देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने, अगले वर्ष होने वाले कुंभ मेले की तैयारियों और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री ने विभिन्न विकास कार्यों के लिए लगभग 496 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। इस राशि का बड़ा हिस्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत शिक्षकों और कर्मचारियों के वेतन-भत्तों के लिए निर्धारित किया गया है। इसके अलावा हरिद्वार कुंभ मेला-2027 की तैयारियों, सड़क निर्माण, पेयजल सुविधाओं, हेलीपैड और धार्मिक स्थलों के विकास से जुड़े कार्यों को भी मंजूरी दी गई है।
शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को सामने आई जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में विकास योजनाओं को गति देने के उद्देश्य से यह स्वीकृतियां प्रदान की हैं। इन निर्णयों से शिक्षा विभाग की वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क संपर्क और सार्वजनिक सुविधाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
शिक्षा विभाग के लिए 445.92 करोड़ रुपये स्वीकृत
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समग्र शिक्षा योजना के अंतर्गत शिक्षा विभाग को बड़ी वित्तीय राहत दी है।माध्यमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित समग्र शिक्षा योजना में माध्यमिक, प्रारंभिक और शिक्षक शिक्षा से जुड़े स्थापना मद के लिए 445.92 करोड़ रुपये की शेष धनराशि स्वीकृत करने का अनुमोदन दिया गया है।इस राशि का उपयोग वेतन, भत्तों और अन्य निर्धारित स्थापना संबंधी खर्चों के लिए किया जाएगा।सरकार के इस फैसले से शिक्षा व्यवस्था के नियमित संचालन में सहायता मिलने की उम्मीद है।वेतन और भत्तों के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध होना शिक्षकों तथा कर्मचारियों की वित्तीय आवश्यकताओं को समय पर पूरा करने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कुंभ मेला 2027 की तैयारियों को मिलेगी गति
हरिद्वार में आयोजित होने वाले कुंभ मेला-2027 की तैयारियों को भी वित्तीय स्वीकृतियों में प्राथमिकता दी गई है।मुख्यमंत्री ने कुंभ मेले के दौरान फर्नीचर और सजावटी कपड़ों की किराये पर व्यवस्था के लिए 8.43 करोड़ रुपये की स्वीकृति का अनुमोदन प्रदान किया है।इस कार्य की संस्तुत लागत व्यय वित्त समिति द्वारा 14.57 करोड़ रुपये निर्धारित की गई थी।इसके अतिरिक्त हरिद्वार जिले के बहादराबाद विकासखंड में गंगनहर के दाएं किनारे स्थित कांगड़ा घाट के विस्तार से संबंधित कार्य को भी मंजूरी दी गई है।इन कार्यों का उद्देश्य कुंभ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं बेहतर बनाना है।
हरिद्वार में श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर ध्यान
कुंभ मेला उत्तराखंड के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में शामिल है। वर्ष 2027 में हरिद्वार में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना है।ऐसे में घाटों का विकास, सुरक्षित आवागमन, साफ-सफाई और अन्य सुविधाएं प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल हैं।मुख्यमंत्री धामी पहले भी अधिकारियों को कुंभ मेले से संबंधित कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दे चुके हैं।मार्च 2026 में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने सड़कों, पुलों, घाटों, जलापूर्ति, चिकित्सा और सुरक्षा से संबंधित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की थी।उन्होंने आयोजन के दौरान आधुनिक तकनीक से सुसज्जित नियंत्रण और निगरानी व्यवस्था को भी महत्वपूर्ण बताया था।
पौड़ी गढ़वाल में बनेगा नया हेलीपैड
मुख्यमंत्री ने पौड़ी गढ़वाल जिले के लैंसडाउन विधानसभा क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण निर्माण कार्य को वित्तीय स्वीकृति दी है।रिखणीखाल विकासखंड में लोक निर्माण विभाग के अतिथि गृह के पास हेलीपैड निर्माण के लिए 13.50 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं।इस परियोजना से क्षेत्र में हवाई संपर्क से संबंधित सुविधाओं के विस्तार की उम्मीद है।पर्वतीय क्षेत्रों में हेलीपैड आपातकालीन परिस्थितियों, प्रशासनिक आवागमन और आवश्यक सेवाओं की पहुंच के लिहाज से उपयोगी हो सकते हैं।हालांकि, परियोजना का वास्तविक उपयोग और संचालन निर्माण पूरा होने तथा आवश्यक अनुमति मिलने के बाद ही स्पष्ट होगा।
