Mahasamund. महासमुंद। खरीफ मौसम को ध्यान में रखते हुए महासमुंद विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत परसदा में आज आयोजित जन चौपाल कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा मुख्य अतिथि थे। उन्होंने किसानों को उड़द बीज किट का वितरण किया। इस अवसर पर किसानों को उन्नत एवं टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने, फसल विविधीकरण तथा शासन की विभिन्न किसान हितैषी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा ने कहा कि राज्य एवं केंद्र सरकार किसानों की आय बढ़ाने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। उन्होंने किसानों से परंपरागत खेती के साथ-साथ दलहन, तिलहन एवं अन्य नकदी फसलों का उत्पादन बढ़ाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि धान के साथ फसल विविधीकरण अपनाने से भूमि की उर्वरता बनी रहती है, उत्पादन लागत कम होती है तथा किसानों को बेहतर आर्थिक लाभ प्राप्त होता है। उन्होंने किसानों से शासन की योजनाओं का अधिकतम लाभ लेने तथा आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने की अपील की।
कार्यक्रम में विधायक श्री सिन्हा ने किसानों को खरीफ फसल प्रबंधन, उन्नत कृषि तकनीकों एवं विभागीय योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने किसानों को एग्रीस्टैक पंजीयन कराने के लिए प्रेरित करते हुए बताया कि भविष्य में विभिन्न शासकीय योजनाओं एवं कृषि सेवाओं का लाभ डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराने में यह महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के पात्र किसानों को समय पर पंजीयन एवं आवश्यक दस्तावेज अद्यतन कराने की सलाह दी। साथ ही मृदा स्वास्थ्य परीक्षण कराने का आग्रह करते हुए कहा कि मिट्टी की जांच के आधार पर संतुलित उर्वरकों का उपयोग करने से उत्पादन बढ़ता है और लागत में कमी आती है।
कृषि विभाग के कृषि विस्तार अधिकारी अल्का सोनी ने किसानों को जैविक खेती अपनाने, रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर विशेष बल दिया। उन्होंने वर्तमान मौसम परिस्थितियों एवं अल नीनो के संभावित प्रभावों की जानकारी देते हुए किसानों को मौसम आधारित कृषि प्रबंधन अपनाने की सलाह दी। अन्य कृषि विशेषज्ञों ने कहा कि बदलती जलवायु परिस्थितियों को देखते हुए धान के साथ-साथ उड़द, मूंग, अरहर, तिल, सोयाबीन एवं अन्य दलहन-तिलहन फसलों का रकबा बढ़ाना समय की आवश्यकता है।
कार्यक्रम में किसानों को जिले में खाद एवं प्रमाणित बीज की पर्याप्त उपलब्धता की जानकारी देते हुए आवश्यकतानुसार कृषि सेवा केंद्रों से सामग्री प्राप्त करने की अपील की गई। साथ ही विभागीय अधिकारियों ने कृषि विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं, तकनीकी मार्गदर्शन एवं कृषि विस्तार सेवाओं की भी जानकारी प्रदान की। जन चौपाल में बड़ी संख्या में ग्रामीण किसान, जनप्रतिनिधि, कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।