यमुनोत्री यात्रा में संकट, भूस्खलन से रुका रास्ता

Update: 2026-07-11 16:02 GMT

उत्तराखंड: लगातार हो रही बारिश के बीच चारधाम यात्रा मार्गों पर यात्रियों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्यानाचट्टी के पास शनिवार को भारी भूस्खलन होने से सड़क मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया। अचानक बड़ी मात्रा में मलबा आने के कारण करीब 100 श्रद्धालु बीच रास्ते में फंस गए। सूचना मिलते ही एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और रोप रेस्क्यू के जरिए सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला।

जानकारी के अनुसार, यमुनोत्री हाईवे पर स्यानाचट्टी क्षेत्र में भारी बारिश के कारण पहाड़ी से मलबा गिर गया, जिससे सड़क पर आवाजाही पूरी तरह बंद हो गई। मार्ग अवरुद्ध होने के बाद वहां मौजूद श्रद्धालुओं और यात्रियों में चिंता का माहौल बन गया। कई यात्री काफी देर तक रास्ता खुलने का इंतजार करते रहे।

घटना की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ ने तुरंत राहत और बचाव अभियान शुरू किया। एसडीआरएफ पोस्ट बड़कोट से मुख्य आरक्षी दुर्गेश रतूड़ी के नेतृत्व में टीम घटनास्थल के लिए रवाना हुई। वहीं जानकीचट्टी पोस्ट से मुख्य आरक्षी राजेश कुमार के नेतृत्व में दूसरी टीम भी मौके पर पहुंची।

मौके पर पहुंचने के बाद एसडीआरएफ जवानों ने स्थिति का जायजा लिया। सड़क पूरी तरह बंद होने और जोखिम को देखते हुए जवानों ने यात्रियों को सुरक्षित निकालने के लिए वैकल्पिक मार्ग तैयार किया। सुरक्षा के लिए पहले रोप यानी रस्सी को मजबूत तरीके से फिक्स किया गया।

इसके बाद श्रद्धालुओं को एक-एक कर सावधानीपूर्वक रस्सी के सहारे मलबे वाले हिस्से को पार कराया गया। एसडीआरएफ जवानों ने पूरी सतर्कता के साथ करीब 100 यात्रियों को सुरक्षित दूसरी ओर पहुंचाया। रेस्क्यू के बाद सभी श्रद्धालुओं को उनके गंतव्य की ओर रवाना किया गया।

एसडीआरएफ अधिकारियों के अनुसार, पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन की घटनाएं बढ़ रही हैं। ऐसे में यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए बचाव दल लगातार सक्रिय हैं। चारधाम यात्रा मार्गों पर किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए टीमें तैनात की गई हैं।

बारिश के चलते उत्तरकाशी और आसपास के क्षेत्रों में कई जगहों पर पहाड़ी से पत्थर और मलबा गिरने की घटनाएं सामने आ रही हैं। प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे मौसम की स्थिति और सड़क मार्ग की जानकारी लेने के बाद ही यात्रा करें।

प्रशासन का कहना है कि यात्रा मार्गों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। जहां भी सड़क बाधित हो रही है, वहां संबंधित विभागों की मदद से रास्ता खोलने का काम किया जा रहा है। यात्रियों से अपील की गई है कि वे जल्दबाजी न करें और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।

यमुनोत्री धाम जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह घटना एक बड़ी चुनौती थी, लेकिन एसडीआरएफ की तत्परता से बड़ा हादसा टल गया। समय पर किए गए रेस्क्यू अभियान से सभी यात्रियों को सुरक्षित बचा लिया गया।

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