अहमदाबाद। गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी जापान और दक्षिण कोरिया का विदेश दौरा पूरा कर अहमदाबाद लौट आए हैं। छह दिवसीय दौरे के दौरान गुजरात सरकार के प्रतिनिधिमंडल ने दोनों देशों के विभिन्न उद्योगों और निवेशकों के साथ महत्वपूर्ण बैठकें कीं। इन बैठकों में सेमीकंडक्टर, इंजीनियरिंग, लघु एवं मध्यम उद्योग, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल सहित कई क्षेत्रों में निवेश और औद्योगिक सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
छह दिनों में कई उद्योगों के साथ बैठक
अहमदाबाद लौटने के बाद उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने विदेश दौरे की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि पिछले छह दिनों के दौरान गुजरात सरकार के प्रतिनिधिमंडल ने जापान और दक्षिण कोरिया में विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़े प्रतिनिधियों के साथ बैठकें कीं। इन बैठकों का उद्देश्य गुजरात में निवेश की संभावनाओं को आगे बढ़ाना और अंतरराष्ट्रीय उद्योगों के साथ सहयोग को प्रोत्साहित करना था। संघवी ने बताया कि सेमीकंडक्टर, इंजीनियरिंग, एसएमई, ऑटोमोबाइल और टेक्सटाइल जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर विशेष रूप से चर्चा की गई। इसके अलावा अन्य औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़े प्रतिनिधियों के साथ भी बातचीत हुई।
वाइब्रेंट गुजरात समिट 2027 में निवेशकों की भागीदारी की उम्मीद
उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने कहा कि जापान और दक्षिण कोरिया के बड़ी संख्या में निवेशकों के वाइब्रेंट गुजरात समिट 2027 में भाग लेने की उम्मीद है। उन्होंने इसे गुजरात के लिए गर्व की बात बताया। संघवी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों और भारत के जापान तथा दक्षिण कोरिया के साथ मजबूत संबंधों के कारण दोनों देशों के निवेशकों की रुचि बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि, विदेशी निवेशकों की भागीदारी और संभावित निवेश की वास्तविक स्थिति आगामी समिट के दौरान ही स्पष्ट हो सकेगी।
औद्योगिक सहयोग बढ़ाने पर जोर
गुजरात सरकार के प्रतिनिधिमंडल की बैठकों में विभिन्न उद्योगों से संबंधित अवसरों पर चर्चा की गई। सेमीकंडक्टर और ऑटोमोबाइल जैसे क्षेत्रों के साथ-साथ छोटे और मध्यम उद्योगों को भी बातचीत में शामिल किया गया। जापान और दक्षिण कोरिया के औद्योगिक प्रतिनिधियों के साथ हुई इन बैठकों को राज्य सरकार अंतरराष्ट्रीय निवेश संपर्क बढ़ाने की दिशा में एक प्रयास के रूप में देख रही है।
निवेश प्रस्तावों की राशि का खुलासा नहीं
उपमुख्यमंत्री ने विदेशी दौरे के दौरान विभिन्न उद्योगों से हुई बातचीत की जानकारी दी, लेकिन उपलब्ध बयान में किसी निश्चित निवेश समझौते या निवेश राशि का उल्लेख नहीं किया गया है। फिलहाल गुजरात सरकार को उम्मीद है कि इन बैठकों से वाइब्रेंट गुजरात समिट 2027 में जापान और दक्षिण कोरिया के निवेशकों की भागीदारी बढ़ेगी।