कोलकाता। पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा जिले में कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP के एक वॉलंटियर के परिवार पर कथित हमले और उसके पिता की मौत का मामला राजनीतिक विवाद में बदल गया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इस घटना में भाजपा की भूमिका होने के आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि प्राथमिकी में नामजद सभी लोगों को अपराधी मानकर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। मामले में नामजद पांच आरोपियों में से तीन को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि दो अन्य की तलाश जारी है।
यह घटना बांकुड़ा जिले के कारिसुंडा इलाके में 13 अगस्त की रात हुई थी। CJP के मुताबिक, संगठन के वॉलंटियर शेख अब्दुल हफीज ने अपने गांव के सरकारी स्कूल की स्थिति जानने के लिए देशव्यापी स्कूल ठीक करो अभियान के तहत निरीक्षण किया था। इस दौरान उसने विद्यालय में उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं और व्यवस्थाओं की जानकारी जुटाई थी। संगठन का आरोप है कि इसी गतिविधि से नाराज होकर कुछ लोगों ने हफीज और उसके परिवार को निशाना बनाया।
CJP ने दावा किया कि 13 अगस्त की रात करीब साढ़े आठ बजे हथियारों से लैस कुछ लोग जबरन हफीज के घर में घुस आए। आरोपियों ने कथित रूप से हफीज से कहा कि वह स्कूल की स्थिति सामने लाने के लिए माफी मांगे और यह स्वीकार करे कि उसने बाहरी लोगों के दबाव में निरीक्षण किया था। हफीज द्वारा इससे इनकार करने पर उसके और परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट की गई।
इस कथित हमले में हफीज के पिता जनाब माफिक के सिर पर गंभीर चोट लगी। उनकी हालत बिगड़ने पर परिवार ने उन्हें इलाज के लिए बर्दवान चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल में भर्ती कराया। CJP के अनुसार, उपचार के दौरान शनिवार रात उनकी मौत हो गई। इसके बाद संगठन ने हमलावरों के खिलाफ हत्या समेत कड़ी धाराओं में कार्रवाई की मांग की।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने राज्य सचिवालय नबान्न में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि घटना में भाजपा की कोई भूमिका नहीं है। उन्होंने बताया कि प्राथमिकी में पांच लोगों को नामजद किया गया है। इनमें से तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और शेष दो को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी राजनीतिक पहचान से अलग आरोपियों के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई होगी।
CJP ने आरोप लगाया है कि हमले में स्थानीय भाजपा कार्यकर्ता शामिल थे। हालांकि मुख्यमंत्री ने इस आरोप को पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि प्राथमिकी में नामजद लोगों को अपराधी के तौर पर देखा जा रहा है और सरकार किसी भी दोषी को संरक्षण नहीं देगी। मामले की जांच पूरी होने के बाद ही आरोपियों की कथित राजनीतिक संबद्धता और घटना के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी।
केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने कहा कि हमले के आरोपों की पुलिस को निष्पक्ष जांच करनी चाहिए। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि कहीं घटना की वजह कोई स्थानीय विवाद तो नहीं था। मजूमदार ने कहा कि दिल्ली में हुए CJP के प्रदर्शन में पश्चिम बंगाल से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए थे, लेकिन राज्य के अन्य हिस्सों से ऐसी घटना सामने नहीं आई।
राज्य की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने भी कहा कि भाजपा किसी गलत काम के दोषी व्यक्ति का बचाव नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि किसी संगठन में लाखों कार्यकर्ता होते हैं और प्रत्येक व्यक्ति के आचरण की जिम्मेदारी पार्टी नेतृत्व पर नहीं डाली जा सकती। यदि किसी व्यक्ति ने अपराध किया है तो उसके खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।
हफीज ने कथित वीडियो संदेश में दावा किया है कि स्कूल के एक शिक्षक ने स्थानीय राजनीतिक कार्यकर्ताओं को उसके निरीक्षण की जानकारी दी थी। इसके बाद उसके परिवार पर हमला किया गया। पुलिस इस दावे, घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, मेडिकल रिपोर्ट और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों की जांच कर रही है।
घटना के बाद इलाके में तनाव को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है। फिलहाल राजनीतिक संलिप्तता और हमले के कारण को लेकर किए जा रहे दावे जांच के अधीन हैं। पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
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