ऊना। हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में स्थित जिला कारागार बनगढ़ में एक विचाराधीन बंदी से संदिग्ध सामग्री मिलने का मामला सामने आया है। जेल प्रशासन ने तलाशी के दौरान बंदी के पास से कुछ गोलियां और सफेद पाउडर जैसी सामग्री बरामद की है। मामले में पुलिस ने बंदी और उसके पिता के खिलाफ कारागार अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

घटना के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि जेल के अंदर प्रतिबंधित सामग्री कैसे पहुंची और इसमें किन लोगों की भूमिका हो सकती है।

मुलाकात के बाद तलाशी में हुआ खुलासा

पुलिस के अनुसार, जिला कारागार बनगढ़ के सहायक अधीक्षक ओंकार सिंह की शिकायत के आधार पर यह मामला दर्ज किया गया है।

शिकायत में बताया गया कि 14 अगस्त को करीब पौने चार बजे विचाराधीन बंदी प्रदीप कुमार से मिलने उसके पिता बलवीर पहुंचे थे। प्रदीप कुमार मूल रूप से बागली कलां, तहसील समराला, जिला लुधियाना (पंजाब) का रहने वाला बताया जा रहा है।

जेल नियमों के अनुसार मुलाकात का समय समाप्त होने के बाद बंदी की नियमित जांच की गई। इसी दौरान मुख्य द्वार पर तैनात गेटकर्मी ने प्रदीप कुमार की तलाशी ली।

तलाशी के दौरान उसके पास से एक पुड़िया बरामद हुई, जिसमें कुछ गोलियां और सफेद पाउडर जैसी संदिग्ध सामग्री मौजूद थी।

जेल प्रशासन ने पुलिस को दी सूचना

संदिग्ध सामग्री मिलने के बाद जेल प्रशासन ने तुरंत मामले की जानकारी पुलिस को दी। इसके बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की।

पुलिस ने बरामद सामग्री को कब्जे में लेकर जांच के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि बरामद गोलियां और सफेद पाउडर किस प्रकार की सामग्री है।

बंदी और पिता के खिलाफ मामला दर्ज

पुलिस ने इस मामले में विचाराधीन बंदी प्रदीप कुमार और उसके पिता बलवीर कुमार के खिलाफ कारागार अधिनियम की प्रासंगिक धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।

प्रारंभिक जांच में पुलिस इस बात की पड़ताल कर रही है कि क्या मुलाकात के दौरान ही यह सामग्री बंदी तक पहुंचाई गई थी या इसके पीछे कोई अन्य माध्यम शामिल था।

पुलिस दोनों से पूछताछ कर मामले की पूरी कड़ी जोड़ने का प्रयास कर रही है।

जेल सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

जेल के अंदर प्रतिबंधित सामग्री पहुंचने की घटनाएं समय-समय पर सामने आती रही हैं। ऐसे मामलों के बाद जेलों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठते हैं।

हालांकि जेल प्रशासन की ओर से मुलाकात करने आने वाले लोगों और बंदियों की नियमित जांच की जाती है, लेकिन इसके बावजूद कई बार ऐसी घटनाएं सामने आ जाती हैं।

बनगढ़ जेल की इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त करने की जरूरत महसूस की जा रही है।

बरामद सामग्री की जांच जारी

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी बरामद सामग्री की जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही यह पता चलेगा कि सफेद पाउडर और गोलियां वास्तव में क्या हैं।

इसके अलावा पुलिस यह भी जांच कर रही है कि बरामद सामग्री प्रतिबंधित श्रेणी में आती है या नहीं।

मुलाकात प्रक्रिया की भी होगी जांच

जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि बंदी से मिलने आए उसके पिता ने मुलाकात के दौरान किसी तरह से नियमों का उल्लंघन किया या नहीं।

जेल में प्रवेश से पहले और मुलाकात के बाद सुरक्षा जांच की पूरी प्रक्रिया की भी समीक्षा की जा सकती है।

अगर जांच में किसी तरह की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।

जेल प्रशासन सतर्क

घटना के बाद जिला कारागार प्रशासन सतर्क हो गया है। जेल अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी है।

जेल परिसर में आने-जाने वाले लोगों की निगरानी बढ़ाई जा सकती है और तलाशी प्रक्रिया को और मजबूत किया जा सकता है।

पुलिस जांच में जुटी

फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

इस मामले में बंदी और उसके पिता से पूछताछ की जा रही है। साथ ही बरामद सामग्री की जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

यदि जांच में प्रतिबंधित सामग्री मिलने की पुष्टि होती है तो आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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