क्लाउड सुरक्षा पर बढ़ा खतरा, चीन से जुड़े हैकरों ने AI का किया इस्तेमाल
नई दिल्ली। दुनिया भर में साइबर सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाने वाला मामला सामने आया है। माइक्रोसॉफ्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, चीन से जुड़े हैकर समूह ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित टूल का इस्तेमाल करके 2,250 से अधिक माइक्रोसॉफ्ट 365 क्लाउड एनवायरनमेंट में सेंध लगाने की कोशिश की। इस अभियान में हैकरों ने स्वचालित तकनीक की मदद से बड़ी संख्या में संगठनों के क्लाउड खातों तक पहुंचने का प्रयास किया। कुछ मामलों में हमलावरों को शुरुआती निशाना चुनने के तीन घंटे से भी कम समय में उच्च स्तर की पहुंच हासिल करने में सफलता मिली।साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के लिए यह घटना इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें AI एजेंटों का इस्तेमाल करके हमले की गति और व्यापकता बढ़ाई गई। हालांकि, 2,250 से अधिक क्लाउड एनवायरनमेंट को निशाना बनाने का अर्थ यह नहीं है कि सभी सिस्टम सफलतापूर्वक हैक हो गए थे। माइक्रोसॉफ्ट के मुताबिक, अभियान में अधिकांश प्रयास सफल नहीं हुए, लेकिन कुछ संगठनों के नेटवर्क में हमलावरों ने उच्च स्तरीय पहुंच स्थापित कर ली।
Storm-0940 समूह पर लगा आरोप
माइक्रोसॉफ्ट की थ्रेट इंटेलिजेंस टीम ने इस अभियान को चीन से जुड़े हैकर समूह Storm-0940 से जोड़ा है। रिपोर्ट के अनुसार, इस समूह ने ConnectWise नामक आईटी सेवा कंपनी के क्लाउड बैकअप एप्लिकेशन से संबंधित अनधिकृत पहुंच हासिल करने के बाद दूसरे संगठनों के क्लाउड एनवायरनमेंट में प्रवेश करने की कोशिश की।जांच के मुताबिक, हैकरों ने ARTEX नामक ओपन-सोर्स AI आधारित पेनिट्रेशन टेस्टिंग फ्रेमवर्क का इस्तेमाल किया। यह टूल सुरक्षा परीक्षण के लिए भी उपयोग किया जा सकता है, लेकिन इसे स्वचालित तरीके से नेटवर्क की जानकारी जुटाने, लॉगिन प्रयास करने और कुछ अन्य तकनीकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए कॉन्फिगर किया जा सकता है।माइक्रोसॉफ्ट के अनुसार, इस तकनीक ने हमलावरों को पारंपरिक तरीकों की तुलना में तेज गति से कई संगठनों को निशाना बनाने में मदद की।
एक मिनट में हजारों लॉगिन प्रयास
रिपोर्ट में सामने आया कि हैकर समूह ने एक मिनट में लगभग 2,900 लॉगिन प्रयासों की रफ्तार से गतिविधियां संचालित कीं। इस दौरान Microsoft 365 के 2,250 से अधिक ग्राहक एनवायरनमेंट को निशाना बनाने की कोशिश की गई। हमलावरों ने ConnectWise से जुड़ी क्लाउड एप्लिकेशन की पहचान और क्रेडेंशियल का दुरुपयोग किया, जिनके पास पहले से कुछ ग्राहक एनवायरनमेंट तक पहुंचने की अनुमति थी।इस तरीके से हमलावरों को हर बार किसी कर्मचारी से सीधे लॉगिन करवाने की जरूरत नहीं पड़ी। पहले से अधिकृत एप्लिकेशन की पहचान का इस्तेमाल कर वे क्लाउड सिस्टम में प्रवेश करने का प्रयास कर सकते थे। इससे सुरक्षा टीमों के लिए संदिग्ध गतिविधियों को समय रहते पहचानना और रोकना अधिक चुनौतीपूर्ण हो गया।
संवेदनशील डेटा और एडमिन अधिकारों पर खतरा
माइक्रोसॉफ्ट के मुताबिक, कुछ संगठनों के क्लाउड एनवायरनमेंट में हमलावरों ने उच्च स्तरीय अधिकार हासिल कर लिए। ऐसी पहुंच मिलने पर हमलावर यूजर अकाउंट, ग्रुप, एप्लिकेशन क्रेडेंशियल और प्रशासनिक भूमिकाओं में बदलाव करने की कोशिश कर सकते हैं।इन गतिविधियों का जोखिम केवल शुरुआती घुसपैठ तक सीमित नहीं रहता। यदि हमलावर अतिरिक्त क्रेडेंशियल बनाकर या अधिकारों में बदलाव करके अपनी पहुंच बनाए रखने में सफल हो जाते हैं, तो मूल सुरक्षा खामी को ठीक करने के बाद भी खतरा बना रह सकता है। इसलिए प्रभावित संगठनों के लिए क्लाउड लॉग की जांच करना और एप्लिकेशन की अनुमतियों की समीक्षा करना जरूरी है।
ConnectWise ने शुरू किए सुधारात्मक कदम
इस घटना के सामने आने के बाद ConnectWise ने प्रभावित क्लाउड सेवाओं को सुरक्षित करने के लिए कदम उठाए। कंपनी ने कुछ एप्लिकेशन पहचान को निष्क्रिय किया और अपनी सेवाओं को नियंत्रित तरीके से बहाल करने की प्रक्रिया शुरू की। माइक्रोसॉफ्ट ने ग्राहकों को ConnectWise इंटीग्रेशन की जांच करने, संदिग्ध लॉगिन गतिविधियों पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर संबंधित पहुंच को बंद रखने की सलाह दी।चीन के दूतावास ने साइबर हमलों में चीन की भूमिका से जुड़े आरोपों की वैधता पर सवाल उठाए हैं। ऐसे में Storm-0940 को लेकर माइक्रोसॉफ्ट का आकलन कंपनी की जांच पर आधारित आरोप है, न कि किसी सार्वजनिक न्यायिक फैसले का निष्कर्ष।
AI से बढ़ रही साइबर सुरक्षा की चुनौती
यह घटना दिखाती है कि AI आधारित तकनीक साइबर सुरक्षा के लिए दोहरी भूमिका निभा सकती है। सुरक्षा विशेषज्ञ इसी तरह के टूल का उपयोग अपनी प्रणालियों की कमजोरियां पहचानने के लिए कर सकते हैं, जबकि गलत हाथों में इनका इस्तेमाल बड़े पैमाने पर अनधिकृत गतिविधियों को तेज करने में हो सकता है।विशेषज्ञों के लिए प्रमुख चुनौती अब केवल पासवर्ड सुरक्षित रखना नहीं, बल्कि अधिकृत एप्लिकेशन की गतिविधियों, क्लाउड अनुमतियों और प्रशासनिक बदलावों की भी लगातार निगरानी करना है। नियमित सुरक्षा ऑडिट, बहु-स्तरीय प्रमाणीकरण, न्यूनतम आवश्यक अनुमतियां और संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत प्रतिक्रिया ऐसे हमलों से बचाव में मदद कर सकती हैं।