न्यूयॉर्क: बच्चों और किशोरों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित चैटबॉट के संभावित नुकसान से बचाने के लिए अमेरिकी राज्य न्यूयॉर्क ने नया कानून बनाया है। गवर्नर कैथी होकुल ने 28 अक्टूबर को संबंधित विधेयक पर हस्ताक्षर किए। कानून के तहत 18 वर्ष से कम उम्र के उपयोगकर्ताओं के साथ बातचीत के दौरान चैटबॉट के कुछ निर्धारित असुरक्षित व्यवहारों पर रोक लगाई जाएगी। इनमें इंसान होने का आभास देना, नुकसानदेह व्यवहार को बढ़ावा देना और अनुचित बातचीत करना शामिल है। नए प्रावधान 1 जनवरी 2027 से प्रभावी होंगे। 
नए कानून का केंद्र बच्चों को उपलब्ध कराए जाने वाले एआई चैटबॉट के फीचर्स और उनका व्यवहार है। यह सभी चैटबॉट सेवाओं पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं लगाता। इसके बजाय कानून ऐसी विशेषताओं को नियंत्रित करता है, जिनसे नाबालिग उपयोगकर्ता को नुकसान पहुंचने या चैटबॉट पर अस्वस्थ भावनात्मक निर्भरता बनने की आशंका हो। संबंधित विधेयक में असुरक्षित एआई साथी सुविधाओं की 12 श्रेणियां निर्धारित की गई हैं। 
इन प्रावधानों के अंतर्गत आने वाले चैटबॉट बच्चों को यह विश्वास नहीं दिला सकेंगे कि वे वास्तविक इंसान हैं, जीवित हैं या मानवीय भावनाएं अनुभव करते हैं। बच्चे के साथ वास्तविक निजी संबंध होने का आभास देने वाली बातचीत भी प्रतिबंधों के दायरे में आएगी। इसका उद्देश्य एआई प्रणाली और मानवीय रिश्ते के बीच का अंतर स्पष्ट रखना है, ताकि कम उम्र के उपयोगकर्ता तकनीक की प्रकृति को लेकर भ्रमित न हों। आत्महत्या, खानपान से जुड़े नुकसानदेह व्यवहार और नशीले पदार्थों के दुरुपयोग को प्रोत्साहित करने वाले जवाबों पर भी रोक का प्रावधान है। बच्चों के साथ यौन रूप से स्पष्ट सामग्री वाली बातचीत और भरोसेमंद वयस्कों से बातें छिपाने के लिए प्रेरित करने जैसे व्यवहार भी इसके दायरे में हैं। बच्चों की सुरक्षा संबंधी सीमाओं से ऊपर उपयोगकर्ता को लगातार बातचीत में बनाए रखने को प्राथमिकता देने वाली सुविधाओं को भी नियंत्रित किया गया है। 
गवर्नर कैथी होकुल ने कानून पर हस्ताक्षर करते हुए कहा कि तेजी से विकसित हो रही एआई तकनीक के साथ बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देना जरूरी है। उनके अनुसार, कंपनियों को ऐसे चैटबॉट बच्चों तक नहीं पहुंचाने चाहिए, जो उन्हें नुकसानदेह व्यवहार के लिए प्रेरित करें या उनके दोस्त अथवा उससे अधिक निकट संबंध होने का दावा करें। गवर्नर कार्यालय ने इस कदम को बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा के लिए राज्य में पहले से किए जा रहे प्रयासों का विस्तार बताया है। 
उम्र निर्धारित करने की व्यवस्था भी कानून का महत्वपूर्ण हिस्सा है। संबंधित कंपनियों को उपयोगकर्ता की उम्र सुनिश्चित करने के लिए निर्धारित तरीकों का पालन करना होगा। नियम उपलब्ध न होने की स्थिति के लिए कानून में उचित उम्र सत्यापन व्यवस्था का प्रावधान है। इसमें एक से अधिक विकल्प देना और कम से कम ऐसा विकल्प उपलब्ध कराना शामिल है, जो सरकारी पहचान पत्र पर निर्भर न हो या सेवा संचालक के सामने उपयोगकर्ता की पहचान गुप्त रखने की सुविधा दे। उम्र की जांच के लिए जुटाई गई जानकारी का उपयोग उसी उद्देश्य तक सीमित रखने और आवश्यक कानूनी अपवादों को छोड़कर उसे तुरंत मिटाने का प्रावधान भी है। इस तरह बच्चों की सुरक्षा के साथ सत्यापन के दौरान एकत्र होने वाले निजी डेटा के इस्तेमाल को भी नियंत्रित किया गया है। कंपनियों के सामने सुरक्षित बातचीत सुनिश्चित करने और उपयोगकर्ता की निजता बनाए रखने, दोनों की जिम्मेदारी होगी। 
उल्लंघन की स्थिति में न्यूयॉर्क की अटॉर्नी जनरल कानूनी कार्रवाई कर सकेंगी। कानून में प्रति उल्लंघन अधिकतम 25,000 डॉलर के नागरिक जुर्माने सहित अन्य राहत मांगने की व्यवस्था है। इनमें अनुचित तरीके से प्राप्त डेटा को नष्ट करने के आदेश भी शामिल हो सकते हैं। राज्य के निवासियों की शिकायतों के लिए सार्वजनिक ऑनलाइन व्यवस्था बनाए रखने का प्रावधान भी किया गया है। 
नए कानून को बाल सुरक्षा के लिए काम करने वाले संगठन कॉमन सेंस मीडिया ने समर्थन दिया है। वहीं, तकनीकी उद्योग के संगठन टेक:एनवाईसी ने कुछ प्रावधानों की व्यापक भाषा पर चिंता जताई है। उद्योग संगठन का कहना है कि बच्चों को सुरक्षित रखने के प्रयास में पढ़ाई, कोडिंग और करियर की तैयारी में मदद करने वाले उपयोगी उपकरणों तक उनकी पहुंच प्रभावित नहीं होनी चाहिए। कानून में कुछ सीमित उद्देश्यों वाले उपकरणों के लिए अपवाद भी हैं। केवल ग्राहक सेवा, उत्पाद संबंधी जानकारी या संस्थान के आंतरिक कामकाज के लिए इस्तेमाल होने वाली प्रणालियों को निर्धारित शर्तों के साथ अलग रखा गया है। अब संबंधित कंपनियों को जनवरी से लागू होने वाले प्रावधानों के अनुरूप अपनी सेवाओं, उम्र सत्यापन और बच्चों से बातचीत के तरीकों की तैयारी करनी होगी।
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