नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 की दोपहर उस समय सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं, जब चेन्नई जाने वाली इंडिगो की एक उड़ान को धमकी मिलने की सूचना सामने आई। विमान उड़ान भरने की तैयारी में था, लेकिन धमकी से संबंधित संदेश मिलने के बाद उसे वापस पार्किंग बे में लाया गया। इसके बाद सुरक्षा अधिकारियों ने विमान को आइसोलेशन बे में भेजकर विशेष जांच कराने का फैसला किया। घटना के कारण उड़ान निर्धारित समय पर रवाना नहीं हो सकी।
जानकारी के अनुसार, धमकी इंडिगो की फ्लाइट संख्या 6E 6091 से संबंधित थी। यह विमान दिल्ली से चेन्नई के लिए रवाना होने वाला था। धमकी की सूचना मिलने के बाद सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किया गया और विमान की उड़ान रोक दी गई। अधिकारियों ने किसी तरह का जोखिम नहीं उठाते हुए विमान की गहन सुरक्षा जांच कराने का निर्णय लिया।
दोपहर 3:15 बजे रवाना होने वाली थी फ्लाइट
समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, इंडिगो की फ्लाइट 6E 6091 को शुक्रवार दोपहर लगभग 3:15 बजे दिल्ली हवाई अड्डे से उड़ान भरनी थी।इस उड़ान के लिए एयरबस ए321 नियो विमान निर्धारित किया गया था।विमान उड़ान भरने की तैयारियों के तहत पार्किंग स्थल से पीछे हट चुका था। इसी दौरान धमकी से संबंधित सूचना मिलने के बाद उड़ान को रोक दिया गया।विमान को पहले वापस बे में लाया गया। इसके बाद उसे विशेष सुरक्षा जांच के लिए अलग स्थान पर भेजने का फैसला लिया गया।इस घटना से निर्धारित उड़ान संचालन प्रभावित हुआ।
विमान के शौचालय में मिला संदिग्ध संदेश
इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण जानकारी विमान के शौचालय से जुड़ी सामने आई है।सूत्रों के अनुसार, विमान के एक शौचालय में धमकी भरा संदेश मिला था। संदेश में अंग्रेजी में लिखा था, 'Do not fly 6E 6091', यानी इस उड़ान को नहीं उड़ाया जाए।हालांकि, शुरुआती जानकारी में यह स्पष्ट नहीं हो सका कि संदेश किसी कागज पर लिखा गया था या शौचालय की दीवार पर।धमकी का संदेश किसने लिखा और वह विमान के अंदर कैसे पहुंचा, इसकी भी पुष्टि नहीं हुई है।ऐसे मामलों में सुरक्षा एजेंसियां धमकी के स्रोत और उसकी विश्वसनीयता का पता लगाने के लिए संबंधित परिस्थितियों की जांच करती हैं।
एयर ट्रैफिक कंट्रोल को मिली सूचना
रिपोर्ट के मुताबिक, एयर ट्रैफिक कंट्रोलर यानी एटीसी को विमान के संबंध में धमकी की सूचना मिली थी।इस जानकारी के बाद विमान को उड़ान भरने की अनुमति नहीं दी गई।सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों ने विमान को अलग स्थान पर भेजकर उसकी जांच कराने का निर्णय लिया।एयरपोर्ट पर किसी भी उड़ान से संबंधित धमकी मिलने की स्थिति में यात्रियों, चालक दल और हवाई अड्डे की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाती है।इसी कारण धमकी वास्तविक है या अफवाह, यह स्पष्ट होने से पहले भी आवश्यक सुरक्षा उपाय अपनाए जाते हैं।
क्या होता है आइसोलेशन बे?
