New Delhi नई दिल्ली : इंजीनियरिंग सेक्टर की कंपनी आजाद इंजीनियरिंग के शेयरों ने शेयर बाजार में नया रिकॉर्ड बना दिया है। कंपनी के शेयर गुरुवार को अपने ऑल टाइम हाई स्तर पर पहुंच गए। भारी खरीदारी के चलते बीएसई पर आजाद इंजीनियरिंग के शेयर 10 फीसदी से ज्यादा की तेजी के साथ 2,476.45 रुपये के स्तर तक पहुंच गए।
शेयरों में आई इस तेजी के बाद कंपनी का बाजार पूंजीकरण यानी मार्केट कैप भी 16,000 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है। हेवी इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट इंडस्ट्री से जुड़ी यह कंपनी पिछले कुछ समय से निवेशकों के बीच चर्चा में बनी हुई है। बीते तीन महीनों में कंपनी के शेयरों में 47 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
आजाद इंजीनियरिंग में निवेश करने वालों में पूर्व भारतीय क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर का नाम भी शामिल है। सचिन ने कंपनी के शुरुआती चरण में निवेश किया था, जिसके बाद शेयरों में आई तेजी से उनके निवेश की वैल्यू कई गुना बढ़ गई।
सचिन का 5 करोड़ रुपये का निवेश बना 30 करोड़ से ज्यादा
रिपोर्ट के अनुसार, सचिन तेंदुलकर ने 6 मार्च 2023 को कंपनी के प्री-आईपीओ चरण में करीब 5 करोड़ रुपये का निवेश कर हिस्सेदारी खरीदी थी। इसके बाद कंपनी ने अपने शेयरों का स्प्लिट किया और बोनस शेयर भी जारी किए।
इन कॉरपोरेट बदलावों के बाद सचिन तेंदुलकर को आजाद इंजीनियरिंग का एक शेयर करीब 114.10 रुपये की लागत पर पड़ा। उनके पास कंपनी के लगभग 4,38,210 शेयर थे।
आजाद इंजीनियरिंग के शेयर 28 दिसंबर 2023 को शेयर बाजार में लिस्ट हुए थे। कंपनी के एनएसई पर लिस्टिंग वाले दिन ही शेयरों की कीमत बढ़ने से सचिन तेंदुलकर के 5 करोड़ रुपये के निवेश की वैल्यू बढ़कर करीब 31.55 करोड़ रुपये तक पहुंच गई थी।
अब कंपनी के शेयर 9 जुलाई 2026 को 2,476.45 रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए हैं। इस तेजी के बाद सचिन के शुरुआती निवेश की वैल्यू में और बड़ा इजाफा हुआ है।
क्या सचिन ने अब भी रखी है हिस्सेदारी?
हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि सचिन तेंदुलकर ने आजाद इंजीनियरिंग में अपनी हिस्सेदारी अभी तक बरकरार रखी है या फिर उन्होंने अपनी हिस्सेदारी बेच दी है। कंपनी में उनकी मौजूदा हिस्सेदारी को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
कंपनी के शेयरों में क्यों आई तेजी?
आजाद इंजीनियरिंग एयरोस्पेस, डिफेंस, एनर्जी और हेवी इंजीनियरिंग सेक्टर के लिए महत्वपूर्ण उपकरण तैयार करती है। कंपनी की मजबूत कारोबारी संभावनाओं और भविष्य के विकास को देखते हुए निवेशकों की दिलचस्पी इसके शेयरों में बढ़ी है।
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, कंपनी के मजबूत ऑर्डर बुक, इंडस्ट्री में बढ़ती मांग और विस्तार योजनाओं के कारण शेयरों में तेजी देखने को मिली है।
हालांकि, शेयर बाजार में निवेश हमेशा जोखिम के अधीन होता है। किसी भी कंपनी के शेयर में निवेश करने से पहले निवेशकों को कंपनी के प्रदर्शन, वैल्यूएशन और बाजार की स्थिति का अच्छी तरह विश्लेषण करना चाहिए।