लुधियाना में 11 माह की मासूम से दुष्कर्म, आरोपी पर केस दर्ज
11 माह की बच्ची बनी दरिंदगी का शिकार
लुधियाना: पंजाब के लुधियाना जिले से 11 महीने की बच्ची के साथ कथित दुष्कर्म का गंभीर मामला सामने आया है। डेहलों थाना क्षेत्र के एक गांव में हुई इस घटना में पुलिस ने 35 वर्षीय व्यक्ति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपी की पहचान बिहार के पूर्णिया जिले के रहने वाले संजय कुमार के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, घटना 10 अक्टूबर को हुई थी। बच्ची की मां की शिकायत के आधार पर कार्रवाई शुरू की गई। 12 अक्टूबर की सुबह प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
झुग्गी में सो रही थी 11 महीने की बच्ची
पीड़ित परिवार लुधियाना के डेहलों थाना क्षेत्र के एक गांव में रहता है। बच्ची के पिता नट-बोल्ट बनाने वाली फैक्ट्री में काम करते हैं, जबकि उसकी मां गृहिणी हैं। बच्ची अपने माता-पिता की इकलौती संतान है। 10 अक्टूबर को बच्ची की मां ने उसे झुग्गी के अंदर सुलाया था। इसके बाद वह बाहर घरेलू कामकाज में व्यस्त हो गई। इसी दौरान आरोपी कथित तौर पर झुग्गी में दाखिल हुआ। कुछ देर बाद बच्ची के जोर-जोर से रोने की आवाज सुनाई दी। आवाज सुनकर उसकी मां तुरंत अंदर पहुंची। शिकायत के अनुसार, उसने एक व्यक्ति को घबराहट में झुग्गी से बाहर निकलते देखा। अंदर पहुंचने पर बच्ची घायल अवस्था में मिली। बच्ची की हालत देखकर मां ने तुरंत अपने पति को बुलाया। इसके बाद परिवार ने पुलिस को घटना की जानकारी दी।
बच्ची की हालत देखकर परिवार परेशान
घटना के बाद बच्ची के परिजन बेहद परेशान हो गए। परिवार ने पुलिस को बताया कि बच्ची को सुलाने के बाद मां कुछ समय के लिए बाहर काम करने गई थी। इसी दौरान कथित वारदात हुई। शिकायत में बताया गया कि जब मां वापस लौटी तो बच्ची रो रही थी और उसके शरीर पर चोट के निशान थे। परिजनों ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मामले को गंभीरता से लिया और जांच शुरू की। बच्ची की चिकित्सकीय जांच भी कराई गई है। जांच के दौरान प्राप्त मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्य आगे की कानूनी कार्रवाई में महत्वपूर्ण होंगे।
बिहार के पूर्णिया का रहने वाला है आरोपी
पुलिस के अनुसार, आरोपी संजय कुमार की उम्र लगभग 35 वर्ष है। वह बिहार के पूर्णिया जिले का निवासी है और वर्तमान में लुधियाना के डेहलों क्षेत्र में रह रहा था। प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी मजदूरी करता है। वह शादीशुदा है, लेकिन लुधियाना में अकेला रहता था। पीड़ित परिवार के पड़ोस में रहने के कारण वह इलाके में मौजूद था। पुलिस ने शिकायत के आधार पर उसकी पहचान की और मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू की। शुरुआती रिपोर्टों में आरोपी के फरार होने की जानकारी दी गई थी। हालांकि, बाद में सामने आई रिपोर्ट में उसकी गिरफ्तारी की पुष्टि की गई है।
बीएनएस और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज
डेहलों थाने के जांच अधिकारी गुरमीत सिंह के अनुसार, पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 64 और पॉक्सो एक्ट की धारा 4 के तहत कार्रवाई की गई है। पॉक्सो एक्ट बच्चों को यौन अपराधों से सुरक्षा प्रदान करने वाला विशेष कानून है। इसके तहत 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों के मामलों में कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। इस कानून में पीड़ित बच्चे की पहचान गोपनीय रखने और विशेष अदालत के माध्यम से मामलों की सुनवाई करने की व्यवस्था भी है। पुलिस की ओर से आरोपी के खिलाफ दर्ज धाराओं के आधार पर आगे की जांच और न्यायिक प्रक्रिया जारी रहेगी। आरोपी के खिलाफ आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों और न्यायिक निर्णय के आधार पर होगी।
पुलिस मामले की जांच में जुटी
घटना के बाद पुलिस ने पीड़ित परिवार के बयान दर्ज किए हैं। बच्ची की मेडिकल जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। जांच अधिकारी गुरमीत सिंह ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया। आरोपी की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आने के बाद अब उससे पूछताछ और न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से घटना से जुड़े तथ्यों की जांच की जाएगी। इस मामले में बच्ची की सुरक्षा, चिकित्सकीय देखभाल और परिवार की सहायता महत्वपूर्ण है। पीड़िता की उम्र महज 11 महीने होने के कारण उसकी पहचान और निजी जानकारी की गोपनीयता बनाए रखना भी आवश्यक है। लुधियाना में सामने आई इस घटना ने छोटे बच्चों की सुरक्षा से जुड़े गंभीर सवाल खड़े किए हैं। फिलहाल पुलिस मामले में कानूनी कार्रवाई कर रही है। जांच पूरी होने और न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ने के बाद ही घटना से जुड़े सभी तथ्यों की पुष्टि हो सकेगी।