IIT कानपुर के प्रोफेसर पर घरेलू हिंसा का मामला दर्ज, पत्नी ने थी मारपीट
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Kanpur. कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) कानपुर में कार्यरत एक प्रोफेसर दंपती के बीच पारिवारिक विवाद अब पुलिस तक पहुंच गया है। संस्थान में सहायक प्रोफेसर के पद पर कार्यरत महिला ने अपने पति, प्रोफेसर निशीथ श्रीवास्तव के खिलाफ घरेलू हिंसा, शारीरिक हमला, मानसिक उत्पीड़न, जान से मारने की धमकी और वैवाहिक क्रूरता जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत मिलने के बाद कल्याणपुर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है।
उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पीड़िता ने 28 जुलाई को कल्याणपुर थाने में लिखित शिकायत दी थी। शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब दोनों पक्षों के बयान दर्ज करने, उपलब्ध दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की जांच करने में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा।
कल्याणपुर के सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) दिलीप कुमार सिंह ने बताया कि महिला ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि 5 जुलाई को उसके साथ मारपीट की गई थी। उसका कहना है कि पति ने न केवल उसके साथ शारीरिक हिंसा की, बल्कि लंबे समय से मानसिक रूप से भी प्रताड़ित किया। महिला का आरोप है कि जब भी उसने किसी बात का विरोध किया, उसके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और उसे डराने-धमकाने की कोशिश की गई।
शिकायत में महिला ने यह भी आरोप लगाया है कि उसके पति के एक विवाहित छात्रा तथा संस्थान की एक महिला सहकर्मी के साथ कथित अवैध संबंध हैं। महिला का कहना है कि इसी कारण उनके वैवाहिक संबंधों में लगातार तनाव बढ़ता गया। आरोप है कि जब उसने इस विषय पर आपत्ति जताई और स्पष्टीकरण मांगा तो उसके साथ मारपीट की गई। शिकायत में यह भी कहा गया है कि पति ने कथित तौर पर चाकू दिखाकर उसे डराया और जान से मारने की धमकी दी।
महिला ने पुलिस को दिए गए अपने बयान में यह भी दावा किया है कि उसके पति ने उसकी गतिविधियों पर नजर रखने के उद्देश्य से घर में सीसीटीवी कैमरे लगवाए थे। उसका आरोप है कि उसकी निजी गतिविधियों की निगरानी की जाती थी और उसे लगातार मानसिक दबाव में रखा जाता था। शिकायत में वैवाहिक क्रूरता, मानसिक उत्पीड़न और घरेलू हिंसा से जुड़े कई अन्य घटनाक्रमों का भी उल्लेख किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शिकायत में लगाए गए सभी आरोपों की बारीकी से जांच की जाएगी। यदि आवश्यक हुआ तो इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी सबूतों की भी जांच की जाएगी। इसके अलावा दोनों पक्षों से जुड़े अन्य लोगों के बयान भी दर्ज किए जा सकते हैं, ताकि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष पड़ताल हो सके।
फिलहाल पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामला जांच के प्रारंभिक चरण में है। इसलिए किसी भी आरोप को अभी अंतिम रूप से सही या गलत नहीं माना जा सकता। जांच पूरी होने और सभी पक्षों की बात सामने आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। उधर, इस मामले को लेकर शैक्षणिक जगत में भी चर्चा तेज हो गई है, क्योंकि दोनों पति-पत्नी प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान से जुड़े हैं। हालांकि, संस्थान की ओर से इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। वहीं आरोपी प्रोफेसर निशीथ श्रीवास्तव की ओर से भी समाचार लिखे जाने तक कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि घरेलू हिंसा से जुड़े मामलों में पुलिस का दायित्व है कि वह दोनों पक्षों की बात सुनकर निष्पक्ष जांच करे। यदि जांच में आरोपों की पुष्टि होती है तो कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की जाती है। वहीं यदि आरोपों का समर्थन करने वाले पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलते, तो जांच रिपोर्ट उसी आधार पर तैयार की जाती है। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और मामले से जुड़े सभी तथ्यों का सत्यापन किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि शिकायत में लगाए गए आरोप किस हद तक प्रमाणित होते हैं और आगे क्या कानूनी कार्रवाई की जाएगी।