बीमारी का नाटक, जेलकर्मियों पर हमला और 17 कैदी फरार
300 पुलिसकर्मियों ने चलाया सर्च ऑपरेशन
तमिलनाडु। तमिलनाडु के थेनी जिले की थेक्कमपट्टी जिला जेल से 17 विचाराधीन कैदियों के फरार होने के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। सोमवार, 26 अक्टूबर की रात जेलकर्मियों पर कथित हमला कर भागे सभी 17 कैदियों को पुलिस ने दो दिनों के भीतर दोबारा हिरासत में ले लिया है। इस अभियान में 300 से अधिक पुलिसकर्मियों, विशेष टीमों और ड्रोन की मदद ली गई।
बीमारी का बहाना बनाकर जेल से भागे कैदी
प्रारंभिक जांच के अनुसार, जेल में बंद कुछ कैदियों ने कथित तौर पर एक साथी को दौरा पड़ने का नाटक किया। जब जेलकर्मी उसकी मदद के लिए पहुंचे, तो कैदियों ने उन पर हमला कर दिया। आरोप है कि कैदियों ने जेलकर्मियों से चाबियां छीन लीं और मुख्य द्वार से बाहर निकलकर फरार हो गए।घटना के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को तत्काल इसकी सूचना दी गई और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई।
300 से अधिक पुलिसकर्मी तलाश में जुटे
थेनी पुलिस ने फरार कैदियों को पकड़ने के लिए विशेष टीमें गठित कीं। आसपास के जिलों में भी निगरानी बढ़ाई गई। पुलिस ने जंगलों, पहाड़ी इलाकों और संभावित छिपने के ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। तीन ड्रोन की मदद से दुर्गम क्षेत्रों की निगरानी की गई। तलाशी अभियान में अपराध शाखा और विशेष पुलिस इकाइयों के कर्मचारियों को भी लगाया गया।
पहले दिन पकड़े गए 13 कैदी
पुलिस की कार्रवाई में मंगलवार, 27 अक्टूबर को 13 फरार कैदियों को दोबारा पकड़ लिया गया। इसके बाद शेष चार कैदियों की तलाश तेज कर दी गई। बुधवार सुबह रेगिन और पोनमुथुसेल्वम को पकड़ा गया। बाद में तिरुपति और मीनाक्षीसुंदरम भी पुलिस की हिरासत में आ गए। इसके साथ ही सभी 17 फरार कैदियों को पकड़ने का अभियान पूरा हो गया।
जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना के बाद जेल की सुरक्षा व्यवस्था और कर्मचारियों की तैनाती को लेकर सवाल उठ रहे हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, थेक्कमपट्टी जेल में निर्धारित क्षमता से अधिक कैदी रखे गए थे। जेलकर्मियों पर हमले और चाबियां छीनने की घटना की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कैदियों ने भागने की योजना कब और कैसे बनाई तथा सुरक्षा व्यवस्था में कहां चूक हुई।
सभी कैदी दोबारा हिरासत में
28 अक्टूबर की ताजा जानकारी के अनुसार, पुलिस ने सभी 17 कैदियों को दोबारा हिरासत में ले लिया है। अब फरारी की परिस्थितियों और जेल की सुरक्षा में संभावित कमियों की जांच जारी है।