बारिश का कहर: यमुनोत्री हाईवे पर आवाजाही बंद

Update: 2026-07-10 14:07 GMT

बड़कोट (उत्तरकाशी)। उत्तराखंड में मानसूनी बारिश के बीच यमुनोत्री हाईवे पर आवाजाही प्रभावित हो गई है। स्यानाचट्टी के पास भूस्खलन के कारण हाईवे का करीब 100 मीटर हिस्सा बह गया है, जिसके चलते पिछले 27 घंटे से मार्ग पर वाहनों का संचालन पूरी तरह बंद है। हाईवे बंद होने से स्थानीय लोगों के साथ-साथ यमुनोत्री धाम जाने वाले तीर्थयात्रियों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले वर्ष आई आपदा के दौरान फूलचट्टी, हनुमानचट्टी और स्यानाचट्टी क्षेत्र में हाईवे को काफी नुकसान पहुंचा था। इस वर्ष मानसून की शुरुआत के बाद लगातार हो रही बारिश ने सड़क की स्थिति को और खराब कर दिया है। कमजोर पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की घटनाएं बढ़ने से यात्रा मार्ग पर खतरा बना हुआ है।

स्यानाचट्टी के पास सड़क का बड़ा हिस्सा बहा

जानकारी के अनुसार, गुरुवार को स्यानाचट्टी क्षेत्र में भारी भूस्खलन हुआ, जिसकी वजह से यमुनोत्री हाईवे का लगभग 100 मीटर हिस्सा क्षतिग्रस्त होकर बह गया। सड़क टूटने के बाद प्रशासन ने सुरक्षा को देखते हुए वाहनों की आवाजाही रोक दी।

हाईवे बंद होने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। कई यात्री घंटों तक मार्ग खुलने का इंतजार करते रहे। वहीं, जिन यात्रियों को जरूरी काम से आगे जाना था, उन्होंने वैकल्पिक पैदल मार्ग का सहारा लिया।

जंगल के रास्ते सफर करने को मजबूर यात्री

हाईवे बंद होने के बाद तीर्थयात्री भूस्खलन क्षेत्र को पार करने के लिए जंगल के बीच बनी फिसलनभरी पगडंडियों से गुजरने को मजबूर हैं। बारिश के कारण इन रास्तों पर भी खतरा बढ़ गया है।

यात्रियों का कहना है कि पहाड़ी रास्तों पर फिसलन होने के कारण बुजुर्गों, बच्चों और महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है। कई लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द मार्ग खोलने की मांग की है।

सड़क निर्माण कार्य पर उठे सवाल

यमुनोत्री हाईवे के चौड़ीकरण का कार्य कर रही कार्यदायी संस्था की कार्यप्रणाली को लेकर स्थानीय लोगों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि मानसून से पहले सड़क की सुरक्षा और जल निकासी व्यवस्था को लेकर पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए।

स्थानीय निवासियों का आरोप है कि बार-बार होने वाले भूस्खलन वाले क्षेत्रों में स्थायी समाधान की जरूरत है, ताकि हर साल यात्रियों और स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।

प्रशासन की चुनौती बढ़ी

यमुनोत्री धाम उत्तराखंड के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है और यात्रा सीजन के दौरान यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में हाईवे बंद होने से प्रशासन के सामने मार्ग को जल्द खोलने की चुनौती खड़ी हो गई है।

प्रशासन और संबंधित विभाग की टीमें मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रही हैं। सड़क को सुचारू करने के लिए मलबा हटाने और क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत का काम शुरू किया जा रहा है।

यात्रियों से सावधानी बरतने की अपील

प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे मौसम और सड़क की स्थिति को देखते हुए ही यात्रा करें। पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के दौरान भूस्खलन की संभावना बनी रहती है, इसलिए यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

फिलहाल यमुनोत्री हाईवे पर यातायात बहाल करने के प्रयास जारी हैं। मार्ग कब तक खुल पाएगा, यह मौसम और मरम्मत कार्य की गति पर निर्भर करेगा।

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