लखीसराय। जिले में जमीन की मापी के लिए लंबे समय से इंतजार कर रहे लोगों को अब राहत मिलने की उम्मीद है। भूमि मापी से संबंधित लंबित आवेदनों के तेजी से निष्पादन के लिए जिला प्रशासन ने विशेष अभियान शुरू किया है। जिलाधिकारी ने जिले के सभी सात अंचलों में 17 अतिरिक्त सर्वेक्षण अमीनों की प्रतिनियुक्ति की है। इन अमीनों को लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने की जिम्मेदारी दी गई है।

जिलाधिकारी कार्यालय से 23 सितंबर को जारी आदेश के अनुसार जिले में वर्तमान में जमीन मापी से संबंधित कुल 1,168 आवेदन लंबित हैं। बड़ी संख्या में आवेदन लंबित होने के कारण आवेदकों को अपनी जमीन की मापी के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ रहा था। इसी समस्या को देखते हुए अतिरिक्त अमीनों को अंचलों में भेजने का निर्णय लिया गया है।

प्रतिनियुक्त किए गए सभी 17 सर्वेक्षण अमीन 24 सितंबर से 23 अक्टूबर तक संबंधित अंचलों में काम करेंगे। इस एक महीने की अवधि में अधिक से अधिक लंबित मापी मामलों का निष्पादन करने का लक्ष्य रखा गया है।

एक महीने तक चलेगा विशेष अभियान

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के निर्देश के आलोक में जिले में विशेष भूमि मापी अभियान चलाया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य पुराने और लंबित आवेदनों की संख्या को तेजी से कम करना है।

अभियान के दौरान अतिरिक्त अमीन संबंधित अंचल के नियमित कर्मचारियों के साथ समन्वय बनाकर मापी का काम करेंगे। प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि लंबित आवेदनों को तेजी से निपटाया जाए, ताकि आम लोगों को बार-बार अंचल कार्यालयों का चक्कर न लगाना पड़े।

भूमि की मापी राजस्व प्रशासन से जुड़ी महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। जमीन की वास्तविक सीमा निर्धारित करने, आपसी सीमा विवाद सुलझाने और कई अन्य राजस्व कार्यों में मापी की जरूरत पड़ती है। मामलों की संख्या अधिक होने और उपलब्ध अमीनों पर कार्यभार बढ़ने से कई बार आवेदनों के निष्पादन में देरी होती है।

1,168 आवेदन अभी लंबित

जिला प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार, सातों अंचलों को मिलाकर जमीन मापी के 1,168 आवेदन लंबित हैं। इन आवेदनों को जल्द निपटाने के लिए ही अतिरिक्त मानव संसाधन उपलब्ध कराया गया है।

17 अतिरिक्त सर्वेक्षण अमीनों की प्रतिनियुक्ति से मापी की गति बढ़ने की उम्मीद है। अलग-अलग अंचलों में लंबित मामलों की संख्या और आवश्यकता को देखते हुए अमीनों को जिम्मेदारी दी गई है।

अभियान की समयसीमा भी तय कर दी गई है। 24 सितंबर से शुरू होने वाला विशेष अभियान 23 अक्टूबर तक चलेगा। इस दौरान प्रशासन का ध्यान पुराने मामलों के निष्पादन पर रहेगा।

हर अमीन को सप्ताह में कम से कम 20 मापी का निर्देश

विशेष अभियान को प्रभावी बनाने के लिए प्रशासन ने अमीनों के लिए कार्य लक्ष्य भी निर्धारित किया है। प्रत्येक अमीन को हर सप्ताह न्यूनतम 20 मापी कार्य पूरा करने का निर्देश दिया गया है।

इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रतिनियुक्ति केवल कागजी प्रक्रिया तक सीमित न रहे, बल्कि जमीन पर लंबित मामलों का वास्तविक रूप से तेजी से निष्पादन हो।

अमीनों को आवेदनों के आधार पर संबंधित जमीन पर पहुंचकर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार मापी करनी होगी। इस दौरान जमीन के दस्तावेज और उपलब्ध राजस्व अभिलेखों के आधार पर मापी की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

