स्पोर्ट्स डेस्क: जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियाई पैरा खेल 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी है। मंगलवार, 20 अक्टूबर को निषाद कुमार और देवेंद्र कुमार ने अपनी स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीतकर भारत की उपलब्धियों में इजाफा किया। निषाद ने पुरुषों की ऊंची कूद में शीर्ष स्थान हासिल किया, जबकि देवेंद्र ने पुरुषों की डिस्कस थ्रो स्पर्धा में सोना अपने नाम किया। डिस्कस थ्रो में भारतीय खिलाड़ियों ने तीनों पदक जीतकर प्रतियोगिता को यादगार बना दिया। लगातार मिल रही सफलताओं से भारतीय दल का अभियान मजबूत हुआ है। 

निषाद कुमार ने पुरुषों की ऊंची कूद टी47 स्पर्धा में 2.04 मीटर की ऊंचाई पार करके स्वर्ण पदक जीता। इससे पहले वह इन खेलों की लंबी कूद स्पर्धा में भी स्वर्ण हासिल कर चुके हैं। इस तरह उन्होंने अलग-अलग स्पर्धाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। ऊंची कूद में पहले से स्थापित निषाद का लंबी कूद में भी शीर्ष स्थान पर पहुंचना उनकी बहुमुखी क्षमता को सामने लाता है। दोनों सफलताओं ने उन्हें भारतीय अभियान के प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल कर दिया है। 
पुरुषों की डिस्कस थ्रो एफ43/एफ44/एफ62/एफ64 संयुक्त स्पर्धा में भारत ने पूरा पोडियम अपने नाम किया। देवेंद्र कुमार ने स्वर्ण, राकेश ने रजत और प्रदीप कुमार ने कांस्य पदक हासिल किया। एक ही स्पर्धा में तीन भारतीय खिलाड़ियों का पदक जीतना देश के लिए बड़ी उपलब्धि रहा। देवेंद्र की जीत के साथ राकेश और प्रदीप का योगदान भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि तीनों ने मिलकर भारतीय दल को एक साथ स्वर्ण, रजत और कांस्य दिलाया। 
इस संयुक्त स्पर्धा में खिलाड़ियों की अंतिम स्थिति उनकी श्रेणी के अनुसार मिलने वाले अंकों से निर्धारित हुई। इसलिए केवल सबसे लंबा थ्रो करने वाला खिलाड़ी ही विजेता नहीं बना। अलग-अलग वर्गों के प्रदर्शन की तुलना के लिए अंक प्रणाली का इस्तेमाल किया गया। पैरा खेलों की संयुक्त स्पर्धाओं को समझते समय यह अंतर महत्वपूर्ण है। दूरी के साथ संबंधित वर्ग और अंतिम अंक देखने पर ही पदक के नतीजे की सही तस्वीर सामने आती है। 
निषाद की लंबी कूद का स्वर्ण भी भारतीय अभियान की खास उपलब्धियों में शामिल है। सोमवार को उन्होंने पुरुषों की टी47 लंबी कूद में 7.11 मीटर की सर्वश्रेष्ठ छलांग लगाई थी। तीसरे और पांचवें प्रयास में उन्होंने समान दूरी हासिल की। उज्बेकिस्तान के ओमादबेक खासानोव ने 6.99 मीटर के साथ रजत पदक जीता, जबकि श्रीलंका के मोहम्मदु सफरान को 6.55 मीटर की छलांग पर कांस्य मिला। निषाद ने इस स्पर्धा में अपने पहले अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन को स्वर्णिम सफलता में बदल दिया। 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी लंबी कूद में निषाद की सफलता पर उन्हें बधाई दी। प्रधानमंत्री ने उनकी बहुमुखी प्रतिभा, दृढ़ निश्चय और खेल उत्कृष्टता की सराहना की। उन्होंने इस बात को विशेष बताया कि निषाद ने इस स्पर्धा में पदार्पण करते हुए स्वर्ण पदक हासिल किया। यह प्रतिक्रिया निषाद की उपलब्धि के महत्व को दर्शाती है। एक स्थापित खिलाड़ी के रूप में नई स्पर्धा में उतरकर सफलता हासिल करना उनके करियर में एक और उल्लेखनीय पड़ाव बना है। 
भारत ने प्रतियोगिता के शुरुआती दिन ही चार स्वर्ण, पांच रजत और दो कांस्य सहित 11 पदक जीत लिए थे। स्वर्ण पदक जीतने वालों में निशानेबाज मोना अग्रवाल, लंबी कूद में निषाद कुमार, महिलाओं की 1500 मीटर स्पर्धा में सौम्या और भालाफेंक में रिंकू हुड्डा शामिल रहे। इस शुरुआत से स्पष्ट हुआ कि भारत का पदक अभियान कई खिलाड़ियों और विभिन्न खेलों के योगदान से आगे बढ़ रहा है। एथलेटिक्स के साथ निशानेबाजी में भी भारतीय खिलाड़ियों ने शीर्ष स्थान हासिल किया।

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