इंटरनेट पर मशहूर ‘जैकी’ की मौत का कारण आया सामने, बर्ड फ्लू की पुष्टि
घोंसले के लाइव वीडियो से मशहूर हुई थी ‘जैकी’
कैलिफोर्निया: अमेरिका के बिग बेयर वैली में रहने वाली मशहूर मादा बाल्ड ईगल ‘जैकी’ की मौत के पीछे बर्ड फ्लू का संक्रमण प्रमुख कारण था। कैलिफोर्निया के मत्स्य एवं वन्यजीव विभाग ने 14 अक्टूबर को पोस्टमार्टम और अतिरिक्त जांचों के निष्कर्ष जारी किए। अधिकारियों के अनुसार, अत्यधिक रोगजनक एवियन इन्फ्लुएंजा ने उसके स्वास्थ्य को गंभीर रूप से प्रभावित किया था। अगस्त में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। जैकी अपने साथी ‘शैडो’ के साथ घोंसले से प्रसारित होने वाले लाइव वीडियो के कारण दुनियाभर में लोकप्रिय थी।
पेट में घाव से लगातार हो रहा था रक्तस्राव
सैन डिएगो जू वाइल्डलाइफ एलायंस के विशेषज्ञों ने जैकी का पोस्टमार्टम किया। जांच में पेट के मांसल हिस्से में गंभीर घाव मिला। विशेषज्ञों के मुताबिक, संक्रमण के इस असामान्य प्रभाव के कारण लगातार आंतरिक रक्तस्राव हुआ। इससे खून की कमी बढ़ी और गंभीर जीवाणु संक्रमण भी विकसित हो गया। शरीर के कई ऊतकों में बर्ड फ्लू वायरस की आनुवंशिक सामग्री मिलने से संक्रमण की पुष्टि हुई। रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया कि जैकी कई परस्पर जुड़ी गंभीर समस्याओं से जूझ रही थी। उसकी हालत बिगड़ने के पीछे केवल बाहर दिखाई देने वाली कमजोरी नहीं थी, बल्कि शरीर के भीतर लंबे समय से विकसित हो रही जटिल बीमारी भी थी।
जुलाई में शुरू हुआ था गहन उपचार
जैकी को जमीन पर कमजोर अवस्था में मिलने के बाद 18 जुलाई को ओहाई रैप्टर सेंटर में भर्ती कराया गया था। शुरुआती परीक्षणों में शरीर में पानी और खून की गंभीर कमी मिली। उसे तरल पदार्थ, ऑक्सीजन और पोषण देने के साथ लगातार निगरानी में रखा गया। 22 जुलाई को ‘स्पिरिट’ नाम की दूसरी बाल्ड ईगल से प्राप्त रक्त चढ़ाया गया। इससे कुछ समय के लिए सुधार हुआ, लेकिन बाद में रक्त संबंधी मानक फिर गिरने लगे। विशेषज्ञों ने सीटी स्कैन, अस्थिमज्जा की जांच और अन्य परीक्षण भी किए। तीन सप्ताह से अधिक समय तक चले गहन उपचार के बावजूद अगस्त में उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।
इलाज के दौरान जुटाए गए संकेतों को मिला जवाब
ओहाई रैप्टर सेंटर के कार्यकारी निदेशक क्रिस एकस्टीन के अनुसार, अंतिम जांच के निष्कर्षों ने उपचार के दौरान सामने आए कई संकेतों को समझने में मदद की। अलग-अलग विशेषज्ञों और प्रयोगशालाओं ने बीमारी की वजह पता लगाने में सहयोग किया। इस मामले में शुरुआती लक्षणों और अंतिम निष्कर्ष के बीच का अंतर महत्वपूर्ण है। उपचार के समय गंभीर एनीमिया जैसी समस्याएं स्पष्ट थीं, जबकि पोस्टमार्टम और अतिरिक्त परीक्षणों ने उनके पीछे मौजूद संक्रमण की भूमिका बताई। इस तरह अंतिम रिपोर्ट ने जैकी के स्वास्थ्य में लगातार गिरावट की अधिक स्पष्ट तस्वीर सामने रखी।
कैमरे ने दुनियाभर के लोगों को जोड़ा
जैकी का जन्म वर्ष 2012 में बिग बेयर वैली में दर्ज किया गया था। वर्ष 2015 में घोंसले पर लाइव कैमरा लगाए जाने के बाद लोगों को इन पक्षियों का जीवन करीब से देखने का अवसर मिला। वर्ष 2018 से दर्शक जैकी और शैडो को बच्चों की देखभाल करते देखते रहे। बर्फबारी, तेज हवा और दूसरे पक्षियों से घोंसले की रक्षा करने के उनके प्रयासों ने दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ा। लाइव प्रसारण में सफल प्रजनन के साथ अंडों और बच्चों को बचाने की चुनौतियां भी दिखाई देती थीं। जैकी की बीमारी के दौरान भी उसके प्रशंसक उपचार से जुड़े अपडेट का इंतजार करते रहे।
शैडो के बीमार होने का प्रमाण नहीं
अधिकारियों ने बताया कि कैमरे से उपलब्ध जानकारी में शैडो या बच्चों के बीमार होने का प्रमाण नहीं मिला है। संक्रमण फैलने की आशंका को देखते हुए जैकी के अवशेषों का निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार दाह संस्कार किया गया। जैकी की कहानी ने बड़ी संख्या में लोगों का ध्यान वन्यजीवों की ओर खींचा। उसकी मौत से जुड़े निष्कर्ष अब सामने आने के बाद उपचार के दौरान बनी अनिश्चितता भी कम हुई है। विशेषज्ञों के लिए यह मामला एक लोकप्रिय पक्षी की बीमारी का विवरण होने के साथ भविष्य में अन्य शिकारी पक्षियों की देखभाल को समझने का अवसर भी है।