New Delhi: भारत में अर्जेंटीना के राजदूत मारियानो कौसिनो ने कहा कि नई दिल्ली की बढ़ती वैश्विक अहमियत के साथ-साथ दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंध लगातार बढ़ रहे हैं और अर्जेंटीना भारत के साथ अपने रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने के लिए तैयार है।
एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 17वें एग्रीकल्चर लीडरशिप समिट के दौरान अर्जेंटीना के राजदूत मारियानो कौसिनो ने कहा कि उनका देश भारत के साथ संबंध मजबूत करना जारी रखेगा।
राजदूत ने बताया, "अभी भारत हमारा छठा सबसे बड़ा आर्थिक साझेदार बन गया है। हमसे आगे सिर्फ़ अमेरिका, चीन और यूरोपीय संघ जैसी बड़ी अर्थव्यवस्थाएं और हमारे दो बड़े पड़ोसी देश ब्राज़ील और चिली हैं।"
2025 में दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंध लगभग 6 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गए।
उन्होंने बताया, "भारत के साथ संबंध भारत की उभरती वैश्विक अहमियत के साथ-साथ बढ़ रहे हैं।" उन्होंने आगे कहा, "यह देश इतनी तेज़ी से बढ़ रहा है कि आज यह दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक बन गया है।"
राजदूत कौसिनो ने कहा, "हमने 1950 में दिल्ली में अपना दूतावास स्थापित किया था। भारत की आज़ादी के तुरंत बाद भारत में रेजिडेंट एंबेसडर (स्थायी राजदूत) रखने वाले शुरुआती लैटिन अमेरिकी देशों में से हम एक थे।"
कौसिनो ने बताया, "हमारे दोनों देशों में लोकतंत्र और मानवीय गरिमा के प्रति सम्मान जैसी समान मूल्य-मान्यताएं हैं और हमने वैश्विक मंच पर, जैसे कि G20 सदस्यों के तौर पर, सहयोग किया है।"
"लेकिन हाल के वर्षों में, भारत और अर्जेंटीना ने अपने राष्ट्रीय हितों में समानता पाई है, जिसकी वजह वह आपसी पूरकता है जो हमारी दोनों अर्थव्यवस्थाओं को जोड़ती है।"
राजदूत ने कहा, "पिछले साल, 2025 में, अर्जेंटीना भारत को खाद्य तेल की आपूर्ति करने वाला मुख्य देश बन गया।"
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, राजदूत ने कुछ अहम उपलब्धियों का ज़िक्र किया, जैसे मुंबई में हमारे वाणिज्य दूतावास (Consulate General) का खुलना, एग्रीकल्चर अताशे (Agricultural Attache) के कार्यालय का गठन और द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक साझेदारी (Strategic Partnership) के स्तर तक ले जाना। राजदूत ने कहा, "भारत और दक्षिण अमेरिका के बीच मौजूदा रिश्ते और मजबूत होते रहेंगे, क्योंकि हमारे देश भारत के विकास के लक्ष्यों को पूरा करने में अहम योगदान दे सकते हैं। खासकर इसलिए भी क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार 2047 तक भारत को पूरी तरह विकसित देश बनाने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए काफी कोशिशें कर रही है।"
कॉसिनो ने कहा, "अर्जेंटीना अहम खनिजों और ऊर्जा जैसे प्रमुख क्षेत्रों में भारत के साथ और अधिक सहयोग कर सकता है, जैसा कि हम कृषि के क्षेत्र में पहले से ही कर रहे हैं।" उन्होंने यह भी कहा कि "अर्थव्यवस्था को खोलने और उसमें विविधता लाने के लिए सरकार की कोशिशों से उपभोक्ताओं को अच्छे नतीजे मिलेंगे और उन्हें ज़्यादा और बेहतर उत्पाद उपलब्ध होंगे।"
हालांकि अर्जेंटीना दुनिया का आठवां सबसे बड़ा देश है, लेकिन यहां की आबादी अपेक्षाकृत कम है (5 करोड़ से भी कम)। साथ ही, इस देश में बहुत कुशलता से कृषि उत्पाद पैदा करने की असाधारण क्षमता है।
प्रेस विज्ञप्ति में आगे कहा गया कि राजदूत ने कहा, "हम भले ही दूर हैं, लेकिन दुनिया के एक ऐसे शांतिपूर्ण इलाके में स्थित हैं जहां कोई बड़ा भू-राजनीतिक टकराव नहीं है। यह स्थिति हमें ऐसी दुनिया में खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने का मौका देती है जहां दुर्भाग्य से भू-राजनीतिक उथल-पुथल के बने रहने की आशंका है।"
उन्होंने कहा, "अर्जेंटीना और भारत मिलकर, अपनी साझा कृषि विरासत और विशेषज्ञता का इस्तेमाल करते हुए, टिकाऊ और भरोसेमंद तरीके से इनोवेशन और खाद्य सुरक्षा को बढ़ावा दे सकते हैं।"