New Delhi. नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके कही जंतर-मंतर पार्ट 2 में ठोके जा सकते है। क्योंकि अभिजीत दीपके के नेता केजरीवाल ने एक पॉडकास्ट इंटरव्यू में अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए कहा था कि जंतर-मंतर में अधिकांश भीड़ पीएम मोदी को ठोकने आई थी। लेकिन केजरीवाल का ये बयान उल्टा भी पड़ सकता है और कही जंतर-मंतर पार्ट-2 में अभिजीत दीपके को ही ठोक दिया जाए की भाषा का उपयोग हो सकता है। 
दिल्ली में प्रस्तावित अपनी वॉलंटियर्स मीटिंग रद्द होने को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। दीपके का दावा है कि दिल्ली में उनकी पार्टी की बैठक आयोजित करने के लिए कोई भी हॉल संचालक जगह किराए पर देने के लिए तैयार नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यक्रम के लिए हॉल उपलब्ध नहीं होने के पीछे राजनीतिक दबाव है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्ष का जवाब सामने आना बाकी है। अभिजीत दीपके के
मुताबिक CJP
की ओर से दिल्ली में वॉलंटियर्स की एक बैठक आयोजित करने की तैयारी की गई थी। इसके लिए अलग-अलग स्थानों पर हॉल की तलाश की गई, लेकिन कार्यक्रम के लिए जगह नहीं मिल सकी। दीपके ने दावा किया कि कुछ स्थानों पर शुरुआत में हॉल उपलब्ध कराने की बात हुई, लेकिन बाद में संचालकों ने कार्यक्रम आयोजित करने से इनकार कर दिया। 


हॉल मालिकों पर दबाव का लगाया आरोप
दीपके ने आरोप लगाया कि हॉल संचालकों पर कथित रूप से ‘ऊपर से दबाव’ बनाया गया था। उनके मुताबिक हॉल मिलने के बाद भी संबंधित संचालकों को CJP का कार्यक्रम आयोजित करने पर कार्रवाई का सामना करने की कथित चेतावनी दी गई। इसी वजह से आखिरकार पार्टी की प्रस्तावित वॉलंटियर्स मीटिंग को कैंसिल करना पड़ा। CJP फाउंडर ने इसके लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) को जिम्मेदार ठहराया है। हालांकि BJP की ओर से इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया दी गई है, इसकी जानकारी उपलब्ध नहीं है। ऐसे में हॉल संचालकों पर दबाव या कार्रवाई की धमकी संबंधी दावे फिलहाल CJP और अभिजीत दीपके के आरोप हैं।

अब जंतर-मंतर पर नजर
दिल्ली में हॉल नहीं मिलने और बैठक रद्द होने के बाद CJP की आगे की रणनीति को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। “जंतर-मंतर पार्ट-2” को लेकर अभिजीत दीपके की आगामी गतिविधियों पर समर्थकों की नजर है। हालांकि अगले कार्यक्रम की तारीख, समय और स्वरूप को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने आना बाकी है। CJP की बैठक रद्द होने का मामला अब राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप की तरफ बढ़ता दिखाई दे रहा है। दीपके का कहना है कि पार्टी अपने वॉलंटियर्स के साथ बैठक करना चाहती थी, लेकिन कथित दबाव के चलते ऐसा नहीं हो पाया। उन्होंने इसे राजनीतिक हस्तक्षेप से जोड़ते हुए BJP पर निशाना साधा है।

दूसरी ओर, इन आरोपों की पुष्टि के लिए हॉल संचालकों या संबंधित प्रशासन का पक्ष भी महत्वपूर्ण होगा। यदि कार्यक्रम के आयोजन को लेकर किसी हॉल मालिक को वास्तव में कार्रवाई की चेतावनी दी गई थी तो यह भी स्पष्ट होना जरूरी है कि चेतावनी किस स्तर से और किन कारणों से दी गई थी। फिलहाल CJP की दिल्ली वॉलंटियर्स मीटिंग रद्द हो चुकी है। अभिजीत दीपके के आरोपों के बाद अब यह देखना होगा कि BJP या संबंधित पक्ष की ओर से इस मामले पर क्या प्रतिक्रिया आती है और CJP अपने अगले कार्यक्रम के लिए क्या रणनीति अपनाती है।
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