गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को शारदीय नवरात्रि के प्रथम दिन गोरखपुर स्थित प्रसिद्ध गोरखनाथ मंदिर में कलश स्थापना की। इसके साथ ही मंदिर में नौ दिवसीय नवरात्रि उत्सव की शुरुआत हो गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नवरात्रि के पावन अवसर पर धार्मिक परंपराओं के अनुसार कलश स्थापना की। शारदीय नवरात्रि का पर्व मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना के लिए समर्पित है।
गोरखनाथ मंदिर में कलश स्थापना
शारदीय नवरात्रि के पहले दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखनाथ मंदिर में आयोजित धार्मिक अनुष्ठान में शामिल हुए। उन्होंने मंदिर में कलश स्थापना कर नौ दिवसीय उत्सव का शुभारंभ किया। गोरखनाथ मंदिर उत्तर प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरक्षपीठ के पीठाधीश्वर भी हैं। नवरात्रि के अवसर पर यहां देवी आराधना की विशेष परंपरा रही है।
नौ दिनों तक होगी मां दुर्गा की आराधना
शारदीय नवरात्रि हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है। इस पर्व के दौरान नौ दिनों तक मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाती है। नवरात्रि के प्रथम दिन मां शैलपुत्री की आराधना का विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्रि में कलश स्थापना को देवी पूजा की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। कलश स्थापना के बाद श्रद्धालु नौ दिनों तक पूजा-पाठ, व्रत और धार्मिक अनुष्ठान करते हैं।
गोरखनाथ मंदिर का विशेष धार्मिक महत्व
गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मंदिर नाथ संप्रदाय का प्रमुख केंद्र है। यहां देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का इस मंदिर से गहरा धार्मिक जुड़ाव है। गोरक्षपीठाधीश्वर के रूप में वह मंदिर की धार्मिक परंपराओं से जुड़े हुए हैं। शारदीय नवरात्रि के अवसर पर मंदिर में कलश स्थापना इसी धार्मिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
कलश स्थापना के साथ शुरू हुआ नवरात्रि पर्व
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा कलश स्थापना किए जाने के साथ गोरखनाथ मंदिर में नौ दिवसीय नवरात्रि उत्सव की शुरुआत हो गई है। नवरात्रि का पर्व शक्ति की उपासना, श्रद्धा और भक्ति का प्रतीक है। इस दौरान श्रद्धालु मां दुर्गा की आराधना कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हैं। गोरखनाथ मंदिर में मुख्यमंत्री की कलश स्थापना इस वर्ष के शारदीय नवरात्रि उत्सव का प्रमुख धार्मिक आयोजन रही।
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