हवाई अड्डों पर आइसोलेशन बे एक विशेष निर्धारित क्षेत्र होता है, जहां सुरक्षा संबंधी खतरे की आशंका वाले विमानों को अन्य विमानों और मुख्य टर्मिनल से अलग रखा जा सकता है।इसका उद्देश्य संभावित खतरे की स्थिति में यात्रियों, कर्मचारियों और हवाई अड्डे की अन्य गतिविधियों को सुरक्षित रखना होता है।
ऐसे क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियां विमान की विस्तृत जांच कर सकती हैं।धमकी की प्रकृति के अनुसार बम निरोधक दस्ते, विमानन सुरक्षा कर्मचारी और अन्य विशेषज्ञों की सहायता ली जा सकती है।जांच में विमान के अंदर मौजूद सामान, केबिन और अन्य आवश्यक हिस्सों की तलाशी शामिल हो सकती है।हालांकि, दिल्ली-चेन्नई उड़ान के मामले में जांच के सभी चरणों का विस्तृत आधिकारिक विवरण अभी सामने नहीं आया है।
यात्रियों की संख्या को लेकर जानकारी नहीं
धमकी के समय विमान में कितने यात्री मौजूद थे, इस संबंध में शुरुआती रिपोर्ट में कोई स्पष्ट आंकड़ा उपलब्ध नहीं था।यह भी पुष्टि नहीं हुई कि सभी यात्रियों को विमान से उतारा गया था या नहीं।विमान की सुरक्षा जांच पूरी होने, किसी संदिग्ध वस्तु के मिलने अथवा उड़ान को दोबारा रवाना करने के संबंध में भी आधिकारिक जानकारी की प्रतीक्षा थी।इंडिगो की ओर से घटना पर विस्तृत प्रतिक्रिया भी शुरुआती रिपोर्ट प्रकाशित होने तक सामने नहीं आई थी।इसलिए फिलहाल उड़ान के रद्द होने या यात्रियों को दूसरी उड़ान में भेजे जाने का दावा नहीं किया जा सकता।
बम की धमकी मिलने पर क्या होती है प्रक्रिया?
किसी विमान के संबंध में बम या अन्य सुरक्षा खतरे की सूचना मिलने पर संबंधित एजेंसियां निर्धारित सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन करती हैं।सबसे पहले धमकी से संबंधित उपलब्ध जानकारी का आकलन किया जाता है।इसके बाद आवश्यकता के अनुसार विमान को सुरक्षित स्थान पर भेजा जाता है।सुरक्षा टीम विमान और संबंधित सामान की जांच कर सकती है। जरूरत पड़ने पर यात्रियों तथा चालक दल के सदस्यों को भी सुरक्षित स्थान पर ले जाया जाता है।संबंधित सुरक्षा प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद ही विमान को आगे की उड़ान के लिए मंजूरी दी जाती है।इन प्रक्रियाओं का उद्देश्य खतरे की आशंका को दूर करना और हवाई यात्रा को सुरक्षित बनाए रखना है।
चार दिन पहले भी इंडिगो फ्लाइट को मिली थी धमकी
दिल्ली-चेन्नई उड़ान से पहले 19 अक्टूबर 2026 को चेन्नई से गोवा जाने वाली इंडिगो की फ्लाइट को भी बम की धमकी मिली थी।उस समय फ्लाइट संख्या 6E 588 को शाम 5:40 बजे रवाना होना था।धमकी मिलने के बाद विमान को आइसोलेशन बे में भेजा गया और यात्रियों को नीचे उतारकर सुरक्षा जांच की गई।जांच के दौरान कोई विस्फोटक नहीं मिला और विमान को आगे की उड़ान के लिए मंजूरी दे दी गई।सुरक्षा जांच के कारण उस उड़ान को लगभग पांच घंटे की देरी हुई थी।हालांकि, चेन्नई-गोवा और दिल्ली-चेन्नई की घटनाएं अलग-अलग हैं। दोनों के बीच किसी संबंध की पुष्टि नहीं हुई है।
धमकी के स्रोत का पता लगाना अहम
दिल्ली हवाई अड्डे पर सामने आई इस घटना में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि धमकी भरा संदेश किसने लिखा।यदि संदेश वास्तव में विमान के शौचालय में मिला था, तो उसकी उत्पत्ति और जिम्मेदार व्यक्ति की पहचान महत्वपूर्ण होगी।संबंधित सुरक्षा एजेंसियों के लिए घटना से जुड़े साक्ष्यों की जांच और धमकी की विश्वसनीयता का आकलन आवश्यक है।किसी भी धमकी को अफवाह घोषित करने से पहले जांच पूरी करना जरूरी होता है।
सुरक्षा जांच के बाद ही आगे की उड़ान संभव
धमकी के कारण विमान का समय पर रवाना नहीं हो पाना यात्रियों के लिए असुविधाजनक हो सकता है, लेकिन सुरक्षा संबंधी मामलों में सावधानी को प्राथमिकता दी जाती है।विमान की जांच पूरी होने और आवश्यक अनुमति मिलने के बाद ही उसे उड़ान के लिए तैयार किया जा सकता है।