Champawat: सरकार ने सीमावर्ती गांवों के समग्र विकास के लिए शुरू किया एचवीडीपी

एचवीडीपी कार्यक्रम से सीमांत गांवों में विकास कार्य होंगे तेज

Update: 2026-07-11 06:30 GMT

चम्पावत: सीमांत क्षेत्र के गांवों में समग्र और सतत विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राजकीय इंटर कॉलेज डाडाककनई में शुक्रवार को नेस्ले इंडिया एवं बीएआईएफ संस्था के सहयोग से संचालित उत्तराखंड सीएसआर-2026 समग्र ग्रामीण विकास कार्यक्रम (एचवीडीपी) का शुभारंभ किया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम का उद्घाटन किया, जबकि कार्यक्रम स्थल पर दर्जा राज्य मंत्री श्याम नारायण पांडे मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने ग्रामीण विकास में जनभागीदारी, स्वरोजगार और संसाधनों के प्रभावी उपयोग पर बल दिया। उन्होंने कहा कि गांवों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा, आजीविका और आधारभूत सुविधाओं के क्षेत्र में समन्वित प्रयास आवश्यक हैं।

उपजिलाधिकारी टनकपुर तथा मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी.एस. खाती ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि इसके अंतर्गत स्वास्थ्य, स्वच्छता, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, जल संरक्षण, सौर ऊर्जा, ग्राम स्तरीय आधारभूत संरचना, महिला स्वयं सहायता समूहों के सशक्तिकरण, कौशल विकास, स्वरोजगार और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों पर कार्य किया जाएगा।

वर्चुअल संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से सीधे बातचीत भी की। ग्राम ककनई के निवासी जगदीश मेहरा और पवन मेहरा ने क्षेत्र की समस्याओं एवं विकास संबंधी सुझाव मुख्यमंत्री के समक्ष रखे। मुख्यमंत्री ने उनकी बातों को सुनते हुए आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया।

खराब मौसम और रुक-रुक कर हो रही बारिश के बावजूद कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भागीदारी रही। क्षेत्रवासियों ने कार्यक्रम को गांवों के विकास और आजीविका संवर्धन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।

इस अवसर पर क्षेत्र पंचायत सदस्य सुंदर सिंह बोहरा, दीपा जोशी, मुकेश कलखुड़िया, ग्राम प्रधान, ग्राम विकास अधिकारी सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी और स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।

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