Dehradun देहरादून : उत्तराखंड के सीमांत जिले पिथौरागढ़ में लगातार हो रही भारी बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मुनस्यारी के मल्ला जोहार क्षेत्र में बारिश के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। तेज बारिश के चलते बिल्जू नदी उफान पर आ गई है, जिससे मिलम जाने वाला मुख्य सड़क मार्ग बंद हो गया है। सड़क संपर्क टूटने से क्षेत्र के करीब 80 से 90 परिवारों के सामने आवागमन का संकट खड़ा हो गया है।
हालात इतने गंभीर हैं कि ग्रामीण रोजमर्रा की जरूरतों के लिए अपनी जान जोखिम में डालकर उफनती नदी पार करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में स्थायी पुल नहीं होने के कारण राशन, दवाइयां और अन्य जरूरी सामान पहुंचाना बेहद मुश्किल हो गया है। बारिश के दौरान नदी का जलस्तर बढ़ने से लोगों में हर समय हादसे का डर बना रहता है।
ग्रामीणों ने बताया कि अगर किसी व्यक्ति की अचानक तबीयत खराब हो जाए या कोई स्वास्थ्य आपात स्थिति पैदा हो जाए तो उसे अस्पताल तक पहुंचाना बेहद चुनौतीपूर्ण हो जाता है। नदी पार करने के दौरान कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
पिछले साल बह गई थी झूला ट्रॉली
स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले वर्ष अगस्त महीने में भारी बारिश के दौरान नदी पार कराने वाली झूला ट्रॉली भी बह गई थी। इसके बाद से ग्रामीणों को उम्मीद थी कि प्रशासन जल्द ही कोई स्थायी व्यवस्था करेगा, लेकिन अब तक न तो झूला ट्रॉली की मरम्मत कराई गई और न ही स्थायी पुल का निर्माण शुरू हुआ।
मजबूरी में ग्रामीणों ने लकड़ियों की मदद से एक अस्थायी पुल तैयार किया है। इसी अस्थायी व्यवस्था के सहारे लोग नदी पार कर रहे हैं। हालांकि, तेज बहाव के बीच यह अस्थायी पुल भी ग्रामीणों के लिए खतरे से खाली नहीं है।
प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की
स्थानीय लोगों का कहना है कि एक और मानसून शुरू हो चुका है, लेकिन क्षेत्र की समस्या जस की तस बनी हुई है। बारिश के दौरान आवाजाही पूरी तरह प्रभावित हो जाती है और ग्रामीणों को हर दिन खतरा उठाकर जरूरी कामों के लिए बाहर जाना पड़ता है।
क्षेत्र की गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि मौसम खराब रहने के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें। साथ ही नदी-नालों के तेज बहाव को पार करने का जोखिम न उठाएं।
प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों पर नजर रखने की बात कही गई है। अधिकारियों का कहना है कि मौसम की स्थिति सामान्य होने के बाद संपर्क मार्गों को बहाल करने और जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए जाएंगे।
ग्रामीणों ने की स्थायी समाधान की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द स्थायी पुल निर्माण या सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि हर साल मानसून के दौरान उन्हें इसी तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों का कहना है कि सीमांत क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए सड़क और पुल जैसी बुनियादी सुविधाएं बेहद जरूरी हैं। समय रहते स्थायी समाधान नहीं किया गया तो किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रहेगी। प्रशासन से लोगों ने जल्द कार्रवाई कर प्रभावित क्षेत्र का संपर्क बहाल करने की मांग की है।