चीन और बोत्सवाना के बीच बड़ा समझौता, राष्ट्रपति शी जिनपिंग और ड्यूमा बोको रहे मौजूद
बीजिंग। चीन और अफ्रीकी देश बोत्सवाना के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की दिशा में मंगलवार को महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और बोत्सवाना के राष्ट्रपति ड्यूमा गिडियन बोको ने बीजिंग में आयोजित सहयोग समझौतों के हस्ताक्षर समारोह में हिस्सा लिया। दोनों देशों ने विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई और अपने संबंधों को व्यापक रणनीतिक सहयोग साझेदारी के स्तर तक ले जाने की घोषणा की।
दोनों राष्ट्रपतियों की मौजूदगी में हुए समझौते
बीजिंग के ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल में आयोजित कार्यक्रम से पहले दोनों राष्ट्रपतियों के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई। इसके बाद दोनों नेताओं की उपस्थिति में कई सहयोग दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए गए।
समझौतों में बेल्ट एंड रोड पहल, हरित खनन, स्वास्थ्य सेवाओं, मानव संसाधन और वैश्विक सुरक्षा पहल से जुड़े विषय शामिल हैं। इन समझौतों का उद्देश्य दोनों देशों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाना है।
व्यापार और निवेश बढ़ाने पर जोर
राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने बैठक के दौरान चीन और बोत्सवाना के बीच आर्थिक तथा व्यापारिक सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने अफ्रीकी देशों के लिए चीन की शून्य शुल्क व्यवस्था से उत्पन्न व्यापारिक अवसरों का उल्लेख किया। वहीं, बोत्सवाना के राष्ट्रपति ड्यूमा बोको ने चीन के साथ व्यापार, कृषि, खनन, औद्योगिक विकास और डिजिटल तकनीक सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की इच्छा जताई।
उन्होंने चीनी कंपनियों को बोत्सवाना में निवेश के लिए प्रोत्साहित करने की बात भी कही।
12 से 17 अक्टूबर तक चीन दौरे पर राष्ट्रपति बोको
बोत्सवाना के राष्ट्रपति ड्यूमा बोको 12 से 17 अक्टूबर तक चीन की राजकीय यात्रा पर हैं। राष्ट्रपति बनने के बाद यह उनका पहला चीन दौरा है।
यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों, निवेश, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और बुनियादी ढांचे के विकास जैसे विषयों पर चर्चा का कार्यक्रम रखा गया है।
51 वर्षों के राजनयिक संबंधों को मिलेगी मजबूती
चीन और बोत्सवाना के बीच राजनयिक संबंधों के 51 वर्ष पूरे हो चुके हैं। दोनों देशों ने इस अवसर पर अपने संबंधों को व्यापक रणनीतिक सहयोग साझेदारी के रूप में आगे बढ़ाने का निर्णय लिया।
दोनों राष्ट्रपतियों ने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के साथ विकासशील देशों के बीच सहयोग और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर समन्वय बढ़ाने पर भी जोर दिया।
बैठक के बाद दोनों देशों ने व्यापक रणनीतिक सहयोग साझेदारी स्थापित करने के संबंध में संयुक्त बयान जारी किया।