नई दिल्ली : 30 अक्टूबर 2026। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 1 नवंबर को होने वाली INDIA गठबंधन की महारैली को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल और पार्टी सांसद पवन खेड़ा ने रामलीला मैदान पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान नेताओं ने मंच निर्माण, कार्यकर्ताओं के बैठने की व्यवस्था, प्रवेश द्वार, सुरक्षा प्रबंधन और अन्य सुविधाओं का निरीक्षण किया। विपक्षी गठबंधन की ओर से यह रैली मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आयोजित की जा रही है। कांग्रेस ने इस आयोजन को 'वोट बचाओ, देश बचाओ' अभियान से जोड़ा है।गुरुवार शाम रामलीला मैदान पहुंचीं प्रियंका गांधी वाड्रा ने आयोजन स्थल की तैयारियों की समीक्षा की। उनके साथ केसी वेणुगोपाल और पवन खेड़ा भी मौजूद रहे। नेताओं ने आयोजन की व्यवस्थाओं में जुटे पदाधिकारियों से जानकारी ली और बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए आवश्यक तैयारियों पर चर्चा की। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के निरीक्षण के बाद शुक्रवार को भी रामलीला मैदान में तैयारियां जारी रहीं।
रामलीला मैदान में विपक्षी दलों के प्रमुख नेताओं के लिए विशाल मंच तैयार किया जा रहा है। मंच के ऊपर तिरंगे के रंग वाला बड़ा तंबू लगाया गया है। इसके अतिरिक्त INDIA गठबंधन के विभिन्न घटक दलों के प्रतिनिधियों के लिए एक अन्य मंच बनाने की व्यवस्था की गई है। मैदान में बड़ी संख्या में कुर्सियां पहुंचाई गई हैं और लोगों के बैठने के लिए सफेद रंग के अतिरिक्त टेंट लगाए जा रहे हैं।आयोजन स्थल पर वाहनों के माध्यम से लगातार सामान पहुंचाया जा रहा है। कर्मचारी मंच, बैरिकेडिंग और अन्य अस्थायी संरचनाओं को तैयार करने में जुटे हुए हैं। प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग रास्तों की व्यवस्था की जा रही है, ताकि बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने पर अव्यवस्था न हो।कांग्रेस नेताओं ने बताया कि रैली में देश के विभिन्न राज्यों से पार्टी कार्यकर्ता और INDIA गठबंधन के समर्थक शामिल हो सकते हैं। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने रैली में 10 लाख से अधिक लोगों के शामिल होने की उम्मीद जताई है। हालांकि, यह आयोजकों का अनुमान है और वास्तविक उपस्थिति का पता कार्यक्रम के बाद ही चलेगा।
रैली की तैयारियों को लेकर कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन के नेताओं के बीच लगातार बैठकें हो रही हैं। इससे पहले 29 अक्टूबर को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर INDIA गठबंधन के नेताओं की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में रैली की रणनीति, मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रस्तावित प्रतीकात्मक विरोध कार्यक्रम पर चर्चा की गई।बैठक में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, केसी वेणुगोपाल और जयराम रमेश सहित विपक्षी दलों के कई प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, आम आदमी पार्टी, झारखंड मुक्ति मोर्चा, राष्ट्रीय जनता दल और वामपंथी दलों के प्रतिनिधि भी विपक्षी गठबंधन की तैयारियों में शामिल रहे हैं।लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने आम नागरिकों, विद्यार्थियों और सामाजिक संगठनों से रैली में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने इस आयोजन को संविधान और मतदान अधिकारों की रक्षा से संबंधित अभियान बताया है। कांग्रेस का कहना है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान कथित गड़बड़ियों को लेकर जनता के सामने अपनी बात रखना आवश्यक है।
विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर सवाल उठाते हुए उनके इस्तीफे की मांग की है। उनका आरोप है कि मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया में पात्र मतदाताओं के नाम प्रभावित होने की आशंका है। हालांकि, इन आरोपों को विपक्ष के राजनीतिक दावों के रूप में ही देखा जाना चाहिए। निर्वाचन आयोग का पक्ष है कि मतदाता सूचियों का पुनरीक्षण निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत किया जाता है।राहुल गांधी ने बताया है कि 1 नवंबर को दोपहर 12 बजे मिंटो रोड और कनॉट प्लेस के जंक्शन से 'चलो दिल्ली' मार्च शुरू होगा। यह मार्च रामलीला मैदान पहुंचेगा, जहां विपक्षी नेता रैली को संबोधित करेंगे। मुख्य कार्यक्रम सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित है।रैली को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने भी व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की तैयारी की है। कार्यक्रम स्थल और आसपास के इलाकों में लगभग 3,500 पुलिसकर्मियों की तैनाती की योजना है। इसके अतिरिक्त केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की सहायता भी ली जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था के तहत लगभग 200 से 250 सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं, जिससे पूरे आयोजन स्थल की निगरानी की जा सके।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, रामलीला मैदान के प्रवेश द्वारों पर मेटल डिटेक्टर और सामान की जांच करने वाले उपकरण लगाए जा रहे हैं। आयोजकों से कार्यक्रम में शामिल होने वाले प्रमुख अतिथियों, स्वयंसेवकों और प्रतिभागियों को लाने वाली बसों की जानकारी भी मांगी गई है।दिल्ली पुलिस ने आयोजकों को निर्धारित शर्तों का पालन करने के निर्देश दिए हैं। मैदान में रात के समय ठहरने की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा कार्यक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सांप्रदायिक सौहार्द को प्रभावित करने वाले भाषणों से बचने की हिदायत दी गई है।दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कांग्रेस को रामलीला मैदान में रैली आयोजित करने की अनुमति प्रदान की गई है। पुलिस के मुताबिक, सुरक्षा प्रबंधन पर चर्चा के बाद 25 अक्टूबर से 3 नवंबर तक आयोजन संबंधी तैयारियों के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी किया गया है।
इस बीच भाजपा ने कांग्रेस की रैली की तारीख को लेकर सवाल उठाए हैं। पार्टी ने 1 नवंबर को 1984 के सिख विरोधी दंगों की स्मृति से जोड़ते हुए कांग्रेस की आलोचना की है। भाजपा ने इसी दिन दिल्ली में अलग विरोध मार्च की योजना भी बनाई है। दूसरी ओर कांग्रेस का कहना है कि उसकी रैली का उद्देश्य चुनावी पारदर्शिता और मतदाता अधिकारों से जुड़े मुद्दों को उठाना है।रैली से पहले 30 अक्टूबर को प्रस्तावित मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विपक्ष का प्रतीकात्मक 'जन महाभियोग' कार्यक्रम बारिश के कारण स्थगित कर दिया गया। राहुल गांधी के अनुसार, यह कार्यक्रम अब 31 अक्टूबर को आयोजित किया जाएगा। यह संसदीय महाभियोग नहीं, बल्कि विपक्ष का राजनीतिक विरोध कार्यक्रम है।फिलहाल INDIA गठबंधन की महारैली को लेकर रामलीला मैदान में अंतिम तैयारियां चल रही हैं। कांग्रेस और उसके सहयोगी दल अधिक से अधिक कार्यकर्ताओं तथा समर्थकों की भागीदारी सुनिश्चित करने में जुटे हैं। अब सभी की नजर 1 नवंबर के आयोजन पर रहेगी, जहां विपक्षी नेता चुनावी प्रक्रिया और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर अपना पक्ष रखेंगे।
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