वडोदरा। भारत और जिम्बाब्वे की महिला क्रिकेट टीमों के बीच शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को खेले जा रहे पहले वनडे मुकाबले में रोमांचक स्थिति देखने को मिल रही है। वडोदरा के बीसीए स्टेडियम में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी जिम्बाब्वे की टीम ने शुरुआती झटकों के बावजूद छह विकेट के नुकसान पर 170 रन का आंकड़ा पार कर लिया है। भारतीय गेंदबाजों ने लगातार विकेट लेकर जिम्बाब्वे को दबाव में रखा, लेकिन बेलव्ड बिजा और मिचेल मावुंगा ने महत्वपूर्ण साझेदारी करते हुए टीम की पारी को संभाला। 41 ओवर के बाद जिम्बाब्वे का स्कोर छह विकेट पर 174 रन था। उस समय बिजा 57 और मावुंगा 27 रन बनाकर क्रीज पर थीं। भारतीय टीम की ओर से श्री चरणी ने शानदार गेंदबाजी करते हुए तीन विकेट हासिल किए।
छह विकेट गिरने के बाद संभली जिम्बाब्वे की पारी
जिम्बाब्वे की टीम ने मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया था।
हालांकि, भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआत से ही विपक्षी बल्लेबाजों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया।
नियमित अंतराल पर विकेट गिरने से जिम्बाब्वे की बल्लेबाजी मुश्किल में नजर आई।
एक समय टीम का स्कोर 140 रन पर छह विकेट हो गया था।
ऐसे समय में बेलव्ड बिजा और मिचेल मावुंगा ने जिम्मेदारी संभाली।
दोनों बल्लेबाजों ने धैर्य और समझदारी के साथ बल्लेबाजी करते हुए टीम को 170 रन के पार पहुंचाया।
इस साझेदारी की बदौलत जिम्बाब्वे ने पूरी तरह दबाव में आने के बजाय मुकाबले में वापसी करने का प्रयास किया।
बेलव्ड बिजा ने लगाया शानदार अर्धशतक
जिम्बाब्वे की बल्लेबाज बेलव्ड बिजा ने मुश्किल परिस्थितियों में शानदार प्रदर्शन किया।
जब टीम लगातार विकेट गंवा रही थी, तब बिजा ने एक छोर संभाले रखा।
उन्होंने भारतीय गेंदबाजों का सामना करते हुए अपना अर्धशतक पूरा किया।
बिजा ने 67 गेंदों में 50 रन बनाकर महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की।
इसके बाद भी उन्होंने अपनी पारी जारी रखी।
41 ओवर की समाप्ति पर वह 83 गेंदों में 57 रन बनाकर बल्लेबाजी कर रही थीं।
बिजा की पारी जिम्बाब्वे के लिए इसलिए महत्वपूर्ण रही, क्योंकि उन्होंने दबाव के समय विकेट बचाते हुए स्कोर आगे बढ़ाया।
मिचेल मावुंगा ने बढ़ाई रन गति
बिजा के साथ मिचेल मावुंगा ने भी प्रभावशाली बल्लेबाजी की।
उन्होंने क्रीज पर आने के बाद सकारात्मक अंदाज में रन बनाने शुरू किए।
मावुंगा ने 20 गेंदों पर 27 रन बनाकर टीम की रन गति बढ़ाने में योगदान दिया।
उनकी बल्लेबाजी के कारण भारतीय गेंदबाजों को लगातार दबाव बनाए रखने में चुनौती का सामना करना पड़ा।
एक ओर बिजा संयम के साथ बल्लेबाजी कर रही थीं, वहीं दूसरी ओर मावुंगा तेजी से रन जुटाने का प्रयास कर रही थीं।
दोनों ने सातवें विकेट के लिए महत्वपूर्ण साझेदारी की।
42 ओवर में 179 रन तक पहुंचा स्कोर
अगले ओवर में भी दोनों बल्लेबाजों ने जिम्बाब्वे की पारी को आगे बढ़ाया।
42 ओवर की समाप्ति पर टीम का स्कोर छह विकेट के नुकसान पर 179 रन हो गया।
इस समय बेलव्ड बिजा 87 गेंदों पर 60 रन बनाकर नाबाद थीं।
मिचेल मावुंगा 22 गेंदों पर 29 रन बनाकर उनका साथ दे रही थीं।
दोनों बल्लेबाजों के बीच सातवें विकेट के लिए 39 रन की साझेदारी हो चुकी थी।
इस साझेदारी ने जिम्बाब्वे को सम्मानजनक स्कोर की ओर बढ़ने का अवसर दिया।
श्री चरणी ने झटके तीन महत्वपूर्ण विकेट
भारतीय टीम की ओर से श्री चरणी ने शानदार गेंदबाजी की।
बाएं हाथ की स्पिन गेंदबाज ने जिम्बाब्वे की बल्लेबाजों को खुलकर रन बनाने का मौका नहीं दिया।
उन्होंने अपने नौ ओवर में केवल 22 रन देकर तीन विकेट हासिल किए।
उनकी किफायती गेंदबाजी के कारण जिम्बाब्वे की टीम मध्य ओवरों में तेजी से रन नहीं बना सकी।
श्री चरणी ने अपनी गेंदों की दिशा और लंबाई का प्रभावी इस्तेमाल किया।
उनके तीन विकेट भारत के लिए महत्वपूर्ण साबित हुए।
