अटलांटा में क्वाड देशों की बड़ी बैठक, जयशंकर और रुबियो ने हिंद-प्रशांत सहयोग पर की चर्चा
एटलांटा : अमेरिका के अटलांटा में शनिवार, 31 अक्टूबर 2026 को क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की अहम बैठक आयोजित हुई। इस बैठक में भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर, अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो, जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी और ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग ने हिस्सा लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा, आर्थिक समृद्धि और रणनीतिक सहयोग को मजबूत करना रहा। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने साझा प्राथमिकताओं को हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए ठोस लाभ में बदलने की आवश्यकता पर जोर दिया।यह बैठक ऐसे समय में हुई है, जब हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा, व्यापारिक मार्गों की स्वतंत्रता, आपूर्ति श्रृंखला और उभरती तकनीकों को लेकर वैश्विक स्तर पर चुनौतियां बढ़ रही हैं। चारों देशों ने इस बात पर सहमति जताई कि क्वाड के माध्यम से ऐसी व्यावहारिक पहल आगे बढ़ाई जानी चाहिए, जिनका लाभ क्षेत्र के देशों और वहां रहने वाले लोगों तक पहुंचे।जापान के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, चारों देशों के विदेश मंत्रियों ने समुद्री एवं अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा, आर्थिक समृद्धि और सुरक्षा, महत्वपूर्ण एवं उभरती तकनीकों तथा मानवीय सहायता और आपदा राहत जैसे चार प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग जारी रखने पर सहमति जताई। बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक समृद्धि के लिए आर्थिक सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण है।
बैठक में समुद्री सुरक्षा को विशेष महत्व दिया गया। हिंद-प्रशांत क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय व्यापार और समुद्री परिवहन के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। इस क्षेत्र से होकर बड़ी मात्रा में ऊर्जा संसाधनों, खाद्य सामग्री और अन्य जरूरी वस्तुओं का परिवहन होता है। ऐसे में समुद्री मार्गों की सुरक्षा और नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करना चारों देशों की साझा प्राथमिकताओं में शामिल है।क्वाड देशों ने समुद्री निगरानी, समुद्री क्षेत्र की स्थिति संबंधी जानकारी साझा करने, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क, समुद्र के भीतर बिछी संचार केबलों की सुरक्षा, प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की जरूरत पर भी बल दिया। इन पहलों का उद्देश्य समुद्री क्षेत्र में किसी भी संभावित चुनौती से निपटने के लिए देशों की सामूहिक क्षमता को मजबूत करना है।आर्थिक सुरक्षा और आपूर्ति श्रृंखला को लेकर भी बैठक में महत्वपूर्ण चर्चा हुई। वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव, व्यापारिक बाधाओं और विभिन्न क्षेत्रों में जारी संघर्षों का असर अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर पड़ रहा है। ऐसे हालात में महत्वपूर्ण खनिजों, ऊर्जा संसाधनों, खाद और खाद्य सामग्री की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना जरूरी हो गया है। चारों देशों ने भरोसेमंद और खुले वैश्विक आपूर्ति नेटवर्क तथा मजबूत बुनियादी ढांचे के निर्माण की प्रतिबद्धता दोहराई।
बैठक में महत्वपूर्ण और उभरती तकनीकों पर भी ध्यान केंद्रित किया गया। विशेष रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और विश्वसनीय एआई तकनीकों के विकास एवं इस्तेमाल को लेकर सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी। चारों देशों ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भरोसेमंद तकनीकी नवाचार को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता जताई। इसके साथ ही क्वाड बिजनेस लीडर्स फोरम की शुरुआत सहित आर्थिक सहयोग से जुड़ी प्रगति का स्वागत किया गया।इस बैठक में भारत की भागीदारी को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भारत हिंद महासागर क्षेत्र में एक प्रमुख समुद्री शक्ति है और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्वतंत्र, खुले एवं समावेशी व्यवस्था का समर्थन करता रहा है। क्वाड के माध्यम से भारत अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के साथ मिलकर समुद्री सुरक्षा, तकनीकी सहयोग, आपदा प्रबंधन और आर्थिक विकास जैसे मुद्दों पर काम कर रहा है।विदेश मंत्री एस. जयशंकर की अटलांटा यात्रा के दौरान भारत और अमेरिका के द्विपक्षीय संबंधों को लेकर भी चर्चा हुई। जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से मुलाकात कर दोनों देशों के बीच सहयोग की समीक्षा की थी। इस मुलाकात के बाद जयशंकर ने सोशल मीडिया पर रुबियो के आतिथ्य के लिए आभार जताते हुए कहा कि दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय सहयोग का जायजा लिया।
गौरतलब है कि क्वाड में भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं। इस समूह का उद्देश्य हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देना और साझा चुनौतियों का मिलकर समाधान तलाशना है। अटलांटा में हुई यह इस वर्ष की तीसरी विदेश मंत्री स्तरीय बैठक थी। इससे पहले मई और जुलाई 2026 में भी क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठकें हो चुकी हैं।बैठक के दौरान चारों देशों ने आगामी क्वाड नेताओं के शिखर सम्मेलन और अगली विदेश मंत्री स्तरीय बैठक को लेकर भी अपनी अपेक्षाएं जाहिर कीं। सभी देशों ने क्वाड के तहत आपसी समन्वय बनाए रखने और क्षेत्रीय हितों से जुड़े मुद्दों पर मिलकर काम करने पर सहमति जताई। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, क्वाड नेताओं का अगला शिखर सम्मेलन नवंबर में फिलीपींस की राजधानी मनीला में आयोजित होने की तैयारी है।कुल मिलाकर अटलांटा की यह बैठक हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चारों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। समुद्री सुरक्षा से लेकर आर्थिक स्थिरता और आधुनिक तकनीक तक, क्वाड देशों ने स्पष्ट संकेत दिया है कि वे केवल साझा मुद्दों पर चर्चा तक सीमित नहीं रहना चाहते, बल्कि ऐसी ठोस पहल करना चाहते हैं जिनसे पूरे क्षेत्र को वास्तविक लाभ मिल सके।