काहिरा। दुनिया के कई हिस्सों में बढ़ते युद्ध और क्षेत्रीय तनाव के बीच संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस शनिवार, 24 अक्टूबर 2026 को मिस्र पहुंचे। इस दौरान उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से संघर्षों के विस्तार को रोकने, आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और शांति स्थापित करने के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज करने की अपील की। गुटेरेस ने चेतावनी दी कि दुनिया में जारी युद्ध केवल संबंधित देशों को ही प्रभावित नहीं कर रहे, बल्कि इनके कारण वैश्विक आर्थिक असमानता, महंगाई और मानवीय संकट भी लगातार गंभीर होते जा रहे हैं।संयुक्त राष्ट्र की ओर से 23 अक्टूबर को जारी जानकारी के अनुसार, गुटेरेस का शनिवार सुबह काहिरा पहुंचने का कार्यक्रम था। उनके दौरे का उद्देश्य क्षेत्रीय संकटों पर बातचीत और कूटनीतिक समाधान को बढ़ावा देना है।
युद्ध के विस्तार को रोकना जरूरी: गुटेरेस
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर अपने संदेश में कहा कि बढ़ते संघर्षों के बीच दुनिया को शांति की दिशा में ठोस कदम उठाने होंगे।उन्होंने नागरिकों की सुरक्षा और कूटनीतिक बातचीत के लिए अनुकूल राजनीतिक माहौल तैयार करने पर जोर दिया।गुटेरेस ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को युद्ध और हिंसा के बजाय संवाद, सहयोग और शांतिपूर्ण समाधान को प्राथमिकता देनी चाहिए। उनका मानना है कि सैन्य टकराव बढ़ने से समस्याएं अधिक जटिल होती हैं और इसका सबसे ज्यादा असर आम नागरिकों पर पड़ता है।
दुनिया में बढ़ती आर्थिक असमानता पर चिंता
संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने चेतावनी दी कि वैश्विक संघर्षों के परिणाम युद्ध प्रभावित क्षेत्रों से कहीं आगे तक पहुंच रहे हैं।उन्होंने कहा कि युद्धों के कारण ऊर्जा बाजार, अंतरराष्ट्रीय व्यापार, आपूर्ति श्रृंखलाएं और वित्तीय व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं। इससे खाद्य पदार्थों, ईंधन और आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर दबाव बढ़ रहा है।गुटेरेस के अनुसार, गरीब और विकासशील देशों की आबादी इन आर्थिक संकटों से सबसे ज्यादा प्रभावित होती है। कई देशों को कर्ज चुकाने और स्वास्थ्य तथा शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं पर खर्च करने के बीच कठिन फैसले लेने पड़ रहे हैं।
नागरिकों और बुनियादी ढांचे पर हमलों की निंदा
गुटेरेस ने युद्ध प्रभावित क्षेत्रों में नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है।उन्होंने कहा कि मध्य पूर्व, यूक्रेन और सूडान जैसे क्षेत्रों में जारी संघर्षों से आम लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है। अस्पताल, स्कूल, घर और ऊर्जा सुविधाओं जैसी महत्वपूर्ण नागरिक संरचनाएं भी हिंसा की चपेट में आ रही हैं।उन्होंने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के तहत नागरिकों और नागरिक प्रतिष्ठानों को जानबूझकर निशाना बनाना प्रतिबंधित है।संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने सभी पक्षों से संयम बरतने और अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान करने की अपील की।
मध्य पूर्व में शांति के लिए मिस्र की भूमिका अहम
गुटेरेस ने मध्य पूर्व के संकटों के समाधान में मिस्र की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि मिस्र क्षेत्रीय स्थिरता और कूटनीतिक बातचीत को आगे बढ़ाने में अहम योगदान दे सकता है।संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, सोमवार को गुटेरेस मिस्र के राष्ट्रपति, विदेश मंत्री और अरब लीग के महासचिव सहित वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात करेंगे।इन बैठकों में मध्य पूर्व की स्थिति के अलावा सूडान और लीबिया से जुड़े संकटों पर भी चर्चा होने की संभावना है।
गाजा में मानवीय संकट पर भी जताई चिंता
गुटेरेस ने गाजा में मानवीय सहायता की उपलब्धता और नागरिकों की सुरक्षा पर चिंता व्यक्त की।उन्होंने कहा कि प्रभावित आबादी तक आवश्यक खाद्य सामग्री और राहत सहायता पहुंचाना बेहद जरूरी है।उन्होंने अंतरराष्ट्रीय दानदाताओं से मानवीय सहायता बढ़ाने की अपील भी की। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, विश्व खाद्य कार्यक्रम को गाजा और वेस्ट बैंक में अगले छह महीनों की खाद्य सहायता के लिए लगभग 45 करोड़ डॉलर की आवश्यकता है।गुटेरेस ने इजरायल और फिलिस्तीन के बीच स्थायी शांति के लिए दो-राष्ट्र समाधान का समर्थन दोहराया।
कूटनीति और बातचीत से ही निकलेगा समाधान
संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने कहा कि बढ़ते संघर्षों को रोकने के लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति और अंतरराष्ट्रीय सहयोग आवश्यक है।उन्होंने दुनिया के देशों से आपसी मतभेदों को बातचीत के माध्यम से सुलझाने तथा प्रभावित लोगों को सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराने का आग्रह किया।उनका मिस्र दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब कई क्षेत्रों में युद्ध और राजनीतिक अस्थिरता के कारण वैश्विक शांति तथा आर्थिक स्थिरता के सामने गंभीर चुनौतियां बनी हुई हैं।