कुल्लू। देवी-देवताओं की धरती कुल्लू के देवी-देवता ऐतिहासिक कुल्लू दशहरा में आकर अपने परिजनों व रिश्तेदारों से अनूठा देव-मिलन भी कर रहे हैं। दशहरा के चलते जिला मुख्यालय देवमहाकुंभ में बदल गया है। उत्सव में एक ओर लाखों देवलू यहां पर पहुंचकर देवदर्शन कर रहे हैं तो दूसरी ओर उत्सव में जुटे देवता भी अपनी रिश्तेदारी मिलन की अद्भुत परंपरा का निर्वहन कर रहे हैं। इस अनूठे मिलन का नजारा मंगलवार को मोहल्ला पर्व पर भी खूब देखने को मिला। देवताओं के कारकूनों के अनुसार हर साल उत्सव के दौरान खोखन से आदि ब्रह्मा (ब्रह्मा), बिजली महादेव (शिव) उत्सव में पहुंचते हैं तो बालू नाग (लक्ष्मण अवतार) व देवी हिडिंबा भी यहां पर पहुंच मुख्य भूमिका निभाती है और उत्सव का आगाज करवाती है। इसके बाद अस्थायी शिविर में पहुंचने के बाद देवता घटोत्कच्छ देवी हिडिंबा से मिले। छेंऊर से मंगलेश्वर महादेव अपनी बहन देवी भटंती, श्रृंगाऋषि व बलागाड़ की देवी का भी आपस में भाई-बहन का रिश्ता है। कुल्लू राज परिवार की कुलदेवी दोचा-मोचा भी दशहरा में आई हैं। बिजली महादेव, माता पार्वती, गणपति, कार्तिक स्वामी शिव परिवार की एकता को दर्शाती है। इस बार बिजली महादेव व पार्वती का देवी महिषासुर मर्दनी के देवरथों का भी ढालपुर में भव्य मिलन देखने को मिला।