गांधीनगर। जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी है। गुजरात की 24 वर्षीय दृष्टिबाधित धावक तेजलबेन डामोर ने महिलाओं की 200 मीटर T12 स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया है। खास बात यह है कि तेजलबेन ने इस प्रतिष्ठित महाद्वीपीय प्रतियोगिता में पहली बार हिस्सा लिया और अपने पदार्पण में ही पदक हासिल कर लिया। उन्होंने 25.23 सेकंड का समय निकालकर अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी दर्ज किया। उनकी इस उपलब्धि से भारतीय पैरा एथलेटिक्स को एक और सफलता मिली है।
पहली बार में ही कांस्य पदक जीतकर दिखाई प्रतिभा
तेजलबेन डामोर गुजरात के गांधीनगर स्थित भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। उन्होंने मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को महिलाओं की 200 मीटर T12 स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन किया।प्रतियोगिता की शुरुआती हीट में तेजलबेन ने 25.25 सेकंड का समय निकाला। इस प्रदर्शन के साथ वह अपनी हीट में दूसरे स्थान पर रहीं और फाइनल के लिए क्वालीफाई किया।इसके बाद फाइनल मुकाबले में उन्होंने अपने प्रदर्शन को और बेहतर करते हुए 25.23 सेकंड में दौड़ पूरी की। इस समय के साथ उन्होंने कांस्य पदक हासिल किया।उनका यह प्रदर्शन इसलिए भी महत्वपूर्ण रहा, क्योंकि उन्होंने अपना पिछला व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ रिकॉर्ड भी तोड़ दिया।
दुबई में बनाए रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ा
तेजलबेन ने सितंबर 2026 में दुबई पैरा एथलेटिक्स ग्रां प्री में महिलाओं की 200 मीटर स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता थाउस प्रतियोगिता में उन्होंने 25.47 सेकंड का समय दर्ज किया था, जो उस समय उनका सर्वश्रेष्ठ व्यक्तिगत प्रदर्शन था।एशियन पैरा गेम्स में तेजलबेन ने इस समय में 0.24 सेकंड का सुधार करते हुए नया व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया।प्रतिस्पर्धात्मक एथलेटिक्स में समय का यह सुधार महत्वपूर्ण माना जाता है। विशेष रूप से 200 मीटर जैसी तेज रफ्तार स्पर्धा में सेकंड के छोटे अंतर भी खिलाड़ियों की अंतिम स्थिति तय कर सकते हैं।
पदक जीतने के बाद भावुक हुईं तेजलबेन
कांस्य पदक जीतने के बाद तेजलबेन डामोर भावुक नजर आईं। उन्होंने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने कोच नितिन चौधरी को दिया।तेजलबेन ने बताया कि उनकी सफलता के पीछे कोच का मार्गदर्शन, निरंतर प्रशिक्षण और व्यक्तिगत त्याग महत्वपूर्ण रहा है।उन्होंने अपने प्रशिक्षण के दौरान मिली सहायता और प्रोत्साहन को याद करते हुए कोच के प्रति आभार व्यक्त किया।तेजलबेन की इस सफलता ने एक बार फिर यह दिखाया कि खिलाड़ियों की उपलब्धियों के पीछे उनके प्रशिक्षकों की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
सिमरन ने जीता स्वर्ण, भारत को मिले दो पदक
महिलाओं की 200 मीटर T12 स्पर्धा में भारत की अनुभवी धावक सिमरन ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता।सिमरन ने 24.80 सेकंड में दौड़ पूरी कर नया गेम्स रिकॉर्ड स्थापित किया। वहीं, ईरान की हाजर सफरजादेह ने 25.02 सेकंड के समय के साथ रजत पदक हासिल किया।भारत की तेजलबेन डामोर 25.23 सेकंड के साथ तीसरे स्थान पर रहीं।इस तरह एक ही स्पर्धा में भारत की दो महिला खिलाड़ियों ने पदक जीतकर देश को दोहरी सफलता दिलाई।
क्या है T12 श्रेणी?
पैरा एथलेटिक्स में T12 श्रेणी दृष्टिबाधित खिलाड़ियों के लिए निर्धारित की गई है। इसमें ऐसे खिलाड़ी प्रतिस्पर्धा करते हैं, जिनकी दृष्टि मध्यम स्तर तक प्रभावित होती है।इस श्रेणी के खिलाड़ियों को प्रतियोगिता के नियमों के अनुसार गाइड रनर की सहायता लेने की अनुमति होती है।पैरा एथलेटिक्स में विभिन्न शारीरिक और दृष्टि संबंधी अक्षमताओं के आधार पर खिलाड़ियों की अलग-अलग श्रेणियां निर्धारित की जाती हैं, ताकि प्रतिस्पर्धा को निष्पक्ष बनाया जा सके।
भारतीय पैरा एथलेटिक्स को मिली नई पहचान
तेजलबेन की सफलता भारतीय पैरा एथलेटिक्स में उभरती प्रतिभाओं के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है।गांधीनगर में नियमित प्रशिक्षण और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भागीदारी के कारण उनके प्रदर्शन में लगातार सुधार देखने को मिला है।दुबई पैरा एथलेटिक्स ग्रां प्री में स्वर्ण पदक और अब एशियन पैरा गेम्स में कांस्य पदक ने उनके खेल करियर को नई दिशा दी है।इस प्रदर्शन से उनका आत्मविश्वास बढ़ने के साथ भविष्य की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए भी मजबूत आधार तैयार हुआ है।तेजलबेन डामोर की यह उपलब्धि खेल के प्रति उनके समर्पण, अनुशासन और कठिन परिश्रम का परिणाम है। पहली बार एशियन पैरा गेम्स में उतरकर पदक जीतना उनके करियर का यादगार पड़ाव बन गया है।
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