Noida नोएडा : यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने अवैध कॉलोनियों और अनधिकृत निर्माण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। प्राधिकरण ने अपने द्वितीय चरण क्षेत्र में शुक्रवार को जनपद अलीगढ़ के टप्पल क्षेत्र के ग्राम मरोरगढ़ी और आसपास विकसित की जा रही अवैध कॉलोनियों पर बुलडोजर चलाकर निर्माणों को ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई के दौरान सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराया गया।
यीडा अधिकारियों के अनुसार, ध्वस्तीकरण अभियान के तहत हरित वाटिका मरोरगढ़ी सहित आसपास के क्षेत्रों में विकसित की जा रही कई अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई की गई। अभियान के दौरान करीब डेढ़ लाख वर्गमीटर क्षेत्रफल में फैले अवैध निर्माणों को हटाया गया। प्राधिकरण ने बताया कि कब्जामुक्त कराई गई भूमि का अनुमानित बाजार मूल्य करीब 450 करोड़ रुपये है।
कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों ने विरोध करने का प्रयास किया, लेकिन मौके पर पहले से मौजूद भारी पुलिस बल के कारण स्थिति नियंत्रण में रही। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में अभियान को शांतिपूर्ण तरीके से पूरा कराया गया। अधिकारियों ने बताया कि अवैध निर्माण करने वालों को पहले भी चेतावनी दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद नियमों का उल्लंघन जारी रहने पर यह कार्रवाई की गई।
यह अभियान यीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी राकेश कुमार सिंह के निर्देश पर चलाया गया। कार्रवाई के लिए विशेष कार्याधिकारी शैलेंद्र कुमार सिंह, उप जिलाधिकारी अभिषेक शाही, तहसीलदार मनोज कुमार सिंह, प्राधिकरण के परियोजना विभाग के अधिकारी और अलीगढ़ पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम मौके पर मौजूद रही।
यीडा अधिकारियों ने बताया कि प्राधिकरण क्षेत्र में बिना अनुमति विकसित की जा रही कॉलोनियों और अनधिकृत प्लॉटिंग के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। प्राधिकरण का उद्देश्य क्षेत्र में नियोजित विकास को बढ़ावा देना और सरकारी जमीन को अवैध कब्जों से मुक्त कराना है।
प्राधिकरण ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे जमीन या भूखंड खरीदने से पहले उसकी वैधानिक स्थिति की जांच अवश्य करें। अधिकारियों ने कहा कि कई बार लोग बिना जांच-पड़ताल के अवैध कॉलोनियों में प्लॉट खरीद लेते हैं, जिसके बाद उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है।
यीडा ने लोगों को सलाह दी है कि वे अधिसूचित क्षेत्र में किसी भी जमीन की खरीद से पहले संबंधित विभाग से भूमि की स्थिति, स्वीकृति और दस्तावेजों की जांच जरूर कर लें। बिना अनुमति की गई प्लॉटिंग और निर्माण में निवेश करने से बचें।
प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी अवैध कॉलोनियों, अनधिकृत निर्माण और सरकारी भूमि पर कब्जा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में विकास कार्यों को नियमों के अनुसार संचालित करना और सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा करना उनकी प्राथमिकता है।
यीडा की इस कार्रवाई से अवैध कॉलोनी विकसित करने वाले लोगों में हड़कंप मच गया है। प्राधिकरण ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में भी ऐसे क्षेत्रों की पहचान कर अभियान को और तेज किया जाएगा।