समस्तीपुर। बिहार के समस्तीपुर जिले में एक लड़की के साथ कथित अभद्र व्यवहार का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। समस्तीपुर के पुलिस अधीक्षक अरबिंद प्रताप सिंह ने गुरुवार को बताया कि वीडियो पुलिस के संज्ञान में आने के करीब छह घंटे के भीतर आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। घटना कर्पूरीग्राम थाना क्षेत्र के जगतसिंहपुर गांव के पास बांध से लगी सड़क की बताई गई है।पुलिस के मुताबिक, 23 सितंबर की रात सोशल मीडिया की निगरानी के दौरान यह वीडियो सामने आया था। वीडियो में तीन-चार लोग एक लड़की के साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार करते दिखाई दे रहे थे। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने वीडियो की तकनीकी जांच शुरू की और स्थानीय सूत्रों की मदद से घटनास्थल की पहचान की।SP अरबिंद प्रताप सिंह ने पत्रकारों को बताया कि पुलिस लगातार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर निगरानी रखती है। इसी दौरान वीडियो पुलिस के संज्ञान में आया। इसके बाद रात में ही जांच शुरू कर दी गई। पुलिस ने वीडियो की सत्यता, उसमें दिखाई दे रहे लोगों और घटनास्थल की पहचान करने के लिए तकनीकी जांच का सहारा लिया।
जगतसिंहपुर के पास हुई घटना
पुलिस की जांच में घटनास्थल की पहचान कर्पूरीग्राम थाना क्षेत्र के जगतसिंहपुर गांव स्थित बांध के पास की सड़क के रूप में हुई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक घटना करीब एक सप्ताह पुरानी बताई जा रही है, जबकि इसका वीडियो 23 सितंबर की शाम सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हुआ।पुलिस का कहना है कि वीडियो में दिखाई दे रही लड़की प्रथमदृष्टया नाबालिग प्रतीत होती है। हालांकि उसकी पहचान और उम्र से संबंधित तथ्यों की पुष्टि मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS), पॉक्सो एक्ट और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत कर्पूरीग्राम थाने में केस दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
छह घंटे में चार आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने वीडियो की तकनीकी जांच और स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के आधार पर चार लोगों की पहचान की। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विकास कुमार, राहुल कुमार, रामबाबू सहनी और अवधेश पासवान के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार विकास, राहुल और रामबाबू जगतसिंहपुर गांव के रहने वाले हैं, जबकि अवधेश पासवान बिजौलिया गांव का निवासी है।SP ने बताया कि वीडियो संज्ञान में आने के बाद विशेष टीम ने आरोपियों की तलाश शुरू की। विभिन्न स्थानों पर छापेमारी के बाद करीब छह घंटे के भीतर चारों को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और घटना में उनकी अलग-अलग भूमिका की जांच की जा रही है।
वीडियो वाला मोबाइल भी जब्त
पुलिस जांच में एक मोबाइल फोन भी महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में सामने आया है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में से एक के मोबाइल में संबंधित वीडियो मिला है। फोन को जब्त कर लिया गया है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वीडियो किसने बनाया, सबसे पहले किसे भेजा गया और इसके बाद वह सोशल मीडिया पर कैसे प्रसारित हुआ।पुलिस के मुताबिक, संबंधित मोबाइल से वीडियो किसी अन्य व्यक्ति को भेजे जाने की जानकारी मिली है। अब डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर वीडियो के प्रसार की पूरी कड़ी की जांच की जा रही है।
पीड़िता की पहचान सार्वजनिक नहीं करने की अपील
समस्तीपुर पुलिस ने लोगों से पीड़िता की पहचान उजागर करने वाली किसी भी तस्वीर, वीडियो या जानकारी को सोशल मीडिया पर साझा नहीं करने की अपील की है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि संवेदनशील और आपत्तिजनक सामग्री को अपलोड या प्रसारित करना भी कानूनी कार्रवाई का आधार बन सकता है।नाबालिग से जुड़े मामलों में पीड़ित की पहचान की गोपनीयता कानून द्वारा संरक्षित होती है। ऐसे में पुलिस सोशल मीडिया यूजर्स से वीडियो को आगे प्रसारित न करने और जांच से संबंधित कोई उपयोगी जानकारी होने पर सीधे पुलिस को देने की अपील कर रही है।
सोशल मीडिया मॉनिटरिंग से मिली जानकारी
इस मामले में सोशल मीडिया मॉनिटरिंग की भूमिका महत्वपूर्ण रही। पुलिस के अनुसार वीडियो तेजी से विभिन्न प्लेटफॉर्म पर शेयर किया जा रहा था। जैसे ही मामला पुलिस के संज्ञान में आया, तकनीकी टीम को इसकी जांच में लगाया गया और स्थानीय स्तर पर भी जानकारी जुटाई गई।घटनास्थल की पहचान होने के बाद पुलिस ने वीडियो में नजर आ रहे लोगों को चिह्नित करना शुरू किया। इसके बाद छापेमारी कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
मामले की जांच जारी
फिलहाल पुलिस पीड़िता की पहचान की पुष्टि करने, उसकी उम्र का सत्यापन करने और घटना की परिस्थितियों को स्पष्ट करने में जुटी है। इसके साथ ही वीडियो बनाने और उसे वायरल करने वाले लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।पुलिस का कहना है कि अभी जांच जारी है और आरोपों की पूरी परिस्थितियां जांच के बाद स्पष्ट होंगी। गिरफ्तार किए गए चारों लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार आगे की प्रक्रिया की जा रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे मामले से संबंधित संवेदनशील वीडियो को आगे साझा न करें और पीड़िता की गोपनीयता बनाए रखें।