update: 2026-07-28 12:04 GMT

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में खरीफ सीजन के दौरान किसानों को उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कहा है कि किसानों को उनकी जरूरत के अनुसार समय पर खाद उपलब्ध कराई जाए और किसी भी स्तर पर कालाबाजारी या जमाखोरी की शिकायत मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाए। सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में उर्वरक का पर्याप्त भंडार मौजूद है और किसानों को परेशान होने की जरूरत नहीं है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि खरीफ सीजन में धान सहित अन्य फसलों की बुवाई के लिए किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कृषि विभाग और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे लगातार निगरानी रखें ताकि वितरण व्यवस्था सुचारू बनी रहे। साथ ही उन्होंने किसानों से अपील की कि वे किसी भी तरह की अफवाह या भ्रामक सूचना पर ध्यान न दें और जरूरत से ज्यादा खाद का भंडारण न करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष की तुलना में इस साल प्रदेश में अधिक मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराया गया है। सरकार का उद्देश्य है कि हर किसान को बिना किसी परेशानी के समय पर खाद मिल सके। इसके लिए जिला और मंडल स्तर के अधिकारियों को नियमित रूप से स्थिति की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं।

कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि प्रदेश में किसानों के लिए उर्वरक का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। खरीफ सीजन 2026 के तहत 27 जुलाई तक प्रदेश में कुल 28.25 लाख मीट्रिक टन उर्वरक की बिक्री हो चुकी है, जबकि अभी भी 29.05 लाख मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार आपूर्ति और वितरण व्यवस्था पर नजर बनाए हुए है।

विभागीय आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में यूरिया, डीएपी, एनपीके, एसएसपी और एमओपी समेत सभी प्रमुख उर्वरकों का पर्याप्त भंडार मौजूद है। अब तक 20.47 लाख मीट्रिक टन यूरिया का वितरण किया जा चुका है, जबकि 14.77 लाख मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध है। इसी तरह डीएपी की 3.96 लाख मीट्रिक टन बिक्री हुई है और 4.81 लाख मीट्रिक टन स्टॉक मौजूद है।

एनपीके उर्वरक की 1.43 लाख मीट्रिक टन बिक्री के बाद 4.90 लाख मीट्रिक टन उपलब्ध है। वहीं एसएसपी की 2.15 लाख मीट्रिक टन बिक्री हुई है और 3.46 लाख मीट्रिक टन स्टॉक बचा है। एमओपी यानी म्यूरिएट ऑफ पोटाश की 0.24 लाख मीट्रिक टन बिक्री के बाद 1.11 लाख मीट्रिक टन उपलब्ध है।

कृषि निदेशक डॉ. पंकज त्रिपाठी ने बताया कि प्रदेश के सभी 18 मंडलों में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि यदि किसी जिले में किसानों को खाद मिलने में कोई परेशानी होती है तो वे संबंधित जिले या मंडल के कृषि अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं। विभाग ने अधिकारियों को किसानों की शिकायतों का तत्काल समाधान करने के निर्देश दिए हैं।

मंडलवार उपलब्धता की बात करें तो कानपुर मंडल में 1,43,076 मीट्रिक टन, लखनऊ में 1,38,186 मीट्रिक टन, बरेली में 1,16,987 मीट्रिक टन और प्रयागराज में 1,11,070 मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध है। इसके अलावा वाराणसी, आगरा, गोरखपुर, मेरठ समेत अन्य मंडलों में भी पर्याप्त स्टॉक रखा गया है।

सरकार ने खाद बिक्री केंद्रों पर भी निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को कहा गया है कि किसानों को निर्धारित दर पर ही उर्वरक उपलब्ध कराया जाए। यदि कोई विक्रेता अधिक कीमत वसूलता है या खाद की कृत्रिम कमी पैदा करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

कृषि विभाग का कहना है कि खरीफ फसलों के लिए किसानों को किसी भी तरह की समस्या नहीं आने दी जाएगी। सरकार की निगरानी व्यवस्था और पर्याप्त स्टॉक के चलते प्रदेश में खाद संकट की स्थिति नहीं है। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद प्रशासनिक स्तर पर सतर्कता और बढ़ा दी गई है।

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