Ranchi. रांची। रांची में छात्र संगठन आइसा की राष्ट्रीय नेता नेहा बोरा पर स्याही फेंकने के आरोप में गिरफ्तार किए गए युवक अमरनाथ पांडेय को रांची सिविल कोर्ट से राहत मिल गई है। मंगलवार को रांची सिविल कोर्ट के चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की अदालत में आरोपी की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद अदालत ने अमरनाथ पांडेय को जमानत प्रदान कर दी। हालांकि, अदालत ने जमानत देते समय आरोपी के सामने कुछ शर्तें भी रखी हैं।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जमानत पर रिहा होने के बाद अमरनाथ पांडेय को नेहा बोरा से दूरी बनाए रखनी होगी। इसके साथ ही अदालत ने उसे भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा नहीं करने की हिदायत दी है। अदालत की ओर से निर्धारित शर्तों के आधार पर आरोपी को जमानत का लाभ मिला। मामला छात्र संगठन आइसा की राष्ट्रीय नेता नेहा बोरा पर स्याही फेंकने से जुड़ा है। घटना के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अमरनाथ पांडेय को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायालय के समक्ष पेश किया गया था। इसके बाद आरोपी की ओर से जमानत के लिए अदालत में याचिका दाखिल की गई।
मंगलवार को चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की अदालत में जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आरोपी को जमानत देने का फैसला किया। हालांकि कोर्ट ने यह भी सुनिश्चित किया कि जमानत का लाभ मिलने के बाद आरोपी शिकायतकर्ता से दूरी बनाए रखे और दोबारा किसी प्रकार की ऐसी घटना न हो। अदालत की शर्त के मुताबिक अमरनाथ पांडेय को नेहा बोरा के संपर्क में नहीं आना होगा। इसके अलावा भविष्य में इस तरह की किसी घटना को दोहराने से बचना होगा। इन शर्तों के उल्लंघन की स्थिति में आरोपी के खिलाफ आगे कानूनी कार्रवाई का रास्ता खुला रहेगा।
इस मामले को लेकर रांची में छात्र राजनीति और प्रदर्शन से जुड़े संगठनों के बीच भी चर्चा हुई थी। नेहा बोरा छात्र संगठनों से जुड़े मुद्दों को लेकर सक्रिय रही हैं। उनके ऊपर स्याही फेंके जाने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया था और पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई शुरू की थी। अमरनाथ पांडेय की गिरफ्तारी के बाद उसके खिलाफ दर्ज मामले और घटना से जुड़े तथ्यों की जांच की गई। अब अदालत से जमानत मिलने के बाद उसे राहत मिली है। हालांकि, कोर्ट ने स्पष्ट शर्तों के साथ उसे जमानत दी है, जिससे आरोपी को भविष्य में सावधानी बरतनी होगी।
कानूनी प्रक्रिया के तहत जमानत मिलने का अर्थ यह नहीं है कि मामले में आरोपी को दोषमुक्त कर दिया गया है। मामले से संबंधित जांच और अन्य कानूनी प्रक्रिया अपने स्तर पर आगे जारी रह सकती है। अदालत ने फिलहाल आरोपी को निर्धारित शर्तों के साथ जमानत प्रदान की है। नेहा बोरा पर स्याही फेंकने की घटना के बाद छात्र संगठनों की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई थी। घटना को लेकर राजनीतिक और छात्र संगठनों के बीच बहस हुई थी। अब अमरनाथ पांडेय को जमानत मिलने के बाद इस मामले में कानूनी प्रक्रिया का अगला चरण महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल रांची सिविल कोर्ट के आदेश के बाद अमरनाथ पांडेय को जमानत मिल गई है। अदालत ने उसे नेहा बोरा से दूर रहने और भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा नहीं करने की स्पष्ट शर्त लगाई है। कोर्ट के इस आदेश के बाद आरोपी को तत्काल राहत मिली है, जबकि मामले से जुड़े अन्य कानूनी पहलुओं पर आगे की कार्रवाई संबंधित प्रक्रिया के अनुसार होगी।
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