नई दिल्ली। यूरोपीय देश लिकटेंस्टीन के वंशानुगत राजकुमार और देश के कार्यवाहक राष्ट्राध्यक्ष अलोइस भारत की चार दिवसीय राजकीय यात्रा पर सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली पहुंचे। विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह यात्रा 25 से 28 अक्टूबर तक निर्धारित है। राजकुमार अलोइस अपनी पत्नी राजकुमारी सोफी, उच्चस्तरीय आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल और प्रमुख उद्योगपतियों वाले कारोबारी प्रतिनिधिमंडल के साथ भारत आए हैं। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत और लिकटेंस्टीन के बीच व्यापार, निवेश, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करना है।भारत सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर इस राजकीय यात्रा का आयोजन किया है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, दोनों देशों के बीच मैत्रीपूर्ण संबंध हैं और यह यात्रा द्विपक्षीय साझेदारी को नई दिशा देने का अवसर प्रदान करेगी।
राष्ट्रपति भवन में होगा औपचारिक स्वागत
यात्रा के कार्यक्रम के अनुसार, मंगलवार को राजकुमार अलोइस का राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत किया जाएगा। इसके बाद वह महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने के लिए राजघाट जाएंगे। दिन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय वार्ता निर्धारित है।विदेश मंत्रालय के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी और राजकुमार अलोइस व्यापार एवं निवेश, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, नवाचार और दोनों देशों के नागरिकों के बीच संपर्क बढ़ाने जैसे विषयों पर चर्चा करेंगे। इसके अलावा क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया जाएगा।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी करेंगे मुलाकात
राजकीय यात्रा के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी राजकुमार अलोइस से मुलाकात करेंगी। राष्ट्रपति उनके सम्मान में आधिकारिक भोज का आयोजन भी करेंगी।विदेश मंत्री एस. जयशंकर की भी राजकुमार अलोइस से मुलाकात निर्धारित है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी के भी उनसे मिलने का कार्यक्रम है। इन बैठकों के माध्यम से आर्थिक और द्विपक्षीय सहयोग से जुड़े विषयों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
व्यापार और निवेश पर रहेगा विशेष जोर
भारत और लिकटेंस्टीन के आर्थिक संबंधों को मजबूत करने में भारत-यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (EFTA) व्यापार एवं आर्थिक साझेदारी समझौते की महत्वपूर्ण भूमिका है। यह समझौता अक्टूबर 2025 में लागू हुआ था और इसका उद्देश्य भारत तथा EFTA देशों के बीच व्यापार एवं निवेश को बढ़ावा देना है।लिकटेंस्टीन EFTA के चार सदस्य देशों में शामिल है। इस समूह के अन्य सदस्य स्विट्जरलैंड, नॉर्वे और आइसलैंड हैं। भारत और EFTA के बीच समझौते से उद्योग, उच्च मूल्य विनिर्माण, उन्नत तकनीक और नवाचार आधारित क्षेत्रों में सहयोग के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
इसी साल फरवरी में भी आए थे भारत
राजकुमार अलोइस की यह वर्ष 2026 में भारत की दूसरी यात्रा है। इससे पहले वह फरवरी में नई दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट में शामिल होने आए थे। उस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनसे मुलाकात की थी और दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई थी।राजकीय यात्रा का समापन 28 अक्टूबर को होगा। इस दौरान होने वाली बैठकों से दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को आगे बढ़ाने और पारस्परिक हित के नए क्षेत्रों में साझेदारी विकसित करने की उम्मीद है।
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