चंपावत में इंटरलॉकिंग टाइल्स का होगा निर्माण
मुख्यमंत्री ने चंपावत जिले के लोहाघाट विधानसभा क्षेत्र में भी विकास कार्य को मंजूरी दी है।लोहाघाट के मूलाकोट ग्राम पंचायत अंतर्गत दचूड़ा बाजार से राजकीय इंटर कॉलेज मूलाकोट तक लगभग एक हजार मीटर क्षेत्र में इंटरलॉकिंग टाइल्स और दीवार निर्माण के लिए 46.46 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं।इस कार्य से स्थानीय लोगों और विद्यार्थियों के आवागमन की सुविधा बेहतर होने की उम्मीद है।ग्रामीण क्षेत्रों में संपर्क मार्गों का सुधार शिक्षा संस्थानों तक सुरक्षित और सुगम पहुंच के लिए भी महत्वपूर्ण होता है।
टिहरी और पिथौरागढ़ में सड़कों को मंजूरी
टिहरी गढ़वाल जिले के देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्र में कीर्तिनगर विकासखंड के अंतर्गत जाखेड़ से सुमाड़ी कप्रोली मोटर मार्ग के नए निर्माण के लिए 2.04 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।वहीं, पिथौरागढ़ जिले के गंगोलीहाट विधानसभा क्षेत्र में गणाई-बनकोट मोटर मार्ग के विस्तार, सुधार और डामरीकरण के लिए 4.09 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।इन परियोजनाओं का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क संपर्क मजबूत करना है।पहाड़ी इलाकों में बेहतर सड़कें लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षण संस्थानों और स्थानीय बाजारों तक पहुंचने में सहायता कर सकती हैं।
देहरादून और नैनीताल में भी विकास कार्य
देहरादून जिले के चकराता विधानसभा क्षेत्र में कालसी विकासखंड के अंतर्गत उदपाल्टा-उपरौली मोटर मार्ग के रखरखाव के लिए 1.91 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है।नैनीताल जिले के भीमताल विधानसभा क्षेत्र में कसियालेख-हरीनगर-अक्सोड़ा मोटर मार्ग के सुधार और डामरीकरण के लिए 3.82 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।इसके अलावा नैनीताल विधानसभा क्षेत्र के डॉन परेवा में हेलीपैड निर्माण के लिए 8.30 लाख रुपये की मंजूरी प्रदान की गई है।इन योजनाओं से पर्वतीय क्षेत्रों में संपर्क सुविधाओं के विस्तार को बढ़ावा मिलने की संभावना है।
ऊधमसिंह नगर में बनेगी छह किलोमीटर सड़क
ऊधमसिंह नगर जिले के खटीमा विधानसभा क्षेत्र में भी सड़क निर्माण परियोजना को मंजूरी मिली है।प्रतापपुर गांव स्थित खाद्य गोदाम से तलवार फार्म होते हुए वकील फार्म तक छह किलोमीटर हॉट मिक्स सड़क निर्माण के लिए 3.84 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।इसके अलावा सितारगंज विधानसभा क्षेत्र के सुरेंद्रनगर गांव में सड़क पुनर्निर्माण के लिए 87.94 लाख रुपये की मंजूरी दी गई है।सड़कों के निर्माण और पुनर्निर्माण से स्थानीय आवागमन की सुविधाएं बेहतर होने की उम्मीद है।
पेयजल और धार्मिक स्थलों के लिए भी बजट
देहरादून जिले के मसूरी विधानसभा क्षेत्र में कैट क्षेत्र के जोन नंबर पांच के अंतर्गत एक नलकूप, पंप हाउस, राइजिंग मेन और अन्य संबंधित कार्यों के लिए 3.07 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।इस परियोजना का उद्देश्य पेयजल से संबंधित बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाना है।इसके अलावा टिहरी गढ़वाल जिले के प्रतापनगर विधानसभा क्षेत्र में हुणेश्वर महादेव मंदिर के पास धर्मशाला, कमरों और शौचालयों के निर्माण तथा सौंदर्यीकरण के लिए 98.77 लाख रुपये की मंजूरी प्रदान की गई है।
विकास कार्यों को समय पर पूरा करना होगी चुनौती
मुख्यमंत्री की ओर से विभिन्न परियोजनाओं को वित्तीय मंजूरी मिलने के बाद अब संबंधित विभागों के सामने समयबद्ध क्रियान्वयन की जिम्मेदारी होगी।विशेष रूप से पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क निर्माण, मौसम की परिस्थितियों और तकनीकी चुनौतियों को देखते हुए कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है।वहीं, कुंभ मेला-2027 से जुड़े कार्यों को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करना आवश्यक होगा, ताकि आयोजन से पहले श्रद्धालुओं के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।