फ्रांस में विरोध प्रदर्शनों के बीच 135 लोग गिरफ्तार, हथियारों का जखीरा जब्त
पेरिस। फ्रांस में दक्षिणपंथी पार्टी नेशनल रैली के सम्मेलन के विरोध में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हो रहे हैं। देशभर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस और प्रशासन अलर्ट पर हैं। फ्रांस के गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज़ के अनुसार, विभिन्न स्थानों पर विरोध प्रदर्शनों के दौरान पुलिस ने 135 लोगों को गिरफ्तार किया है। सुरक्षा बलों ने कार्रवाई के दौरान कई प्रकार के हथियार और खतरनाक वस्तुएं भी जब्त की हैं। राजधानी पेरिस के दक्षिण में स्थित ऑरलियन्स शहर में दक्षिणपंथी नेशनल रैली पार्टी के दो दिवसीय सम्मेलन के खिलाफ हजारों लोग सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने पार्टी की नेता मरीन ले पेन और राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के खिलाफ नारेबाजी की।
देशभर में सुरक्षा व्यवस्था सख्त, 135 गिरफ्तार
फ्रांस के गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज़ ने विरोध प्रदर्शनों के दौरान की गई पुलिस कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि देशभर में अब तक 135 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।गृह मंत्री के अनुसार, प्रदर्शन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस लगातार निगरानी कर रही है। उन्होंने कहा कि गिरफ्तारियों और हथियारों की बरामदगी के बावजूद अब तक किसी बड़ी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है।फ्रांस 24 की रिपोर्ट के मुताबिक, पेरिस पुलिस ने भी राजधानी में दोपहर के समय स्थिति शांत रहने की जानकारी दी। हालांकि, विभिन्न शहरों में जारी प्रदर्शनों को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं।
पुलिस ने तलवार से लेकर देसी हथियार तक किए जब्त
प्रदर्शनों के दौरान पुलिस ने कई तरह की खतरनाक वस्तुएं बरामद की हैं। अधिकारियों के अनुसार, जब्त सामान में धातु की गेंदें, सीसे के छर्रे, आतिशबाजी, गुलेल, स्टील की गेंदें और खुद बनाए गए हथियार शामिल हैं।इसके अलावा पुलिस ने एयरसॉफ्ट बंदूकें और जापानी शैली की कटाना तलवार भी जब्त की है। सुरक्षा अधिकारियों का ध्यान इस बात पर है कि प्रदर्शनों के दौरान किसी भी तरह की हिंसक घटना को रोका जा सके।हथियारों की बरामदगी के बाद प्रदर्शन स्थलों के आसपास सुरक्षा निगरानी बढ़ाई गई है। पुलिस का प्रयास है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति देते हुए सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
ऑरलियन्स में 11 हजार प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतरे
शनिवार को ऑरलियन्स शहर विरोध प्रदर्शनों का प्रमुख केंद्र बन गया। यहां नेशनल रैली पार्टी के दो दिवसीय सम्मेलन के खिलाफ बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए।स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, दोपहर तक करीब 11 हजार प्रदर्शनकारी शहर की सड़कों पर पहुंच चुके थे। प्रदर्शनकारियों ने रैलियां निकालीं और दक्षिणपंथी विचारधारा के विरोध में बैनर तथा पोस्टर लहराए।प्रदर्शन में शामिल लोगों ने मरीन ले पेन और राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, दोनों के खिलाफ नारे लगाए। इससे स्पष्ट हुआ कि विरोध केवल नेशनल रैली पार्टी तक सीमित नहीं था, बल्कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने मौजूदा सरकार की नीतियों पर भी असहमति जताई।
मरीन ले पेन की पार्टी का दो दिवसीय सम्मेलन
ऑरलियन्स में मरीन ले पेन की नेशनल रैली पार्टी का दो दिवसीय सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में पार्टी के नेताओं, पदाधिकारियों और समर्थकों की भागीदारी हो रही है।यह सम्मेलन अगले वर्ष होने वाले फ्रांस के राष्ट्रपति चुनाव से पहले पार्टी की राजनीतिक तैयारियों का हिस्सा है। सम्मेलन में पार्टी अध्यक्ष जॉर्डन बार्डेला की भूमिका और आगामी चुनाव अभियान से जुड़े मुद्दे भी महत्वपूर्ण हैं।मरीन ले पेन ने विरोध प्रदर्शनों के बीच कहा कि राजनीतिक दलों को लोकतांत्रिक तरीके से अपने कार्यक्रम आयोजित करने का अधिकार है। वहीं, विरोध प्रदर्शन आयोजित करने वाले संगठनों ने दक्षिणपंथी राजनीति और उसकी नीतियों के खिलाफ अपनी असहमति व्यक्त की है।
प्रदर्शनकारियों की संख्या पर अलग-अलग दावे
ऑरलियन्स में प्रदर्शनकारियों की संख्या को लेकर प्रशासन और आयोजकों के आंकड़ों में अंतर सामने आया है। स्थानीय प्रशासन ने शनिवार दोपहर तक करीब 11 हजार लोगों के प्रदर्शन में शामिल होने की पुष्टि की, जबकि आयोजकों ने यह संख्या 26 हजार बताई।प्रदर्शन में विभिन्न राजनीतिक दलों, श्रमिक संगठनों और सामाजिक समूहों से जुड़े लोगों ने भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने अपने बैनरों और नारों के माध्यम से राजनीतिक असहमति जताई।शहर में सुरक्षा कारणों से 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक दो रातों का कर्फ्यू भी लगाया गया।
पूरे फ्रांस में 70 हजार सुरक्षाकर्मी तैनात
फ्रांस सरकार ने देशभर में जारी प्रदर्शनों को देखते हुए करीब 70 हजार पुलिसकर्मियों और सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की है। राजधानी पेरिस सहित कई शहरों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है।पेरिस में प्रमुख संग्रहालयों को बंद रखा गया, जबकि कई दुकानदारों ने संभावित नुकसान से बचने के लिए अपने प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के अतिरिक्त इंतजाम किए।सरकार का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार की रक्षा के साथ सार्वजनिक संपत्ति और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना उसकी जिम्मेदारी है। दूसरी ओर, कुछ प्रदर्शनकारी संगठनों ने रैलियों के मार्ग बदलने और प्रतिबंध लगाने के फैसलों पर आपत्ति जताई है।फिलहाल फ्रांस में विरोध प्रदर्शनों और राजनीतिक गतिविधियों के बीच तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। प्रशासन का ध्यान किसी भी संभावित हिंसा को रोकने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर केंद्रित है।