स्वतंत्रता दिवस पर ISI की साजिश का खतरा सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
15 अगस्त को लेकर बड़ा अलर्ट ISI के निशाने पर भारत
नई दिल्ली: 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस समारोह से पहले देश की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। खुफिया इनपुट के आधार पर सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई भारत में माहौल बिगाड़ने या किसी आतंकी वारदात को अंजाम देने की कोशिश कर सकती है। इसे देखते हुए देशभर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की जा रही है।
सुरक्षा एजेंसियों की चिंता सिर्फ बड़े महानगरों तक सीमित नहीं है। इनपुट में छोटे शहरों और संवेदनशील इलाकों को भी संभावित निशाना बनाए जाने की आशंका जताई गई है। ऐसे में स्थानीय पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाया जा रहा है।
बड़े शहरों के साथ छोटे शहरों पर भी नजर
स्वतंत्रता दिवस के दौरान आमतौर पर दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और अन्य बड़े शहरों में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए जाते हैं। हालांकि इस बार सुरक्षा एजेंसियां छोटे शहरों, भीड़भाड़ वाले बाजारों, रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों और सार्वजनिक स्थानों पर भी विशेष निगरानी रखने की तैयारी में हैं।
संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरों, स्थानीय खुफिया नेटवर्क और पुलिस गश्त को मजबूत किया जा रहा है। महत्वपूर्ण सरकारी प्रतिष्ठानों और सार्वजनिक कार्यक्रमों के आसपास भी सुरक्षा बढ़ाई जा सकती है।
आतंकी साजिश को लेकर सतर्कता
एजेंसियों को आशंका है कि भारत विरोधी तत्व स्वतंत्रता दिवस जैसे महत्वपूर्ण अवसर का इस्तेमाल दहशत फैलाने और लोगों में भय पैदा करने के लिए कर सकते हैं। इसलिए किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल जांच और सूचना साझा करने पर जोर दिया जा रहा है।
हालांकि, किसी संभावित हमले की पुष्टि या किसी विशेष स्थान को निश्चित तौर पर निशाना बनाए जाने की जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। सुरक्षा एजेंसियां एहतियाती कदमों के तहत संभावित खतरों का आकलन कर रही हैं।
सार्वजनिक स्थानों पर बढ़ेगी निगरानी
स्वतंत्रता दिवस से पहले रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट, बाजार, धार्मिक स्थल और अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सुरक्षा जांच बढ़ाई जा सकती है। पुलिस को संदिग्ध वस्तुओं या गतिविधियों की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए जा रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियों का फोकस यह सुनिश्चित करना है कि स्वतंत्रता दिवस समारोह शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो। लोगों से भी अपील की जा सकती है कि वे किसी संदिग्ध गतिविधि या लावारिस वस्तु को नजरअंदाज न करें और तुरंत स्थानीय पुलिस को इसकी जानकारी दें।
सोशल मीडिया पर भी नजर
सुरक्षा एजेंसियां सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों और भड़काऊ सामग्री पर भी नजर रख रही हैं। अधिकारियों का मानना है कि किसी भी संभावित सुरक्षा घटना के साथ अफवाहें तेजी से फैल सकती हैं, इसलिए गलत सूचना के प्रसार को रोकना भी सुरक्षा रणनीति का अहम हिस्सा है।
स्वतंत्रता दिवस को देखते हुए देशभर में सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस बलों की तैयारियां तेज हो गई हैं। फिलहाल सतर्कता को एहतियाती कदम के तौर पर देखा जा रहा है, ताकि किसी भी संभावित खतरे से समय रहते निपटा जा सके।