प्रशासन द्वारा साप्ताहिक लक्ष्य तय किए जाने से अभियान की प्रगति की निगरानी करना भी आसान होगा। इससे यह पता लगाया जा सकेगा कि निर्धारित समय के दौरान कितने मामलों का निष्पादन हुआ और कितने आवेदन बाकी रह गए।

एक महीने में 609 मापी का लक्ष्य

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने विशेष अभियान के दौरान एक महीने में कुल 609 मापी कार्य पूरे करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। जिले में कुल 1,168 आवेदन लंबित हैं, ऐसे में लक्ष्य पूरा होने पर लंबित मामलों की संख्या में उल्लेखनीय कमी आ सकती है।

इसके लिए अतिरिक्त अमीनों के साथ संबंधित अंचल प्रशासन को भी सक्रिय रहने की जरूरत होगी। मापी के लिए तारीख तय करने, आवेदकों को सूचना देने और जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराने जैसे कार्य समय पर होने से निर्धारित लक्ष्य हासिल करने में मदद मिलेगी।

विशेष अभियान के तहत प्राथमिकता ऐसे आवेदनों को दी जा सकती है जो लंबे समय से लंबित हैं। हालांकि मामलों के निष्पादन का क्रम संबंधित प्रशासनिक प्रक्रिया के अनुसार तय किया जाएगा।

जमीन विवाद के मामलों में मिल सकती है राहत

भूमि मापी में देरी होने से कई बार जमीन की सीमा से जुड़े विवाद भी लंबे समय तक बने रहते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के साथ शहरी और अर्धशहरी क्षेत्रों में भी जमीन की सीमा को लेकर विवाद सामने आते रहते हैं।

मापी पूरी होने के बाद संबंधित जमीन की वास्तविक स्थिति और सीमा को राजस्व रिकॉर्ड के आधार पर स्पष्ट करने में सहायता मिलती है। इससे जमीन से जुड़े कई मामलों में आगे की प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी करने का रास्ता खुलता है।

अतिरिक्त अमीनों की तैनाती से उन आवेदकों को विशेष राहत मिलने की उम्मीद है, जो आवेदन देने के बाद काफी समय से मापी की तारीख का इंतजार कर रहे हैं।

सातों अंचलों में तेज होगा काम

जिलाधिकारी के आदेश के बाद जिले के सभी सात अंचलों में मापी के लंबित मामलों पर विशेष रूप से काम किया जाएगा। अतिरिक्त 17 अमीनों की उपलब्धता से नियमित अमीनों पर पड़ने वाला अतिरिक्त दबाव भी कम होने की संभावना है।

अंचल स्तर पर संबंधित अधिकारियों को प्रतिनियुक्त अमीनों से समन्वय स्थापित कर मापी कार्य तेजी से कराने की जिम्मेदारी होगी। तय समय में अधिकतम मामलों का निष्पादन प्रशासन की प्राथमिकता रहेगी।

विशेष अभियान के दौरान किए गए कार्यों की प्रगति पर भी नजर रखी जाएगी। प्रत्येक अमीन के लिए सप्ताह में न्यूनतम 20 मापी का लक्ष्य होने से काम की नियमित समीक्षा संभव होगी।

23 अक्टूबर तक चलेगा अभियान

जिला प्रशासन की ओर से जारी आदेश के मुताबिक अतिरिक्त अमीनों की प्रतिनियुक्ति 23 अक्टूबर तक प्रभावी रहेगी। यानी प्रशासन के पास लगभग एक महीने का समय होगा, जिसमें 609 मापी का निर्धारित लक्ष्य पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।

अभियान सफल होने पर जिले में लंबित 1,168 आवेदनों में से बड़ी संख्या का निष्पादन हो सकेगा। इससे आम लोगों को जमीन की मापी के लिए लंबे समय तक इंतजार करने की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है।

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के निर्देश पर शुरू किए जा रहे इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य जमीन मापी की प्रक्रिया में तेजी लाना और लंबित आवेदनों का बोझ कम करना है। 17 अतिरिक्त सर्वेक्षण अमीनों की तैनाती के बाद अब सातों अंचलों में 24 सितंबर से मापी का काम तेज होने की उम्मीद है।

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