न्याशा ग्वानजुरा को किया था आउट
इससे पहले श्री चरणी ने जिम्बाब्वे की बल्लेबाज न्याशा ग्वानजुरा का विकेट हासिल किया था।
न्याशा ने 28 गेंदों का सामना करते हुए 13 रन बनाए।
उनका विकेट 28वें ओवर की तीसरी गेंद पर गिरा।
उस समय जिम्बाब्वे का स्कोर 113 रन पर पांच विकेट था।
इसके बाद चिएद्जा धुरुरु और बेलव्ड बिजा ने टीम की पारी आगे बढ़ाई।
हालांकि, भारत ने जल्द ही छठा विकेट भी हासिल कर लिया।
140 रन पर गिरा छठा विकेट
जिम्बाब्वे को छठा झटका चिएद्जा धुरुरु के रूप में लगा।
उन्होंने 23 गेंदों पर 10 रन बनाए।
पारी के 36वें ओवर की पहली गेंद पर वह आउट हो गईं।
उस समय जिम्बाब्वे का स्कोर 140 रन पर छह विकेट था।
दीप्ति शर्मा ने धुरुरु को आउट करके भारत को महत्वपूर्ण सफलता दिलाई।
इस विकेट के बाद भारतीय टीम विपक्षी बल्लेबाजों को जल्द समेटने की कोशिश कर रही थी।
लेकिन बिजा और मावुंगा ने साझेदारी करके भारतीय गेंदबाजों की चुनौती बढ़ा दी।
शुरुआती बल्लेबाज नहीं खेल सकीं बड़ी पारी
जिम्बाब्वे की शुरुआत अच्छी नहीं रही थी।
सलामी बल्लेबाज लॉरिन फिरि केवल एक रन बनाकर आउट हो गईं।
इसके बाद चिपो मुगेरी तिरिपानो ने 21 रन बनाए, लेकिन वह भी अपनी पारी को बड़ा नहीं कर सकीं।
मोडेस्टर मुपाचिक्वा ने 25 रन का योगदान दिया।
वहीं शार्ने मायर्स केवल आठ रन बनाकर पवेलियन लौट गईं।
शुरुआती चार विकेट 70 रन के भीतर गिरने से जिम्बाब्वे की टीम दबाव में आ गई थी।
हालांकि, इसके बाद मध्यक्रम की बल्लेबाजों ने टीम को संभालने का प्रयास किया।
भारतीय टीम की नजर सातवें विकेट पर
छह विकेट हासिल करने के बाद भारतीय टीम की कोशिश जल्द सातवां विकेट लेने की रही।
श्री चरणी और दीप्ति शर्मा की स्पिन गेंदबाजी ने जिम्बाब्वे को काफी परेशान किया।
लेकिन आखिरी ओवरों की ओर बढ़ते हुए विपक्षी बल्लेबाजों ने रन बनाने की गति बढ़ाई।
भारत के लिए जरूरी था कि वह बिजा और मावुंगा की साझेदारी को जल्द समाप्त करे।
यदि यह साझेदारी लंबी चलती, तो जिम्बाब्वे अंतिम ओवरों में अपेक्षाकृत बड़ा स्कोर बना सकता था।
अंतिम ओवरों में रन बनाने की चुनौती
वनडे क्रिकेट में अंतिम दस ओवर किसी भी टीम के लिए महत्वपूर्ण होते हैं।
इस दौरान बल्लेबाजी करने वाली टीम तेजी से रन जुटाने का प्रयास करती है।
जिम्बाब्वे के लिए भी यही चुनौती सामने थी।
छह विकेट गिरने के कारण टीम को सावधानी के साथ बल्लेबाजी करनी थी।
बिजा और मावुंगा की साझेदारी से जिम्बाब्वे को आखिरी ओवरों में अतिरिक्त रन जोड़ने की उम्मीद मिली।
वहीं भारतीय टीम की कोशिश बाकी विकेट लेकर विपक्षी टीम को कम स्कोर पर रोकने की थी।
स्मृति मंधाना की कप्तानी में मैदान पर भारत
भारतीय महिला टीम इस वनडे मुकाबले में स्मृति मंधाना की कप्तानी में मैदान पर उतरी है।
टीम में हरमनप्रीत कौर, शेफाली वर्मा, दीप्ति शर्मा और ऋचा घोष जैसी अनुभवी खिलाड़ी शामिल हैं।
भारत की गेंदबाजी इकाई ने शुरुआती और मध्य ओवरों में प्रभावशाली प्रदर्शन किया।
अब टीम का लक्ष्य जिम्बाब्वे की पारी को जल्द समाप्त करके बल्लेबाजी के दौरान जीत का लक्ष्य हासिल करना होगा।
यह तीन मैचों की वनडे सीरीज का पहला मुकाबला है।
मुकाबले में भारत की स्थिति मजबूत
जिम्बाब्वे ने छह विकेट गंवाने के बाद भी 170 रन का आंकड़ा पार करके संघर्ष जारी रखा है।
बेलव्ड बिजा के अर्धशतक और मिचेल मावुंगा की तेज बल्लेबाजी ने टीम को संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
दूसरी ओर भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआती 42 ओवरों में छह विकेट हासिल करके अपनी स्थिति मजबूत बनाए रखी।
श्री चरणी के तीन विकेट भारतीय गेंदबाजी की सबसे बड़ी उपलब्धि रहे।
उपलब्ध स्कोर अपडेट के अनुसार, जिम्बाब्वे ने 42 ओवर में छह विकेट पर 179 रन बनाए थे। बिजा 60 और मावुंगा 29 रन बनाकर बल्लेबाजी कर रही थीं। मुकाबला जारी रहने के कारण स्कोर और आंकड़ों में आगे बदलाव संभव है