BREAKING: CM के OSD को CBI का झटका
11 ठिकानों पर छापे के बाद अपलोड हुई FIR, कोर्ट ने दिया फैसला
चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के विशेष कार्य अधिकारी (OSD) राजबीर सिंह घुम्मन की ओर से दायर अवमानना संबंधी कार्यवाही को चंडीगढ़ की विशेष सीबीआई अदालत ने खारिज कर दिया है। मामला प्राथमिकी (FIR) की जानकारी कथित रूप से मीडिया में लीक किए जाने से जुड़ा था। अदालत ने उपलब्ध तथ्यों और घटनाक्रम पर विचार करते हुए माना कि एफआईआर को जानबूझकर लीक किए जाने की बात स्थापित नहीं हुई है।
एफआईआर मीडिया में लीक होने का लगाया था आरोप
जानकारी के अनुसार, राजबीर सिंह घुम्मन ने एफआईआर से संबंधित जानकारी मीडिया तक पहुंचने को लेकर अदालत का रुख किया था। उन्होंने इस मामले में अवमानना की कार्यवाही शुरू करने की मांग की थी। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष एफआईआर अपलोड किए जाने और जांच एजेंसी द्वारा की गई तलाशी की कार्रवाई का घटनाक्रम प्रस्तुत किया गया। अदालत ने इन तथ्यों के आधार पर शिकायत पर विचार किया।
11 स्थानों पर तलाशी के बाद अपलोड हुई एफआईआर
अदालत के सामने रखी गई जानकारी के मुताबिक, 6 अक्टूबर को कुल 11 स्थानों पर तलाशी अभियान पूरा किया गया था। इसके अगले दिन यानी 7 अक्टूबर को एफआईआर अपलोड की गई थी। अदालत ने इस घटनाक्रम को महत्वपूर्ण माना। तलाशी की कार्रवाई पूरी होने के बाद एफआईआर अपलोड किए जाने के तथ्य के आधार पर अदालत ने पाया कि जानबूझकर जानकारी लीक करने का आरोप स्थापित नहीं होता। इस मामले में तलाशी की तारीख और एफआईआर सार्वजनिक किए जाने के समय को लेकर अदालत ने विशेष रूप से विचार किया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अदालत ने किसी भी तरह की जानबूझकर की गई लीक की पुष्टि नहीं की।
अदालत ने खारिज की अवमानना की कार्यवाही
विशेष सीबीआई अदालत ने दोनों तारीखों और संबंधित तथ्यों पर विचार करने के बाद राजबीर सिंह घुम्मन की ओर से शुरू की गई अवमानना संबंधी कार्यवाही खारिज कर दी। अदालत के फैसले से स्पष्ट हुआ कि प्रस्तुत तथ्यों के आधार पर एफआईआर को जानबूझकर मीडिया में लीक किए जाने का आरोप स्वीकार नहीं किया गया। हालांकि, यह फैसला एफआईआर लीक से संबंधित अवमानना की कार्यवाही तक सीमित है। इससे मूल मामले में लगाए गए आरोपों की सत्यता या संबंधित जांच के अंतिम परिणाम पर कोई निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। फिलहाल इस आदेश के बाद एफआईआर के कथित लीक को लेकर दायर अवमानना का मामला समाप्त हो गया है।