नई दिल्ली: भारत अपनी आजादी काी 80वीं वर्षगांठ मना रहा है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लालकिला की प्राचीर से तिरंगा झंडा फहराया और देश को संबोधित किया। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में देश में खेल, खिलाड़ियों की संभावनाओं, खेल के लिए सरकार की भविष्य की योजना और ओलंपिक 2036 की मेजबानी की दावेदारी करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
पीएम मोदी ने कहा, "मैंने पहले भी कहा है कि जो खेलेगा वो खिलेगा। भारत खेल की दुनिया में अपनी जगह बना रहा है। अब खेल के पोडियम पर भारत का राष्ट्रगीत सुनाई देता है। भारत का राष्ट्रगान सुनाई देता है। तिरंगा लहराता दिखाई देता है। टॉप्स योजना ने बहुत बड़ी सफलता पाई है। खेल इंडिया गेम्स, यूनिवर्सिटी गेम्स, विंटर गेम्स, बिच गेम्स, खेल संरचनाएं, खेल के लिए कोचिंग, स्पोर्ट्स मेडिसीन, स्पोर्ट्स के लिए पोषण के क्षेत्र में भारत महारत हासिल कर रहा है।"
उन्होंने कहा, "नौजवानों के लिए बहुत बड़ा क्षेत्र खुल रहा है। भारत के पदकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। हम 2026 में ओलंपिक के मजबूत दावेदार बनकर आगे बढ़ रहे हैं। 2030 में भारत कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी करने वाला है। दुनिया में ओलंपिक खेलों में 40 प्रकार के खेल होते हैं जिसमें करीब 325 से 350 प्रतिस्पर्धाएं होती हैं। हम दो तिहाई खेलों में नहीं होते। हम क्वालीफाई नहीं करते।"
पीएम ने कहा, "हम युवाओं से आग्रह करते हैं कि हम 2036 में ओलंपिक की मेजबानी की दावेदारी कर रहे हैं। मैं चाहता हूं कि हम जिन खेलों में क्वालीफाई नहीं कर पाते, उन पर ध्यान दें। हम इसके लिए प्रतिभा खोज अभियान चलाना चाहते हैं। गांव-गांव, शहर-शहर, स्कूल-स्कूल 5 से 15 साल के बच्चों में प्रतिभा ढूंढने के लिए 'प्रतिभा खोज' अभियान चलाया जाएगा। प्रतिभा की पहचान की जाएगी और फिर बच्चों को प्रशिक्षण देकर उन्हें देश के श्रेष्ठ खिलाड़ी के रूप में विकसित किया जाएगा।"