New Delhi नई दिल्ली : शेयर बाजार में एयरोस्पेस सेक्टर से जुड़ा स्मॉलकैप स्टॉक Aequs इन दिनों निवेशकों के बीच चर्चा का केंद्र बना हुआ है। कंपनी के शेयरों में लगातार तेजी देखने को मिल रही है और गुरुवार को इसके शेयरों ने नया ऑल टाइम हाई स्तर छू लिया।
Aequs के शेयर लगातार तीसरे कारोबारी दिन बढ़त के साथ कारोबार करते हुए करीब 7 फीसदी की तेजी के साथ 274.39 रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए। इस तेजी के साथ कंपनी का बाजार पूंजीकरण यानी मार्केट कैप भी बढ़कर 18,400 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है।
कंपनी के शेयरों में पिछले कुछ दिनों से जबरदस्त खरीदारी देखने को मिल रही है। बीते तीन कारोबारी सत्रों में ही Aequs के शेयरों में 18 फीसदी से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई है। वहीं, पिछले करीब चार महीनों में इस शेयर ने निवेशकों को लगभग 140 फीसदी का रिटर्न दिया है।
ब्रोकरेज रिपोर्ट के बाद बढ़ी खरीदारी
Aequs के शेयरों में आई तेजी का बड़ा कारण प्रमुख ब्रोकरेज कंपनियों की सकारात्मक रिपोर्ट मानी जा रही है। IIFL कैपिटल और नुवामा ने कंपनी की भविष्य की संभावनाओं को देखते हुए इसके शेयर पर भरोसा जताया है।
IIFL कैपिटल ने Aequs को ‘Buy’ रेटिंग देते हुए इसका टारगेट प्राइस 320 रुपये प्रति शेयर तय किया है। ब्रोकरेज के अनुसार मौजूदा स्तर से शेयर में करीब 25 फीसदी तक की बढ़त की संभावना है।
वहीं, नुवामा ने कंपनी को लेकर और ज्यादा सकारात्मक रुख अपनाया है। ब्रोकरेज ने Aequs के लिए 444 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। यह मौजूदा शेयर भाव से करीब 73 फीसदी तक संभावित तेजी का संकेत देता है।
एयरोस्पेस सेक्टर में मजबूत पकड़
ब्रोकरेज के मुताबिक, Aequs भारत की एकमात्र ऐसी कंपनियों में शामिल है, जो एयरोस्पेस प्रिसिजन मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में वर्टिकली इंटीग्रेटेड मॉडल पर काम करती है। कंपनी दुनिया की कई बड़ी एयरोस्पेस कंपनियों को पार्ट्स की सप्लाई करती है।
Aequs के ग्राहकों में एयरबस, बोईंग, सफरान, हनीवेल और कॉलिन्स जैसी वैश्विक कंपनियां शामिल हैं। कंपनी एयरोस्पेस कारोबार के अलावा अब कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, खिलौने और कुकवेयर जैसे क्षेत्रों में भी अपना विस्तार कर रही है।
मजबूत ऑर्डर बुक से ग्रोथ की उम्मीद
नुवामा की रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी के पास करीब 889 मिलियन डॉलर यानी लगभग 7,600 करोड़ रुपये का मजबूत ऑर्डर बुक मौजूद है। ब्रोकरेज का मानना है कि यह ऑर्डर बुक आने वाले वर्षों में कंपनी की आय और कारोबार को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
रिपोर्ट में अनुमान जताया गया है कि वित्त वर्ष 2026 से 2029 के बीच कंपनी की आय में करीब 42 फीसदी की सालाना औसत वृद्धि हो सकती है। वहीं, EBITDA में करीब 84 फीसदी की सालाना औसत ग्रोथ का अनुमान लगाया गया है।
हालांकि, शेयर बाजार में किसी भी निवेश से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति, वैल्यूएशन और बाजार जोखिमों का ध्यान रखना जरूरी है। ब्रोकरेज के अनुमान भविष्य की संभावनाओं पर आधारित होते हैं और इनमें बदलाव संभव है।