कुल्लू के शिलिंग नाले में बादल फटने से तबाही

Update: 2026-08-01 09:59 GMT
Kullu. कुल्लू। कुल्लू जिला की बुरुआ पंचायत के शिलिंग नाले में गुरुवार शाम बादल फटने की घटना ने एक बार फिर हिमालयी क्षेत्रों में प्राकृतिक आपदाओं के बढ़ते खतरे को उजागर कर दिया। कुछ ही मिनटों में आई इस भीषण आपदा ने लाछन क्षेत्र के सेब बागबानों की वर्षों की मेहनत पर पानी फेर दिया। तेज बारिश के बाद नाले के ऊपरी हिस्से में अचानक अत्यधिक जलदबाव बना और बादल फटने से पानी तथा मलबे का विशाल सैलाब
नीचे की ओर उमड़ पड़ा। तेज बहाव के कारण शिलिंग नाले ने अपना प्राकृतिक मार्ग बदल लिया और पानी सीधे सेब के बगीचों में घुस गया। देखते ही देखते सेब के बगीचे मलबे के ढेर में तबदील हो गए। करीब 100 से अधिक फलदार सेब के पेड़ तेज बहाव में बह गए, जबकि कई बगीचे पूरी तरह मलबे में दब गए हैं। बुरुआ पंचायत के उपप्रधान चमन महंत ने बताया कि गुरुवार शाम हुई भारी बारिश के दौरान शिलिंग नाले के ऊपरी क्षेत्र में बादल फटने से अचानक भारी मात्रा में चट्टानें, पत्थर और मलबा नीचे आया। इस प्राकृतिक आपदा में जिन बागबानों को सबसे अधिक नुकसान पहुंचा है, उनमें लक्ष्मण महंत, भोला राम, प्रभु दास, रघुबीर, चमन लाल, प्रीतम चंद, कमला देवी, खूब राम तथा राम चंद शामिल हैं।
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